पूर्व सीएम हरीश रावत बाल-बाल बचे: दिल्ली-देहरादून हाइवे पर काफिले की कार आपस में टकराई, एक सिपाही घायल
पूर्व सीएम हरीश रावत बाल-बाल बचे: दिल्ली-देहरादून हाइवे पर काफिले की कार आपस में टकराई, एक सिपाही घायल
मेरठ: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत शनिवार शाम दिल्ली से देहरादून जाते समय एक सड़क हादसे का शिकार हो गए। मेरठ के कांकरखेड़ा क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून नेशनल हाइवे पर एमआईटी कॉलेज के पास उनके काफिले की एक कार पुलिस एस्कॉर्ट वाहन से टकरा गई। रावत बाल-बाल बच गए, लेकिन हादसे में एक सिपाही को मामूली चोटें आईं। रावत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर बताया कि वे सुरक्षित हैं, लेकिन गाड़ी को नुकसान पहुंचा है।
घटना शाम करीब 6:30 बजे हुई। रावत दिल्ली से देहरादून लौट रहे थे, जब एक महिला चालक द्वारा अचानक ब्रेक लगाने से काफिले की कार अनियंत्रित हो गई और पुलिस वाहन से टकरा गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का आगे का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रावत कार के अगले हिस्से में बैठे थे, लेकिन उन्हें कोई चोट नहीं लगी। एक सिपाही को सिर पर चोट लगी, जिसे तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि हाइवे पर भारी ट्रैफिक और लापरवाह ड्राइविंग के कारण ऐसे हादसे आम हैं।
रावत ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर पोस्ट शेयर कर कहा, “मैं ठीक हूं, लेकिन गाड़ी को काफी नुकसान हुआ। यह दुर्घटना हाइवे की स्थिति पर सवाल उठाती है।” उन्होंने दिल्ली में उत्तराखंडी उत्पादों और संस्कृति को बढ़ावा देने वाली यात्रा का जिक्र किया, जो हादसे से पहले की थी। कांग्रेस नेताओं ने घटना पर चिंता जताई, जबकि विपक्ष ने हाइवे रखरखाव पर सवाल उठाए। मेरठ एसएसपी रिद्धिमा कौल ने बताया, “हादसे की जांच चल रही है। कोई बड़ी चोट नहीं लगी, और रावत ने सफर जारी रखा।”
यह हादसा रावत के लिए दूसरा बड़ा खतरा है। 2023 में भी उन्हें कश्मीर हाइवे पर दुर्घटना में चोट लगी थी। विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली-देहरादून हाइवे पर स्पीड ब्रेकर और साइनेज की कमी हादसों का कारण है। रावत ने यात्रा जारी रखी, लेकिन घटना ने सुरक्षा पर बहस छेड़ दी।
