विटामिन B12 की कमी क्यों बढ़ रही? जानें कारण, लक्षण और बचाव
विटामिन B12 की कमी क्यों बढ़ रही? जानें कारण, लक्षण और बचाव
शाकाहारी आहार, दवाएं और उम्र बढ़ने से खतरा; 40% भारतीय प्रभावित
भारत में विटामिन B12 की कमी एक बड़ी स्वास्थ्य समस्या बनती जा रही है। AIIMS दिल्ली की रिपोर्ट के अनुसार 40% से ज्यादा लोग इसकी कमी से जूझ रहे हैं। लाल रक्त कोशिकाओं, नर्व सिस्टम और DNA निर्माण के लिए जरूरी B12 की कमी से थकान, एनीमिया, स्मृति हानि तक हो सकती है। लेकिन क्यों हो रही है यह कमी? डॉक्टरों ने मुख्य कारण बताए।
मुख्य कारण:
शाकाहारी/वीगन आहार: B12 मुख्य रूप से मांस, मछली, अंडा, दूध में पाया जाता है। 90% शाकाहारी भारतीयों में कमी। प्लांट बेस्ड फूड में B12 नहीं।
आंतों की समस्या: क्रोहन, सीलियक रोग या सर्जरी से B12 अवशोषण कम। परनीशियस एनीमिया में शरीर एंटीबॉडी बनाता है।
दवाएं: मेटफॉर्मिन (डायबिटीज), प्रोटॉन पंप इनहिबिटर (एसिडिटी) लंबे समय से लेने पर कमी।
उम्र बढ़ना: 50+ उम्र में पेट में एसिड कम, B12 अलग नहीं हो पाता।
गर्भावस्था/स्तनपान: जरूरत बढ़ती है।
लक्षण:
थकान, कमजोरी
हाथ-पैर सुन्न
याददाश्त कमजोर
जीभ लाल, मुंह के छाले
डिप्रेशन
बचाव के उपाय:
डाइट: दूध, दही, पनीर, अंडा। फोर्टिफाइड सीरियल, न्यूट्रीला मिल्क।
सप्लीमेंट: डॉक्टर की सलाह पर 1000 mcg सायनोकोबालामिन।
टेस्ट: सीरम B12 लेवल (<200 pg/mL कमी)।
डॉक्टर की सलाह:
AIIMS न्यूरोलॉजिस्ट: “शाकाहारी हर 6 महीने टेस्ट कराएं। इंजेक्शन तेज राहत देते हैं।” अब कमी को नजरअंदाज न करें!
