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हवाई सफर पर ‘जंग’ की मार: इंडिगो-एयर इंडिया के बाद अब अकासा एयर ने भी बढ़ाया किराया; जानें कितना ढीला होगा आपका जेब

मिडिल ईस्ट (पश्चिम एशिया) में बढ़ते तनाव और युद्ध के हालातों ने भारतीय विमानन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है। इंडिगो और एयर इंडिया के बाद अब किफायती विमान सेवा अकासा एयर (Akasa Air) ने भी अपने किरायों में बढ़ोतरी कर दी है।

हवाई सफर पर ‘जंग’ की मार: इंडिगो-एयर इंडिया के बाद अब अकासा एयर ने भी बढ़ाया किराया; जानें कितना ढीला होगा आपका जेब

अगर आप आने वाले दिनों में हवाई यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ने वाला है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव (विशेषकर ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष) के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसका सीधा असर विमानन ईंधन (ATF) की कीमतों पर पड़ा है, जिसे देखते हुए भारतीय एयरलाइंस ने ‘फ्यूल सरचार्ज’ (Fuel Surcharge) वसूलना शुरू कर दिया है।

अकासा एयर (Akasa Air) का फैसला

अकासा एयर ने शनिवार (14 मार्च 2026) को आधिकारिक घोषणा की कि वह 15 मार्च 2026 से अपनी सभी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर फ्यूल सरचार्ज लागू करेगी।

* अतिरिक्त चार्ज: यह सरचार्ज ₹199 से ₹1,300 के बीच होगा।

* आधार: यह चार्ज इस बात पर निर्भर करेगा कि आपकी फ्लाइट की दूरी (Sector) और समय कितना है।

* असर: 15 मार्च की आधी रात (00:01 बजे) के बाद होने वाली सभी बुकिंग्स पर यह नया किराया लागू होगा।

अन्य एयरलाइंस का हाल

अकासा से पहले देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो और टाटा ग्रुप की एयर इंडिया भी इसी तरह के कदम उठा चुकी हैं:

* IndiGo: इंडिगो ने 14 मार्च से ही ₹425 से ₹2,300 तक का फ्यूल सरचार्ज लागू कर दिया है। यूरोप जाने वाली लंबी दूरी की उड़ानों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।

* Air India & AI Express: एयर इंडिया ने 12 मार्च से ही चरणों में सरचार्ज बढ़ाना शुरू किया था। घरेलू रूट पर लगभग ₹399 का अतिरिक्त भार डाला गया है।

क्यों महंगी हो रही हैं उड़ानें?

* ईंधन की कीमतों में उछाल: विमानन ईंधन (ATF) एक एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का लगभग 40% होता है। युद्ध की वजह से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है और तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं।

* लंबे रूट और एयरस्पेस पाबंदी: मिडिल ईस्ट का एयरस्पेस असुरक्षित होने और पाकिस्तान एयरस्पेस बंद होने के कारण विमानों को अब ‘डायवर्ट’ होकर जाना पड़ रहा है। इससे उड़ान का समय बढ़ गया है और अधिक ईंधन खर्च हो रहा है।

* परिचालन लागत: जानकारों के अनुसार, इस युद्ध की वजह से भारतीय एविएशन इंडस्ट्री को सालाना करोड़ों रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ रहा है।

यात्रियों के लिए सलाह: यदि आप यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो तुरंत बुकिंग करना फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि आने वाले हफ्तों में मांग बढ़ने और तनाव कम न होने पर किरायों में 10-15% की और बढ़ोतरी की संभावना है।

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