बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सिरदर्द जारी, सहनी नाराज, IP गुप्ता बाहर
बिहार चुनाव 2025: महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सिरदर्द जारी, सहनी नाराज, IP गुप्ता बाहर
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के नामांकन की अंतिम तारीख (17 अक्टूबर) नजदीक आते ही महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) में सीट बंटवारे को लेकर उलझन बढ़ गई है। RJD, कांग्रेस, वाम दलों और छोटे सहयोगियों के बीच बातचीत लंबी खींच रही है, जिससे कन्फ्यूजन का माहौल है। RJD और कांग्रेस के बीच मुख्य विवाद सीटों की संख्या और चयन पर है, जबकि VIP प्रमुख मुकेश सहनी नाराजगी जता रहे हैं। वहीं, पूर्व विधायक IP गुप्ता ने गठबंधन से नाता तोड़ लिया है। आइए, पूरी स्थिति को समझते हैं।
RJD-कांग्रेस के बीच सीटों पर पेंच
– कांग्रेस की मांग vs RJD का फॉर्मूला: कांग्रेस लगभग 60-65 सीटों पर अड़ी हुई है, खासकर अपने पारंपरिक गढ़ों (जैसे कहलगांव, बछवाड़ा) पर। RJD सिर्फ 55-58 सीटें देने को तैयार है, ताकि खुद 135 के आसपास सीटें ले सके। 2020 के चुनाव में कांग्रेस को 70 सीटें मिली थीं, लेकिन वहां से 51 पर हार गई थी, इसलिए RJD अब कम सीटें देने पर जोर दे रही है। कांग्रेस ने RJD को 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था कि सहमति न बनी तो पहले चरण के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर देंगे।
– वर्तमान स्थिति: दोनों पार्टियां संभावित उम्मीदवारों को सिंबल बांट चुकी हैं, लेकिन आधिकारिक घोषणा नहीं हुई। बछवाड़ा सीट पर CPI और कांग्रेस दोनों ने उम्मीदवारों को सिंबल दे दिया, जिससे दोहरी दावेदारी हो गई। तेजस्वी यादव 15 अक्टूबर को राघोपुर से नामांकन भर चुके हैं, लेकिन कई सीटें अभी फंसी हैं।
– बातचीत का स्टेटस: राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने बिहार कांग्रेस को तेजस्वी से संवाद बनाए रखने की सलाह दी है। 14 अक्टूबर तक सहमति की उम्मीद थी, लेकिन 16 अक्टूबर तक भी फाइनल नहीं हुआ। JMM ने भी अल्टीमेटम दिया है।
मुकेश सहनी की नाराजगी: VIP को कितनी सीटें?
– डिमांड और असहमति: VIP प्रमुख मुकेश सहनी कम से कम 20-30 सीटें चाहते थे, साथ ही चुनाव जीतने पर डिप्टी CM का पद। RJD ने शुरुआत में 35 सीटों का ऑफर दिया था, लेकिन कांग्रेस ने इसे ठुकरा दिया। अब सूत्र बताते हैं कि VIP को 15-16 सीटें मिल सकती हैं, जिनमें से आधे से ज्यादा पर RJD या कांग्रेस के उम्मीदवार लड़ेंगे, लेकिन VIP का सिंबल होगा।
– प्रेस कॉन्फ्रेंस का ड्रामा: 16 अक्टूबर को सहनी की प्रेस कॉन्फ्रेंस तीन बार टलने के बाद रद्द हो गई। इसे ‘ऊपरी दबाव’ का संकेत माना जा रहा है। सहनी ने कहा कि CM-डिप्टी CM फेस फाइनल हो चुका है, लेकिन सीटों पर नाखुशी साफ है। मल्लाह समाज में संदेश फैल रहा है कि महागठबंधन सहनी का अपमान कर रहा है।
– NDA की ओर संकेत?: सहनी NDA में शामिल होने की अटकलों से घिरे हैं, लेकिन अभी महागठबंधन में बने रहने का दावा कर रहे हैं। तेजस्वी ने कहा कि 15 सीटों पर समझौता करो, वरना स्वतंत्र लड़ो।
IP गुप्ता का बाहर होना: छोटे सहयोगियों का संकट
– पूर्व विधायक IP गुप्ता (भाजपा से जुड़े रहे) ने महागठबंधन से नाता तोड़ लिया है। सूत्रों के मुताबिक, सीट चयन और आंतरिक असहमति के कारण यह फैसला लिया गया। गुप्ता की पार्टी (संभावित रूप से छोटा सहयोगी) को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिला, जिससे वे बाहर हो गए।
– अन्य छोटे दल: वाम दलों (CPI-ML, CPI, CPM) को कुल 31 सीटें मिल सकती हैं (CPI-ML को 18-19), JMM और RLJP को 3-4। लेकिन कुल 243 सीटों में बंटवारा पूरा होने में देरी हो रही है।
कुल मिलाकर कन्फ्यूजन क्यों?
– समय की किल्लत: पहले चरण के नामांकन कल (17 अक्टूबर) हैं, लेकिन औपचारिक ऐलान नहीं। कार्यकर्ता भ्रम में हैं, सोशल मीडिया पर विवाद बढ़ रहे हैं।
– आंतरिक दबाव: तेजस्वी यादव और लालू परिवार दिल्ली में ‘लैंड फॉर जॉब’ केस के सिलसिले में व्यस्त रहे, जिससे बातचीत प्रभावित हुई। कांग्रेस IT सेल और कुछ ‘दलालों’ पर भी आरोप लग रहे हैं कि वे गठबंधन को कमजोर कर रहे हैं।
– NDA का फायदा: NDA ने सीट शेयरिंग फाइनल कर ली है (BJP 160+, JDU 50+, अन्य), जो महागठबंधन के लिए खतरा है। अमित शाह ने कहा कि CM का फैसला विधायक दल लेगा, लेकिन नीतीश कुमार ही चेहरा हैं।
महागठबंधन के सूत्रों का कहना है कि 17 अक्टूबर तक ऐलान हो सकता है, लेकिन अगर देरी हुई तो कार्यकर्ताओं का मोराल गिरेगा। तेजस्वी यादव को CM फेस मानकर चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन सीटों का यह घमासान गठबंधन की एकजुटता पर सवाल खड़े कर रहा है। अपडेट्स के लिए बने रहें।
