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दुर्गापुर गैंगरेप केस: बहन की हिम्मत से पकड़ा गया मुख्य आरोपी, अब सभी 5 गिरफ्तार, सख्त कार्रवाई का ऐलान

दुर्गापुर गैंगरेप केस: बहन की हिम्मत से पकड़ा गया मुख्य आरोपी, अब सभी 5 गिरफ्तार, सख्त कार्रवाई का ऐलान

पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में एक मेडिकल छात्रा के साथ हुए गैंगरेप केस में पुलिस ने मंगलवार को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की बहन की हिम्मत ने पुलिस को यह सफलता दिलाई, जिसके बाद अब सभी पांचों आरोपी हिरासत में हैं। यह घटना राज्य में महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े कर रही है, जबकि राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। पुलिस ने अपराध स्थल पर रिकंस्ट्रक्शन भी शुरू कर दिया है।

घटना 10 अक्टूबर की रात की है। दुर्गापुर के आईक्यू सिटी मेडिकल कॉलेज की दूसरी वर्ष की 23 वर्षीय एमबीबीएस छात्रा, जो ओडिशा के जालेश्वर की रहने वाली हैं, अपने एक पुरुष सहपाठी के साथ डिनर के लिए कैंपस से बाहर निकली थीं। रात करीब 8:30 बजे कॉलेज गेट के पास कुछ लोग उन्हें घेर लेते हैं। सहपाठी ने कथित तौर पर उन्हें झूठा बहाना देकर एकांत जंगल वाली जगह पर ले जाकर छोड़ दिया, जहां चार अन्य पुरुषों ने मिलकर छात्रा के साथ दुष्कर्म किया। अपराधियों ने उनका फोन छीन लिया और 5,000 रुपये भी लूट लिए। पीड़िता ने कैंपस के पीछे वाले जंगल में चीखें मचाईं, लेकिन देर रात होने के कारण मदद नहीं मिली। सहपाठियों को फोन करने पर सुबह अस्पताल पहुंचीं, जहां उनका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने तुरंत छापेमारी शुरू की। रविवार को तीन आरोपियों – शेख रियाजुद्दीन, शेख फिरदौस और अपू बाउरी – को गिरफ्तार किया गया। सोमवार को दो और – मुख्य आरोपी शेख साफीकुल (साफीक स्क) और शेख नसीरुद्दीन – पकड़े गए। साफीकुल, जो कॉलेज का पूर्व सिक्योरिटी गार्ड था, फरार था। उसकी बड़ी बहन रोजिना स्क ने पुलिस को मदद की। रोजिना ने कहा, “मेरा भाई गलत रास्ते पर था। मैं चाहती हूं कि कानून अपना काम करे।” उन्होंने साफीकुल को फोन कर अंडल ब्रिज के नीचे मिलने बुलाया, जहां पुलिस ने उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार किया। साफीकुल डर से कांप रहा था। नसीरुद्दीन, जो नगर निगम में अस्थायी कर्मचारी है, भी सोमवार को पकड़ा गया। सभी को 10 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

अनासोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नर सुनील चौधरी ने कहा, “सभी पांचों आरोपी घटनास्थल पर मौजूद थे। हम पीड़िता के परिवार को न्याय का भरोसा दिलाते हैं। कोई दोषी नहीं बचेगा।” मंगलवार दोपहर पुलिस ने सभी आरोपियों और पीड़िता के सहपाठी को अपराध स्थल – परनागंज काली बाड़ी श्मशान के पास जंगल – ले जाकर घटना का रिकंस्ट्रक्शन किया। दो आरोपियों को उनके घरों पर ले जाकर सबूत तलाशे गए। डीएनए टेस्ट और फोरेंसिक जांच चल रही है। पीड़िता के सहपाठी पर भी शक है, जिसके खिलाफ धारा 376D (गैंगरेप) और अन्य धाराओं में केस दर्ज है।

यह मामला आरजी कर मेडिकल कॉलेज रेप-मर्डर (2024) की याद दिला रहा है। नेशनल कमीशन फॉर वुमन (एनसीडब्ल्यू) ने पीड़िता से मुलाकात की और पांच दिनों में एक्शन टेकन रिपोर्ट मांगी। ओडिशा सीएम मोहन चरण मजही ने ममता बनर्जी से सख्त कार्रवाई की मांग की। पीड़िता के पिता ने कहा, “पश्चिम बंगाल असुरक्षित है। बेटी को ओडिशा ले जाना चाहते हैं।” गवर्नर सीवी आनंद बोस ने परिवार से मिले।

राजनीतिक तूफान उठा। बीजेपी ने प्रदर्शन किया, नसीरुद्दीन को तृणमूल कांग्रेस से जुड़ा बताया। सुवेंदु अधिकारी ने कहा, “ममता सरकार महिलाओं की रक्षा नहीं कर रही।” सीएम ममता बनर्जी ने कहा, “रात 12:30 बजे छात्रा बाहर कैसे थी? प्राइवेट कॉलेजों को महिलाओं को देर रात बाहर न जाने दें।” इस बयान पर विपक्ष ने हमला बोला। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कोलकाता में विरोध मार्च निकाला। टीएमसी ने इसे साजिश बताया।

विशेषज्ञों का कहना है कि कॉलेज कैंपस के आसपास सुरक्षा बढ़ानी होगी। पुलिस ने ड्रोन से सर्च ऑपरेशन चलाया था। पीड़िता का इलाज जारी है, परिवार ने गोपनीयता की अपील की। यह केस बंगाल में महिला सुरक्षा पर बहस छेड़ रहा है। पुलिस ने जांच तेज कर दी है, नतीजे जल्द।

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