इजरायल-गाजा: सीजफायर के बावजूद मिसाइलों की बरसात—क्यों टूट रहा है नाजुक संतुलन?
इजरायल-गाजा: सीजफायर के बावजूद मिसाइलों की बरसात—क्यों टूट रहा है नाजुक संतुलन?
इजरायल और हमास के बीच अमेरिका-ब्रोकर सीजफायर 10 दिनों पहले लागू हुआ था, जो युद्धविराम, बंधकों की रिहाई और सहायता पहुंचाने का वादा करता था। लेकिन 19 अक्टूबर 2025 को यह संधि सबसे कठिन परीक्षा से गुजरी। इजरायली सेना (IDF) ने गाजा के दक्षिणी क्षेत्र राफाह में हवाई हमले और तोपों से हमला किया, जिसमें कम से कम 11 फिलिस्तीनी मारे गए। हमास ने इसे “सीजफायर का घोर उल्लंघन” बताया, जबकि इजरायल ने हमास पर ही दोष मढ़ा। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर मिसाइलें और गोलियां बरसाने का आरोप लगा रहे हैं, जो नाजुक शांति को धराशायी कर सकता है। आइए समझें आखिर क्यों टूट रहा है यह संतुलन।
घटना का क्रम: राफाह में भड़की झड़प
– हमास का आरोप: हमास के वरिष्ठ अधिकारी इज्जत अल-रिश्क ने कहा कि इजरायल ने बिना किसी उकसावे के राफाह में हमला किया, जहां IDF “आतंकी इंफ्रास्ट्रक्चर” को नष्ट करने का दावा कर रही थी। हमास ने जोर दिया कि वह सीजफायर का पालन कर रहा है और गाजा में आंतरिक झड़पों (जैसे हमास बनाम अन्य फिलिस्तीनी गुटों) से उसका कोई लेना-देना नहीं।
– इजरायल का पक्ष: IDF ने बताया कि राफाह में सैनिकों पर हमास के लड़ाकों ने एंटी-टैंक मिसाइल और गोलीबारी की, जो “सीजफायर का साफ उल्लंघन” है। IDF ने जवाब में हवाई हमले किए, जिसमें सुरंगें और सैन्य संरचनाएं नष्ट कीं। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज और खुफिया प्रमुखों के साथ बैठक कर “आतंकी ठिकानों पर कड़ी कार्रवाई” का आदेश दिया। IDF के एक अधिकारी ने कहा, “हमास ने ‘येलो लाइन’ (सीजफायर के तहत इजरायली सैनिकों की पीछे की सीमा) के पार कई हमले किए, जिसमें RPG और स्नाइपर फायर शामिल हैं।”
– अमेरिका की चेतावनी: अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि हमास ने “गाजा के लोगों पर हमला करने की योजना” बनाई थी, जो सीजफायर का उल्लंघन होता। विभाग ने चेतावनी दी: “हमास अगर आगे बढ़ा, तो गाजा की सुरक्षा के लिए कदम उठाए जाएंगे।” यह बयान इजरायल के दावों का समर्थन करता नजर आता है।
राफाह हमले में 11 फिलिस्तीनी मारे गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे शामिल थे। हमास ने इसे “नरसंहार” कहा, जबकि इजरायल ने “आतंकी ठिकानों” पर सीमित कार्रवाई का दावा किया। इससे पहले, सीजफायर लागू होने के बाद इजरायल ने येलो लाइन पार करने वाले फिलिस्तीनियों पर गोली चलाई, जिसमें 5 मौतें हुईं।
क्यों टूट रहा है सीजफायर? मुख्य कारण
सीजफायर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ब्रोकरेज में लागू हुआ था, जो बंधकों की रिहाई, सहायता पहुंचाने और गाजा में IDF की वापसी का वादा करता था। लेकिन कई चुनौतियां इसे कमजोर कर रही हैं:
1. उल्लंघनों की श्रृंखला: सीजफायर लागू होने के 9 दिनों में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर उल्लंघन के आरोप लगाए। इजरायल ने सहायता ट्रकों को आधा (300 प्रतिदिन) कर दिया और राफाह बॉर्डर बंद रखा। हमास ने शवों की पहचान और बंधकों की रिहाई में देरी का आरोप लगाया। UN के अनुसार, 50 मिलियन टन मलबे में 10,000 शव दबे हैं, जो रिकवरी को जटिल बनाता है।
2. गाजा में आंतरिक अस्थिरता: सीजफायर के बाद हमास और अन्य फिलिस्तीनी गुटों (जिन्हें इजरायल समर्थन देता बताते हैं) के बीच झड़पें बढ़ीं। गाजा सिटी में हमास ने 8 लोगों को सार्वजनिक रूप से फांसी दी, जिसे “हमास का अत्याचार” कहा गया। इससे हमास का नियंत्रण कमजोर हो रहा है, जो इजरायल के लिए अवसर है।
3. रणनीतिक हित: इजरायल गाजा के 58% हिस्से पर कब्जा बनाए रखना चाहता है, जबकि हमास हथियार डिसआर्ममेंट से इनकार कर रहा है। ट्रंप का मानचित्र “येलो लाइन” पर अस्पष्टता पैदा करता है, जहां IDF अभी भी सक्रिय है। विशेषज्ञों का कहना है कि इजरायल “प्रबंधित निष्कासन” (managed genocide) की रणनीति अपना रहा है, जो सीजफायर को औपचारिकता मात्र बना देता है।
4. अंतरराष्ट्रीय दबाव: यूरोपीय संघ और UN ने इजरायल से सहायता पूरी पहुंचाने की मांग की, लेकिन इजरायल ने हमास पर “बंधकों के शवों को रोकने” का आरोप लगाया। अमेरिका ने हमास को चेतावनी दी, जो इजरायल के पक्ष में झुकाव दिखाता है।
प्रभाव और भविष्य
इस सीजफायर ने 18 महीने के युद्ध के बाद कुछ राहत दी, लेकिन उल्लंघनों से 46 फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं। हमास ने कहा कि इजरायल “बहाने बनाकर अपराध जारी रख रहा है।” IDF ने चेतावनी दी: “हर उल्लंघन पर भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह “नाजुक संतुलन” टूट सकता है, जिससे नया युद्ध भड़क सकता है। गाजा में पुनर्निर्माण और फिलिस्तीनी राज्य की मांग अनसुलझी है। फिलिस्तीनी परिवार मलबे से घर बना रहे हैं, लेकिन हिंसा का साया बना हुआ है। शांति के लिए तत्काल मध्यस्थता जरूरी है।
