उत्तराखंड में सरकारी भर्ती पर भ्रष्टाचार के आरोप, बेरोजगार संघ ने विधायक पर लगाए गंभीर इल्जाम
उत्तराखंड में सरकारी भर्ती पर भ्रष्टाचार के आरोप, बेरोजगार संघ ने विधायक पर लगाए गंभीर इल्जाम
उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने प्रदेश सरकार के तंत्र पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। संघ का दावा है कि प्रभावशाली लोग योग्य युवाओं के हक पर डाका डाल रहे हैं। इस मामले में बीजेपी विधायक सुरेश चौहान का नाम जोड़ा गया है, जिन्होंने कथित तौर पर अपने भतीजे की नियुक्ति के लिए सिफारिश की।

वायरल पत्र और नियुक्ति का मामला
सोशल मीडिया पर वायरल एक पत्र विधायक सुरेश चौहान से जुड़ा बताया जा रहा है। संघ के अनुसार, विधायक ने नियमों की अनदेखी कर अपने भतीजे आकाश चौहान की जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, उत्तरकाशी में पीआरडी (पुलिस रिजर्व ड्यूटी) के माध्यम से स्वयंसेवक कनिष्ठ अभियंता (सिविल) के पद पर नियुक्ति की सिफारिश की। इसके बाद आकाश चौहान को बिना साक्षात्कार के यह पद allot कर दिया गया।

बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने बताया कि RTI के जरिए खुलासा हुआ है कि 19 जून 2025 को इस भर्ती के लिए केवल एक ही आवेदन प्राप्त हुआ, जो आकाश चौहान का था, और उसी को चयनित कर लिया गया। कंडवाल ने कहा, “यह भर्ती प्रक्रिया पर सवाल खड़े करती है। बिना विज्ञापन, बिना प्रतियोगिता के कैसे एक व्यक्ति को नौकरी दी जा सकती है?”
अधिकारियों पर आरोप, जांच की मांग
संघ ने जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है कि PRD के जरिए जूनियर इंजीनियर की भर्ती बिना साक्षात्कार कैसे हुई? राम कंडवाल ने जिला युवा कल्याण अधिकारी विजय प्रताप भंडारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो आंदोलन शुरू किया जाएगा।
विधायक का खंडन
बीजेपी विधायक सुरेश चौहान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें बेबुनियाद बताया। खबर उत्तराखंड टीम से बातचीत में उन्होंने कहा, “यह मेरी छवि खराब करने की साजिश है। कोई सिफारिश नहीं की गई, और भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी रही।” विधायक ने संघ के दावों पर सबूत मांगे और कहा कि कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला उत्तराखंड में बेरोजगारी और भर्ती घोटालों को लेकर बढ़ते असंतोष को उजागर करता है। प्रशासन से उम्मीद है कि जल्द ही जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करेगा।
