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बद्रीनाथ धाम में दिवाली का भव्य उत्सव: भक्तों ने सजाई आस्था की लहरें, फूलों से सजा मंदिर

बद्रीनाथ धाम में दिवाली का भव्य उत्सव: भक्तों ने सजाई आस्था की लहरें, फूलों से सजा मंदिर

देहरादून: उत्तराखंड के चमोली जिले में स्थित पवित्र बद्रीनाथ धाम में दिवाली 2025 का उत्सव अनोखे धूमधाम से मनाया गया। भारी बर्फबारी के बावजूद हजारों श्रद्धालुओं ने धाम पहुंचकर आस्था की लहरें बिखेरीं। मंदिर को 12 क्विंटल फूलों से सजाया गया, और विशेष पूजा-अर्चना के साथ दीप प्रज्वलन किया गया। यह राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद पहला दिवाली उत्सव था, जो भक्तों के बीच उत्साह का प्रतीक बना।

बद्रीनाथ धाम के मुख्य पुजारी पंडित ने बताया, “मां लक्ष्मी, कुबेर जी और भगवान बद्री विशाल की विशेष पूजा की गई। श्रद्धालुओं ने दीपोत्सव को उत्साह से मनाया, और मंदिर परिसर फूलों और दीयों से जगमगा उठा।” भक्तों ने सरयू नदी के तट पर दीये जलाए, भजन-कीर्तन किए, और एक-दूसरे को मिठाई बांटी। चूंकि धाम नवंबर में बंद हो चुका है, इसलिए यह उत्सव गोपेश्वर के पांडुकेश्वर मंदिर (बद्रीनाथ की शीतकालीन पीठ) में भी मनाया गया, जहां भगवान बद्री विशाल की चल प्रतिमा विराजमान है।

उत्तराखंड पर्यटन विभाग के अनुसार, दिवाली पर बद्रीनाथ क्षेत्र में 5,000 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे, जो सर्दियों में भी आस्था की ताकत को दर्शाता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ट्वीट कर कहा, “देवभूमि में दिवाली का प्रकाश आस्था को मजबूत कर रहा है। बद्रीनाथ धाम के भक्तों को हार्दिक शुभकामनाएं।” विशेषज्ञों का मानना है कि यह उत्सव पर्यटन को बढ़ावा देगा, और अगले साल शीतकालीन चारधाम यात्रा की शुरुआत होगी।

भक्तों ने एक-दूसरे को मिठाई और उपहार बांटे, पटाखों का कम इस्तेमाल किया, और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। यह दिवाली बद्रीनाथ में आस्था, खुशी और एकता का प्रतीक बनी।

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