बिहार चुनाव 2025: ओवैसी की AIMIM ने बनाया थर्ड फ्रंट, जन सुराज के साथ ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस’ का ऐलान – मुस्लिम वोटों का बंटवारा, महागठबंधन पर संकट
बिहार चुनाव 2025: ओवैसी की AIMIM ने बनाया थर्ड फ्रंट, जन सुराज के साथ ‘ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस’ का ऐलान – मुस्लिम वोटों का बंटवारा, महागठबंधन पर संकट
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी समीकरण में बड़ा उलटफेर हो गया है। हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने महागठबंधन (INDIA ब्लॉक) से निराश होकर थर्ड फ्रंट गठन का ऐलान कर दिया। AIMIM ने प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (Jan Suraaj) के साथ मिलकर ग्रैंड डेमोक्रेटिक अलायंस (GDA) नामक नया गठबंधन बनाया है। यह ऐलान रविवार को किशनगंज में AIMIM प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान की प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया गया। AIMIM ने कहा कि वे 100 सीटों पर लड़ेंगे, जबकि जन सुराज सभी 243 सीटों पर दावा ठोंक रही है। इससे मुस्लिम वोटों का बंटवारा हो सकता है, जो NDA को फायदा पहुंचा सकता है।
गठबंधन का बैकग्राउंड: महागठबंधन की नजरअंदाजी से थर्ड फ्रंट
– AIMIM का स्टैंड: AIMIM ने कहा कि महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, वाम दल) ने उनकी सीट शेयरिंग की मांग पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं दिया। 2020 में AIMIM ने सीमांचल में 5 सीटें जीती थीं, लेकिन 4 विधायक RJD में शामिल हो गए। अब पार्टी ने “सेक्युलर वोटों के बंटवारे को रोकने” का दावा करते हुए थर्ड फ्रंट बनाया। अख्तरुल इमान ने कहा, “बड़े दलों ने सहयोग नहीं किया, इसलिए हम थर्ड अलायंस बना रहे हैं। यह साम्प्रदायिक ताकतों के खिलाफ एकजुटता है।”
– जन सुराज का साथ: प्रशांत किशोर की जन सुराज ने भी महागठबंधन से दूरी बनाई है। PK ने कहा, “हम साफ-सुथरी राजनीति और विकास पर फोकस करेंगे। GDA बिहार की जनता की आवाज बनेगा।” गठबंधन में RLJP (रामविलास लोक जनशक्ति पार्टी), ASP (अस्पृश्य समाज पार्टी) और तेज प्रताप यादव की जनशक्ति जनता दल (JJD) भी शामिल हैं।
– सीट बंटवारा: AIMIM सीमांचल (किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, अररिया) की 24 सीटों पर मजबूत दावा कर रही है। जन सुराज सभी सीटों पर लड़ेगी, लेकिन GDA के तहत समन्वय होगा। तेज प्रताप महुआ से लड़ेंगे, जबकि AIMIM मुस्लिम बहुल इलाकों पर फोकस करेगी।
उम्मीदवारों की पहली लिस्ट: AIMIM ने जारी की 15 नाम
AIMIM ने रविवार को अपनी पहली लिस्ट जारी की, जिसमें सीमांचल पर जोर है। प्रमुख नाम:
– किशनगंज: अख्तरुल इमान (प्रदेश अध्यक्ष)।
– पूर्णिया: मोहम्मद नईम (पूर्व विधायक)।
– कटिहार: अकबरुद्दीन ओवैसी (ओवैसी के भाई का समर्थन)।
– अररिया: शकील अहमद।
– अन्य: 11 और नाम, ज्यादातर मुस्लिम उम्मीदवार।
जन सुराज ने अलग से 65 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की, जिसमें PK का नाम राघोपुर पर सस्पेंस में है। तेज प्रताप की JJD ने 21 नाम घोषित किए, जिसमें वे खुद महुआ से लड़ेंगे।
राजनीतिक प्रभाव: NDA को फायदा, महागठबंधन पर संकट
– मुस्लिम वोट बंटवारा: बिहार में 17% मुस्लिम वोटर हैं, जो परंपरागत रूप से RJD को जाते हैं। AIMIM का थर्ड फ्रंट सीमांचल की 24 सीटों पर महागठबंधन के लिए खतरा बनेगा। 2020 में AIMIM ने वोट स्प्लिट कर NDA को फायदा पहुंचाया था।
– महागठबंधन की चिंता: RJD नेता तेजस्वी यादव ने कहा, “कुछ लोग वोट बांटकर NDA की मदद कर रहे हैं।” कांग्रेस और वाम दल सीट शेयरिंग पर अटके हैं। राहुल गांधी सोमवार को दिल्ली में महागठबंधन मीटिंग में हिस्सा लेंगे।
– NDA की मजबूती: BJP-JD(U) ने 101-101 सीटों का फॉर्मूला तैयार किया है। चिराग पासवान को 29 सीटें मिल सकती हैं। NDA ने कहा, “थर्ड फ्रंट विपक्ष को कमजोर करेगा।”
यह गठबंधन बिहार की सियासत को त्रिकोणीय बना रहा है – NDA, महागठबंधन और GDA। वोटिंग 6-11 नवंबर को, रिजल्ट 14 नवंबर।
