राजनीति

‘आजम खान जैसे जननेता की यूपी को जरूरत’, बोले सुभासपा नेता अरविंद राजभर

‘आजम खान जैसे जननेता की यूपी को जरूरत’, बोले सुभासपा नेता अरविंद राजभर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया मोड़ आ गया है। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय प्रमुख महासचिव डॉ. अरविंद राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खान की तारीफों के पुल बांधे हैं। बलिया में आयोजित एक सभा को संबोधित करते हुए राजभर ने कहा, “आजम खान जैसे जननेता की उत्तर प्रदेश को बहुत जरूरत है। ऐसे नेता जो धरातल पर उतरकर जनता के बीच काम करते हैं, उनका बहिष्कार नहीं होना चाहिए। बल्कि उनके साथ संवाद बनाए रखना चाहिए।” उन्होंने स्पष्ट ऑफर देते हुए कहा कि अगर आजम खान सुभासपा में शामिल होना चाहें, तो उन्हें “बहुत बड़ा सम्मान” दिया जाएगा।

अरविंद राजभर ने आगे बताया कि उनके पिता और सुभासपा प्रमुख ओमप्रकाश राजभर के स्वास्थ्य सुधारते ही वे रामपुर जाकर आजम खान से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे। यह बयान उस समय आया है जब आजम खान लंबे समय से जेल में बंद हैं और सपा के अंदर भी उनके समर्थकों में असंतोष की खबरें आ रही हैं। राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा, कहा कि वे आजम खान जैसे नेताओं को दरकिनार कर रहे हैं, जो यूपी की राजनीति के लिए नुकसानदेह है। सुभासपा का यह कदम अल्पसंख्यक वोट बैंक को मजबूत करने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि आजम खान मुस्लिम समुदाय में अपनी मजबूत पकड़ के लिए जाने जाते हैं।

सुभासपा हाल ही में बिहार विधानसभा चुनावों में अकेले उतरने का ऐलान कर चुकी है। अरविंद राजभर ने पटना में 50 उम्मीदवारों की सूची जारी की और कहा कि पार्टी 156 सीटों पर मजबूत दावेदारी करेगी। उन्होंने एनडीए पर हमला बोलते हुए कहा, “अगर वे हमें मौका नहीं देंगे, तो हम अकेले लड़कर अपनी ताकत दिखाएंगे।” सुभासपा ने उत्तर प्रदेश में भी संगठन विस्तार तेज कर दिया है, जहां हर जिले में 15 हजार सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा गया है। पार्टी ने अपना चुनाव चिह्न ‘छड़ी’ से बदलकर ‘चाबी’ कर लिया है, जो विकास और समावेशिता का प्रतीक माना जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अरविंद राजभर का यह बयान सुभासपा को मुख्यधारा की राजनीति में लाने की कोशिश है। ओमप्रकाश राजभर की पार्टी पहले भाजपा के साथ गठबंधन में थी, लेकिन अब स्वतंत्र रुख अपनाते हुए सपा के असंतुष्ट नेताओं को लुभाने का प्रयास कर रही है। आजम खान के समर्थक इस ऑफर पर प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं, लेकिन राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। यदि यह गठजोड़ होता है, तो 2027 के यूपी विधानसभा चुनावों में रोचक समीकरण बन सकते हैं।

सुभासपा के इस बयान से सपा में हलचल मच गई है। अखिलेश यादव के करीबी सूत्रों का कहना है कि पार्टी आजम खान के प्रति वफादार बनी रहेगी। वहीं, राजभर ने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे अल्पसंख्यक, दलित और पिछड़े वर्गों के बीच पार्टी को मजबूत करें। अधिक अपडेट के लिए स्थानीय समाचार चैनलों पर नजर रखें।

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