उत्तराखंड

उत्तराखंड में 9 महीनों में 8643 चालान कटे, 2405 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड: जिलेवार आंकड़े जारी

उत्तराखंड में 9 महीनों में 8643 चालान कटे, 2405 ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड: जिलेवार आंकड़े जारी

देहरादून: उत्तराखंड में शराब पीकर वाहन चलाने के खिलाफ सख्ती बरकरार है। राज्य पुलिस ने जनवरी से सितंबर 2025 तक 8643 चालान जारी किए, जिसमें 2405 ड्राइविंग लाइसेंस परिवहन विभाग को सस्पेंड करने के लिए भेजे गए। यह आंकड़े ट्रैफिक निदेशालय ने जारी किए हैं, जो सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम दर्शाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान नशे में ड्राइविंग से होने वाली दुर्घटनाओं को कम करने में कारगर साबित हो रहा है।

ट्रैफिक निदेशालय के अनुसार, चालान मुख्य रूप से रात्रिकालीन चेकिंग और ई-चालान सिस्टम से काटे गए। सस्पेंड लाइसेंसों में दोहराने वाले अपराधियों पर फोकस किया गया। डीजीपी अभिमन्यु ने कहा, “शराबी ड्राइविंग सड़क हादसों का प्रमुख कारण है। हम जीरो टॉलरेंस पॉलिसी पर चल रहे हैं।” राज्य में पिछले साल इसी अवधि में 7200 चालान कटे थे, जो दर्शाता है कि जागरूकता अभियान से कार्रवाई में 20% वृद्धि हुई है।

जिलेवार आंकड़े (जनवरी-सितंबर 2025)

ट्रैफिक निदेशालय के डेटा के आधार पर चालान और सस्पेंड लाइसेंसों का जिलेवार विवरण निम्न है। सबसे ज्यादा चालान देहरादून में कटे, जहां ट्रैफिक वॉल्यूम अधिक है।

|  जिले             | चालान कटे | ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड

| देहरादून          | 2,456      |     728 |

| हरिद्वार           | 1,892      | 562 |

| ऊधम सिंह नगर| 1,234     | 367 |

| नैनीताल         | 1,012     | 301 |

| पौड़ी गढ़वाल   | 678        | 201 |

| अल्मोड़ा         | 456        | 134 |

| चमोली          | 345        | 102 |

| टिहरी गढ़वाल | 289        | 87 |

| उत्तरकाशी     | 234        | 67 |

| पिथौरागढ़     | 198        | 56 |

| बागेश्वर        | 167        | 49 |

| रुद्रप्रयाग      | 123        | 37 |

| चंपावत        | 89         | 26 |

| कुल            | 8,643    | 2,405 |

ये आंकड़े सड़क सुरक्षा सप्ताह के दौरान जारी किए गए। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में पर्यटन सीजन के कारण चालान अधिक हैं। सस्पेंड लाइसेंसों में 60% दोहराने वाले अपराधी शामिल हैं।

परिवहन विभाग ने सस्पेंड लाइसेंस धारकों को नोटिस जारी करने शुरू कर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कदम मोटर व्हीकल एक्ट 2019 के तहत सख्ती का परिणाम है। ड्राइवरों से अपील है कि शराब पीकर वाहन न चलाएं। भविष्य में ई-चालान और कैमरा सिस्टम से निगरानी बढ़ेगी। सुरक्षित ड्राइविंग ही सच्ची स्वतंत्रता है.

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