मैथिली ठाकुर के प्रचार में मिथिला पाग पर विवाद, जानें पूरा मामला
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बजते ही मैथिली ठाकुर के प्रचार में एक वीडियो वायरल हो गया है, जिसने मिथिला क्षेत्र में सियासी तूफान खड़ा कर दिया। एनडीए कार्यकर्ता सम्मेलन में भाजपा विधायक केटी सिंह ने मिथिला पाग को कथित तौर पर अपमानित कर दिया, जिससे स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। यह घटना अलीनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी मैथिली ठाकुर के प्रचार के दौरान हुई, जहां पाग को सम्मान के प्रतीक के रूप में भेंट किया गया था।
दरभंगा के अलीनगर में आयोजित रैली में यूपी के बनसडीह से भाजपा विधायक केटी सिंह को मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया गया। वीडियो में सिंह नजर आ रही हैं, जो पाग उतारकर टेबल पर पटक देती हैं और कहती हैं, “नहीं, ये पाग नहीं, असली सम्मान तो मैथिली ठाकुर हैं।” यह टिप्पणी देते हुए उन्होंने पाग को एक तरफ रख दिया। मंच पर मौजूद लोगों ने तुरंत आपत्ति जताई और कहा कि इससे मिथिला के लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जहां हजारों यूजर्स ने इसे अपमान का प्रतीक बताते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
मिथिला पाग मिथिला संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है, जो सम्मान, गौरव और परंपरा का प्रतीक है। प्राचीन काल से चली आ रही यह पगड़ी मिथिलावासियों की पहचान है। 2017 में भारत सरकार ने ‘हेडगियर्स ऑफ इंडिया’ थीम पर डाक टिकट जारी किया था, जिसमें मिथिला पाग को प्रमुखता दी गई। मिथिला लोक संगठन ‘पाग बचाओ अभियान’ चला चुका है, ताकि इसे बिहार का आधिकारिक सिरोवस्त्र घोषित किया जाए। दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर ने राजनीतिक सम्मान के रूप में पाग पहनाने की परंपरा शुरू की थी। ऐसे में इसका अपमान मिथिला की सांस्कृतिक अस्मिता पर सीधा हमला माना जा रहा है।
इस घटना पर गायिका प्रिया मल्लिक समेत कई कलाकारों ने कड़ी निंदा की। प्रिया ने ट्वीट कर कहा, “मिथिला पाग को फेंकना सिर्फ कपड़े का अपमान नहीं, बल्कि पूरी सभ्यता का।” सोशल मीडिया पर #SaveMithilaPag ट्रेंड कर रहा है, जहां यूजर्स मैथिली ठाकुर से माफी मांगने की मांग कर रहे हैं। विपक्षी दल आरजेडी और कांग्रेस ने इसे भाजपा की ‘सांस्कृतिक अज्ञानता’ बताते हुए हमला बोला। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “मिथिला की बेटी मैथिली को टिकट देकर भाजपा मिथिला को खरीदना चाहती है, लेकिन हमारी संस्कृति नहीं बिकेगी।”
मैथिली ठाकुर, जो हाल ही में भाजपा में शामिल हुई हैं, ने खुद को ‘मिथिला की बेटी’ बताते हुए पार्टी से अलीनगर सीट पर टिकट की अटकलें बंधी हैं। उन्होंने अपने ट्विटर पर मिथिला पाग के साथ फोटो शेयर की थी, लेकिन इस विवाद पर अभी चुप्पी साधे हैं। भाजपा ने विधायक सिंह के बयान को ‘भावुकता का अतिरेक’ बताया है, लेकिन माफी नहीं मांगी। पार्टी प्रवक्ता ने कहा, “यह गलतफहमी है, उद्देश्य मैथिली को सम्मानित करना था।”
यह विवाद बिहार चुनाव में मिथिला क्षेत्र की राजनीति को प्रभावित कर सकता है, जहां जातिगत और सांस्कृतिक मुद्दे प्रमुख हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भाजपा को अपनी रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए, वरना स्थानीय वोट बैंक प्रभावित हो सकता है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर बहस जारी है, और मिथिला के लोग अपनी परंपरा की रक्षा के लिए एकजुट हो रहे हैं।
