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सेंसेक्स फिर 83,000 के पार: शेयर बाजार में तूफानी तेजी, टाटा-महिंद्रा सब उछले

सेंसेक्स फिर 83,000 के पार: शेयर बाजार में तूफानी तेजी, टाटा-महिंद्रा सब उछले

भारतीय शेयर बाजार ने गुरुवार को जबरदस्त धमाका किया। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 660 अंकों की छलांग लगाकर 83,212 के स्तर को पार कर गया, जो पिछले सत्र के मुकाबले 0.73 प्रतिशत की मजबूत बढ़त दर्शाता है। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर निफ्टी 50 सूचकांक भी 178 अंकों की तेजी के साथ 25,500 के ऊपर पहुंच गया। यह तेजी घरेलू और वैश्विक कारकों का नतीजा है, जिसमें अमेरिका के साथ व्यापारिक उत्साह, कमजोर डॉलर और गिरते कच्चे तेल के दाम शामिल हैं।

बाजार की शुरुआत ही सकारात्मक रही। सुबह 11 बजे तक सेंसेक्स 456 अंकों की बढ़त के साथ 83,061 पर कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी 0.53 प्रतिशत ऊपर 25,457 पर था। ऑटो, रियल्टी और एफएमसीजी सेक्टरों में खरीदारी का दौर चला, जिससे निवेशकों का उत्साह चरम पर पहुंच गया। विशेषज्ञों का मानना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) की हस्तक्षेप की संभावना और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की खरीदारी ने इस रैली को बल दिया, हालांकि डोमेस्टिक इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (डीआईआई) ने कुछ बिकवाली की।

इस तेजी के सबसे बड़े फायदेमंद रहे टाटा और महिंद्रा ग्रुप के शेयर। टाटा मोटर्स ने 4.2 प्रतिशत की छलांग लगाई, जो 1,150 अंकों पर बंद हुआ। कंपनी की इलेक्ट्रिक वाहन सेगमेंट में बढ़ती बिक्री और क्वार्टरली रिजल्ट्स की सकारात्मक उम्मीदों ने निवेशकों को आकर्षित किया। इसी तरह, महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) के शेयर 3.8 प्रतिशत ऊपर चढ़े, 2,450 के स्तर पर पहुंचे। ऑटो सेक्टर की यह तेजी ईवी पॉलिसी और निर्यात वृद्धि से प्रेरित है। टाटा स्टील और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) भी 2-3 प्रतिशत की बढ़त के साथ चमके।

अन्य प्रमुख शेयरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज 1.5 प्रतिशत, आईटीसी 2 प्रतिशत और एचडीएफसी बैंक 1.2 प्रतिशत ऊपर रहे। हालांकि, कुछ स्टॉक्स जैसे इंफोसिस और विप्रो में हल्की गिरावट देखी गई, जो क्यू2 रिजल्ट्स की चिंताओं से जुड़ी है। नेस्ले इंडिया ने क्यू2 में 24 प्रतिशत लाभ वृद्धि की रिपोर्ट दी, जिससे उसके शेयर 4 प्रतिशत चढ़े।

वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिकी बाजारों की मजबूती और एशियाई सूचकांकों की हरी झंडी ने भारतीय बाजार को सपोर्ट दिया। रुपये की कीमत 75 पैसे की तेजी से 88.06 प्रति डॉलर पर बंद हुई, जो चार महीनों की सबसे बड़ी इंट्राडे बढ़त है।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह रैली अल्पकालिक हो सकती है, लेकिन लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टर्स के लिए अवसर है। ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल के एनालिस्ट ने कहा, “ऑटो और कंज्यूमर गुड्स सेक्टर में तेजी बरकरार रहेगी, लेकिन इन्फ्लेशन डेटा पर नजर रखें।” कुल मिलाकर, बाजार पूंजीकरण में 2 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई।

निवेशक सतर्क रहें, क्योंकि फेडरल रिजर्व की मीटिंग और क्यू2 अर्निंग्स का असर भविष्य में दिखेगा। फिलहाल, यह तूफानी तेजी बाजार की लचीलापन दिखाती है।

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