राजनीति

बिहार कांग्रेस में टिकट बंटवारे पर बवाल, प्रभारी पर कार्यकर्ताओं का गुस्सा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले कांग्रेस में टिकट वितरण को लेकर घमासान मच गया है। पटना में बिहार युवा कांग्रेस के प्रभारी कृष्णा अल्लावरु के सामने एक कार्यकर्ता ने खुलकर गुस्सा फूटा और उन्हें ‘टिकट चोर’ कहते हुए नारेबाजी की। वायरल वीडियो में आदित्य पासवान नामक कार्यकर्ता चिल्लाते दिख रहे हैं, “आपने सारे टिकट संघ के लोगों को दे दिए… दलित-पिछड़ों को क्यों नजरअंदाज किया?”इस घटना ने पार्टी के अंदरूनी कलह को और उजागर कर दिया है, जहां टिकट बंटवारे पर पैसे के खेल, भाजपा से आए नेताओं को प्राथमिकता और जमीनी कार्यकर्ताओं की उपेक्षा के आरोप लग रहे हैं।

घटना गुरुवार को पटना के एक होटल के बाहर हुई, जब अल्लावरु मीटिंग से निकल रहे थे। आदित्य पासवान ने राहुल गांधी की नीतियों का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस की विचारधारा का अपमान हो रहा है। वीडियो में अन्य कार्यकर्ता भी उनके समर्थन में नारे लगाते नजर आ रहे हैं। इससे पहले, 23 अक्टूबर को सदाकत आश्रम (कांग्रेस मुख्यालय) में टिकट से वंचित नेताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। एआईसीसी सदस्य आनंद माधव, पूर्व विधायक बंटी चौधरी, गजानंद शाही और छत्रपति यादव जैसे नेताओं ने अल्लावरु पर ‘पैसे लेकर टिकट बेचने’ और ‘बीजेपी का स्लीपर सेल’ होने का गंभीर आरोप लगाया।

नाराज नेताओं का कहना है कि टिकट वितरण में धनबल और सिफारिश का बोलबाला है, जबकि वर्षों से संघर्ष करने वाले दलित, पिछड़े और मुस्लिम कार्यकर्ताओं को दरकिनार किया गया। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में किशोर कुमार झा ने कहा, “प्रदेश प्रभारी अनुभवहीन हैं, जिससे जमीनी कार्यकर्ताओं का मनोबल टूट गया।”  15 अक्टूबर को तो पटना एयरपोर्ट पर अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम और विधायक दल नेता शकील अहमद खान पर ही हमला हो गया, जब कार्यकर्ताओं ने विक्रम सीट पर ‘5 करोड़ में टिकट बिकने’ का आरोप लगाया।

इस बीच, कांग्रेस हाईकमान ने अल्लावरु को युवा कांग्रेस प्रभारी पद से हटा दिया है। आधिकारिक पत्र में मनीष शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपी गई। आकाश सिंह जैसे नेताओं ने कहा कि अल्लावरु ने गुजरात, पंजाब और अब बिहार में संगठन को कमजोर किया। विपक्षी दल भाजपा और आरजेडी इस कलह का मजा ले रहे हैं। भाजपा प्रवक्ता ने ट्वीट कर कहा, “कांग्रेस में टिकट ही नहीं, विचारधारा भी बिक रही है।”

कांग्रेस नेता अब आमरण अनशन की धमकी दे रहे हैं। नागेंद्र प्रसाद और बच्चू प्रसाद सिंह जैसे असंतुष्टों ने कहा कि अगर हाईकमान कार्रवाई नहीं करेगा, तो चुनाव से पहले पार्टी की नींव हिल जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विवाद इंडिया गठबंधन को कमजोर कर सकता है, खासकर बिहार जैसे राज्य में जहां सीट शेयरिंग पहले से तनावपूर्ण है।  फिलहाल, पार्टी शांत करने की कोशिश कर रही है, लेकिन आग बुझाने से ज्यादा भड़क रही लगती है।

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