Ola-Uber की मनमानी पर लगाम: सरकार की ‘भारत टैक्सी’ से ड्राइवरों को फायदा, 0% कमीशन और सस्ता किराया
Ola-Uber की मनमानी पर लगाम: सरकार की ‘भारत टैक्सी’ से ड्राइवरों को फायदा, 0% कमीशन और सस्ता किराया
ओला-उबर जैसी प्राइवेट कैब कंपनियों की मनमानी—जैसे सरप्राइज सरचार्ज, कैंसिलेशन फीस और ऊंचा कमीशन—से तंग यात्रियों और ड्राइवरों के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सहकारिता मंत्रालय और नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) ने मिलकर ‘भारत टैक्सी’ नाम से देश की पहली सहकारी (कोऑपरेटिव) टैक्सी सर्विस लॉन्च की है। यह ऐप-बेस्ड प्लेटफॉर्म ओला-उबर को कड़ी टक्कर देगा, जहां ड्राइवरों को 100% कमाई मिलेगी—बिना किसी कमीशन के। दिल्ली में नवंबर से पायलट प्रोजेक्ट शुरू होगा, जो दिसंबर तक 20 शहरों में फैलेगा। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, “यह योजना ड्राइवरों को सशक्त बनाएगी, न कि कॉर्पोरेट्स को मुनाफा देगी।”
भारत टैक्सी की खासियतें यात्रियों और ड्राइवरों दोनों के लिए गेम-चेंजर हैं। सबसे बड़ा फायदा ड्राइवरों को: ओला-उबर में 20-25% कमीशन कटता है, लेकिन यहां जीरो कमीशन। पूरी राइड की कमाई ड्राइवर की जेब में। शुरुआत में 650 ड्राइवर दिल्ली से जुड़ेंगे, जो धीरे-धीरे बढ़ेंगे। ड्राइवर को सिर्फ रजिस्ट्रेशन कराना होगा—बाइक, ऑटो, रिक्शा या कैब सब शामिल। सहकारी मॉडल में ड्राइवर खुद को-ऑनर होंगे, जिससे उनकी आय 30-40% बढ़ सकती है।
किराए की बात करें तो यह भी सस्ता और पारदर्शी होगा। सरकारी मानकों पर आधारित—शहरवार लोकल दूरी, ट्रैफिक और ईंधन लागत को ध्यान में रखकर तय। उदाहरण के लिए, दिल्ली में 10 किमी राइड का किराया 150-200 रुपये तक रहेगा, बिना सरचार्ज। ऐप में रीयल-टाइम फेयर कैलकुलेटर होगा, जो सरप्राइज से बचाएगा। यात्रियों को क्विक बुकिंग, लोकल भाषा सपोर्ट (हिंदी, गुजराती, मराठी, अंग्रेजी), 24×7 कस्टमर केयर और GPS ट्रैकिंग मिलेगी। सुरक्षा के लिए वेरिफाइड ड्राइवर, इमरजेंसी बटन और प्राइवेसी प्रोटोकॉल सुनिश्चित।
ऐप नवंबर से गूगल प्ले और ऐप स्टोर पर उपलब्ध होगा। बुकिंग ओला-उबर जैसी ही—लोकेशन सर्च, राइड चुनें, पेमेंट (कैश/डिजिटल)। केरल की ‘केरल सवारी’ मॉडल से प्रेरित, यह योजना पूरे देश में फैलेगी। सेंट्रल कंज्यूमर प्रोटेक्शन अथॉरिटी (CCPA) की रिपोर्ट में ओला-उबर पर मनमाने किराए के आरोप थे, जिसका जवाब भारत टैक्सी है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी, किराया 15-20% घटेगा। ड्राइवर यूनियनों ने स्वागत किया, लेकिन प्राइवेट कंपनियां चुप हैं।
यह पहल ‘सहकार से समृद्धि’ का प्रतीक है। अगर सफल हुई, तो लाखों ड्राइवरों की जिंदगी बदलेगी। यात्रियों, डाउनलोड करने को तैयार रहें—सस्ती और भरोसेमंद राइड का नया दौर शुरू!
