राजनीति

MNS कार्यकर्ता ने हिंदीभाषी महिला को ठाणे ऑफिस में बुलाकर मारा थप्पड़, वीडियो वायरल

MNS कार्यकर्ता ने हिंदीभाषी महिला को ठाणे ऑफिस में बुलाकर मारा थप्पड़, वीडियो वायरल

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के एक कार्यकर्ता द्वारा हिंदीभाषी महिला को पार्टी ऑफिस में बुलाकर थप्पड़ मारने का मामला सामने आया है, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। यह घटना ठाणे के कल्याण रेलवे स्टेशन के पास हुई, जहां एक मामूली धक्का-मुक्की ने हिंसा का रूप ले लिया। MNS की महिला पदाधिकारी स्वरा कटे ने अपनी पति अर्जुन कटे के साथ हुई तीखी बहस के बाद महिला को ऑफिस ले जाकर सार्वजनिक रूप से माफी मंगवाई और फिर थप्पड़ जड़ दिया।

मिली जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम कल्याण स्टेशन पर लोकल ट्रेन से उतरते समय अर्जुन कटे का हाथ गलती से एक हिंदीभाषी महिला से टकरा गया। अर्जुन ने तुरंत माफी मांगी, लेकिन महिला ने कथित तौर पर गाली-गलौज की और मराठी लोगों के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां कीं। इससे नाराज होकर स्वरा कटे, जो MNS की स्थानीय प्रभाग प्रमुख हैं, ने महिला को खोज निकाला और पार्टी के कल्याण स्थित पब्लिक रिलेशंस ऑफिस ले गईं। वहां कई MNS कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में महिला को कैमरे पर माफी मंगवाई गई। वीडियो में महिला कहती नजर आ रही है, “कल्याण स्टेशन पर आज मुझे किसी महाराष्ट्रियन व्यक्ति को धक्का दिया, गाली दी और हाथ उठाया, इसके लिए मैं महाराष्ट्र के सभी लोगों से माफी मांगती हूं।” माफी पूरी होते ही स्वरा ने उसे जोरदार थप्पड़ मारा और चेतावनी दी, “महाराष्ट्र के लोगों के साथ कभी ऐसा न दोहराना।”

वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर भारी आक्रोश फैल गया। कई यूजर्स ने इसे MNS की गुंडागर्दी का उदाहरण बताते हुए राज ठाकरे की पार्टी पर निशाना साधा। विपक्षी दलों ने भी हमला बोला—शिवसेना (UBT) के नेता संजय राउत ने ट्वीट किया, “मराठी अस्मिता के नाम पर हिंसा बर्दाश्त नहीं। यह भाषाई सौहार्द को नुकसान पहुंचा रहा है।” वहीं, MNS ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह “मराठी सम्मान की रक्षा” का मामला था। पुलिस ने अभी तक कोई शिकायत दर्ज नहीं की है, लेकिन वीडियो के आधार पर ठाणे पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। एक अधिकारी ने बताया, “महिला पक्ष से शिकायत आने पर कार्रवाई की जाएगी। हम भाषाई विवादों को संभालने के लिए सतर्क हैं।”

यह घटना महाराष्ट्र में हिंदी-मराठी विवाद को फिर से हवा दे रही है। पिछले कुछ महीनों में MNS कार्यकर्ताओं पर दुकानदारों और प्रवासियों के साथ मारपीट के कई आरोप लग चुके हैं, जैसे मिरा रोड में एक दुकानदार को मराठी न बोलने पर पीटना। विशेषज्ञों का मानना है कि यह राजनीतिक रोटियां सेंकने का तरीका है, जो सामाजिक एकता को कमजोर करता है। संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत भाषा बोलने की स्वतंत्रता मौलिक अधिकार है, और ऐसी घटनाएं लोकतंत्र के लिए खतरा हैं। MNS समर्थक इसे “स्थानीय संस्कृति की रक्षा” बता रहे हैं, लेकिन आलोचक इसे गुंडाराज कह रहे हैं।

यदि महिला शिकायत दर्ज कराती है, तो मामला और तूल पकड़ सकता है। ठाणे पुलिस ने MNS कार्यालय के आसपास निगरानी बढ़ा दी है। अधिक जानकारी के लिए स्थानीय समाचार स्रोतों पर नजर रखें।

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