”पाकिस्तान की पूरी जमीन ब्रह्मोस की रेंज में”, लखनऊ में बोले राजनाथ सिंह
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को पाकिस्तान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उसके हर इंच की जमीन भारत के ब्रह्मोस मिसाइलों की रेंज में है। उन्होंने अप्रैल में पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘सिर्फ ट्रेलर’ करार दिया, जो पाकिस्तान की सैन्य क्षमताओं को चूर करने में सफल रहा। यह बयान लखनऊ के सरोजिनी नगर स्थित ब्रह्मोस एयरोस्पेस इंटीग्रेशन एंड टेस्ट फैसिलिटी से पहले बैच के ब्रह्मोस मिसाइलों को हरी झंडी दिखाने के दौरान दिया गया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ राजनाथ ने मिसाइलों का फ्लैग ऑफ किया। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर ने साबित कर दिया कि जीत अब हमारे लिए आदत बन गई है। ब्रह्मोस ने पाकिस्तान को दिखा दिया कि भारत ने उसे जन्म दिया, तो जरूरत पड़ने पर क्या कर सकता है।” उन्होंने जोर देकर कहा कि ब्रह्मोस न केवल सेना, नौसेना और वायुसेना की रीढ़ है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत का प्रतीक भी। “पाकिस्तान का कोई कोना अब सुरक्षित नहीं। ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ ट्रेलर था, पूरी फिल्म अभी बाकी है।”
ऑपरेशन सिंदूर, जो 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद शुरू हुआ था, में ब्रह्मोस मिसाइलों ने पाकिस्तानी वायुसेनाओं के एयरबेस और आर्मी कैंटोनमेंट को निशाना बनाया। चार दिनों में भारत ने जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के मुख्य ठिकानों को सटीक हमलों से ध्वस्त कर दिया। राजनाथ ने कहा, “23 मिनट में ही हमने दुश्मनों को निपटा दिया। ब्रह्मोस ने रात के अंधेरे में दिन का उजाला दिखा दिया।” डीआरडीओ चीफ समीर वी. कामत और ब्रह्मोस डायरेक्टर जनरल जयतीर्थ आर. जोशी ने जीएसटी बिल सौंपा।
यह फैसिलिटी मई 2025 में शुरू हुई, जहां सालाना लगभग 100 मिसाइलें तैयार होंगी। राजनाथ ने बताया कि ब्रह्मोस टीम ने पिछले एक महीने में दो देशों के साथ 4,000 करोड़ का कॉन्ट्रैक्ट साइन किया है। “लखनऊ अब डिफेंस टेक्नोलॉजी का हब बनेगा।” उन्होंने यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की सराहना की, जो आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अगस्त में वाराणसी में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर ने स्वदेशी हथियारों की ताकत दिखाई। विशेषज्ञों का मानना है कि ब्रह्मोस (सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल, रेंज 290-800 किमी) की क्षमता पाकिस्तान को सतर्क रखेगी। पाकिस्तान ने हमलों को स्वीकार किया था, लेकिन अब चुप्पी साध ली है। यह चेतावनी भारत की सैन्य मजबूती का प्रतीक है।
