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रात भर रखे गूंथे हुए आटे का उपयोग करना कितना सही? डायटीशियन ने बताया

रात भर रखे गूंथे हुए आटे का उपयोग करना कितना सही? डायटीशियन ने बताया

रसोईघर की एक आम आदत—रात को आटा गूंथकर फ्रिज में रख देना और सुबह उसी से रोटी या परांठा बनाना—कई घरों में प्रचलित है। लेकिन क्या यह आदत सेहत के लिए पूरी तरह सुरक्षित है? हाल ही में डायटीशियन भावेश गुप्ता ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर इस मुद्दे पर खुलकर बात की, जिसमें उन्होंने बताया कि रात भर रखे आटे का उपयोग सीमित समय तक तो ठीक है, लेकिन ज्यादा देर तक रखना नुकसानदेह हो सकता है। आइए जानें विज्ञान, आयुर्वेद और विशेषज्ञों की राय से इसकी सच्चाई।

डायटीशियन भावेश गुप्ता का मत: सीमित समय तक सुरक्षित, लेकिन सावधानी जरूरी

डायटीशियन भावेश गुप्ता (@diettubeindia) ने अपनी रील में कहा, “घरों में हम बचा हुआ आटा रात भर फ्रिज में रखते हैं और अगले दिन फिर से इस्तेमाल करते हैं। लेकिन क्या ये गूंथा हुआ आटा उपयोग करने के कुछ नुकसान भी हो सकते हैं?” उनके अनुसार, आटे को 4 डिग्री सेल्सियस के तापमान पर फ्रिज में रखने से सूक्ष्मजीवों (माइक्रोब्स) की ग्रोथ काफी धीमी हो जाती है। अगर आटे को साफ एयरटाइट कंटेनर में रखा जाए, तो 8 से 12 घंटे तक इसका उपयोग सुरक्षित है। लेकिन 12 घंटे के बाद आटे का स्वाद, रंग और गंध बदलने लगती है, जो इसके खराब होने की निशानी है।

मुंबई के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल की डायटीशियन फौजिया अंसारी भी सहमत हैं। उन्होंने कहा, “बचा हुआ गूंथा आटा बहुत देर तक कमरे के तापमान पर रखने से बैक्टीरिया बढ़ सकते हैं, लेकिन फ्रिज में ठीक से स्टोर करने पर 8-12 घंटे तक कोई समस्या नहीं।”

सेहत पर क्या असर पड़ता है? विशेषज्ञों के अनुसार नुकसान

अगर रात भर (या 12 घंटे से ज्यादा) रखे आटे का उपयोग किया जाए, तो ये समस्याएं हो सकती हैं:

– पाचन संबंधी दिक्कतें: फ्रिज में रखे आटे में हानिकारक रासायनिक रिएक्शन होते हैं, जिससे मायकोटॉक्सिन (फफूंद से पैदा होने वाले टॉक्सिन) बढ़ सकते हैं। इससे एसिडिटी, अपच, पेट दर्द और फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है।

– पोषक तत्वों की कमी: ताजे आटे में मौजूद विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर समय के साथ कम हो जाते हैं। बासी आटे की रोटी खाने से थकान, कमजोरी और पोषण की कमी हो सकती है।

– फूड पॉइजनिंग का जोखिम: ज्यादा देर रखने से ग्लूटेन की मात्रा बढ़ जाती है, जो पाचन तंत्र को प्रभावित करती है। गर्मियों में यह जोखिम और ज्यादा होता है।

– अन्य खतरे: न्यूट्रिशनिस्ट दीप्ति खाटूजा के मुताबिक, खुला आटा रखने से बैक्टीरिया का विकास तेज होता है, जो फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।

न्यूट्रिशनिस्टों की सलाह है: हमेशा ताजे आटे का उपयोग करें। अगर स्टोर करना ही पड़े, तो एयरटाइट कंटेनर में रखें और फ्रिज से निकालने के बाद 15-20 मिनट कमरे के तापमान पर रखकर गूंथ लें, ताकि यह सख्त न हो।

धार्मिक और आयुर्वेदिक नजरिया: अशुभ क्यों माना जाता है?

हिंदू परंपराओं में रात को आटा गूंथकर रखना अशुभ माना जाता है। ग्रंथों के अनुसार, गूंथा आटा पिंडदान के पिंड जैसा दिखता है, जो नकारात्मक शक्तियों को आकर्षित करता है। आयुर्वेद में इसे ‘बासी’ भोजन की श्रेणी में रखा गया है, जो दोषों (वात, पित्त, कफ) को बढ़ाता है। पितृ पक्ष जैसे अवसरों पर तो इसे पूरी तरह वर्जित माना जाता है।

सही स्टोरेज टिप्स: आटे को ताजा कैसे रखें?

– समय सीमा: अधिकतम 8-12 घंटे फ्रिज में।

– कंटेनर: साफ, एयरटाइट स्टील या प्लास्टिक का डिब्बा इस्तेमाल करें।

– तापमान: फ्रिज का तापमान 4°C रखें।

– विकल्प: रात को आटा गूंथने की बजाय सुबह ताजा गूंथें। अगर कामकाजी हैं, तो आटा गूंथते समय ज्यादा नमक या तेल मिलाकर रखें—यह बैक्टीरिया को रोकता है।

– चेक करें: उपयोग से पहले आटे की गंध और बनावट जांचें। अगर खट्टा या फूलने लगे, तो फेंक दें।

डायटीशियन गुप्ता की सलाह: “ताजा आटे की रोटी ही सबसे पौष्टिक होती है। आदत बदलें, सेहत सुधारें।” यह छोटी सी सावधानी आपके परिवार की सेहत को बड़ा फायदा पहुंचा सकती है।

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