‘कुरान न पढ़ने की जिद बनी कत्ल की वजह’: बागपत की मस्जिद में तिहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, दो नाबालिग छात्र गिरफ्तार
‘कुरान न पढ़ने की जिद बनी कत्ल की वजह’: बागपत की मस्जिद में तिहरे हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा, दो नाबालिग छात्र गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के दोघट थाना क्षेत्र के गांगनौली गांव में शनिवार को हुई मस्जिद हत्याकांड की गुत्थी महज छह घंटे में सुलझ गई। पुलिस ने खुलासा किया कि मस्जिद में रहने वाले इमाम की पत्नी और दो मासूम बेटियों की निर्मम हत्या दो नाबालिग छात्रों ने की, जो वहां कुरान सीखने आते थे। वजह? कुरान न पढ़ने पर इमाम की डांट और पिटाई से भड़का बदला। घटना ने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया है।
घटना का क्रम: सुबह की पिटाई से रात का खूनी खेल
– सुबह की शुरुआत: शनिवार सुबह करीब 9 बजे मस्जिद के इमाम इब्राहिम (मुजफ्फरनगर के सुन्ना गांव निवासी) बच्चों को कुरान तालीम दे रहे थे। मस्जिद के ऊपरी कमरे में रहने वाले परिवार की मदद से चलने वाले मदरसे में दो नाबालिग छात्र (उम्र 14-16 वर्ष) पढ़ते थे। इनमें से एक छात्र रिहान था, जो कुछ दिनों से पढ़ाई में मन न लगाने पर बार-बार डांटा जाता था।
– पिटाई का गुस्सा: इमाम ने छात्रों को कुरान न पढ़ने और गलतियां करने पर सख्ती की और पिटाई की। इससे छात्रों के मन में गुस्सा भड़क गया। इमाज ने छात्रों को चेतावनी दी कि अगर सुधार न किया तो घरवालों को बुला लेंगे। इससे अपमानित महसूस करते हुए छात्रों ने दोपहर में मस्जिद छोड़ दी।
– साजिश का प्लान: गुस्से में दोनों छात्रों ने मिलकर साजिश रची। शाम को वे अपने घर जाकर हथौड़ा और तेज धार वाली छुरी लाए। रात के अंधेरे में, जब इमाम सहारनपुर के देवबंद एक कार्यक्रम के लिए बाहर चले गए थे, छात्र मस्जिद लौट आए।
खौफनाक वारदात: सोते हुए तड़पाया-तड़पाया मारा
– रात करीब 11 बजे, मस्जिद के ऊपरी कमरे में सो रही इमाम की पत्नी इसराना (उम्र 35 वर्ष), बड़ी बेटी सोफिया (12 वर्ष) और छोटी बेटी सुम्या (10 वर्ष) पर छात्रों ने अचानक हमला बोल दिया।
– पहले हथौड़े से सिर पर वार किए, फिर छुरी से गला रेत दिया। इतना ही नहीं, एक बेटी ने हत्यारों को देख लिया तो उसे भी गला दबाकर मार डाला। तीनों के शव खून से लथपथ हालत में पड़े मिले। वारदात इतनी क्रूर थी कि कमरे की दीवारें खून से सन गईं।
– खुलासा कैसे?: रविवार दोपहर करीब 3 बजे जब अन्य बच्चे मस्जिद में पढ़ने पहुंचे, तो उन्होंने कमरे का दरवाजा खुला देखा और अंदर का भयानक मंजर देख घबरा गए। चीख-पुकार मचने पर ग्रामीण जुट गए। सूचना मिलते ही एसपी बागपत सूरज कुमार राय, एएसपी प्रवीण कुमार चौहान, सीओ विजय कुमार और डीआईजी कलानिधि नेथानी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य संग्रहित किए।
पुलिस का तेज खुलासा: नाटक करते रहे आरोपी
– पूछताछ में संदेह होने पर पुलिस ने दोनों छात्रों को हिरासत में लिया। शुरू में वे रोने-चिल्लाने का नाटक कर रहे थे, लेकिन सख्ती से टूट गए और पूरा कबूलनामा दे दिया।
– छात्रों ने बताया कि इमाम की पिटाई से बदला लेने के लिए उन्होंने यह कदम उठाया। कुछ दिन पहले भी ऐसी पिटाई हुई थी, जिससे उनके मन में नफरत पनप रही थी। दोनों के परिवार गांव में ही रहते हैं और मस्जिद से पैदल आते-जाते थे।
– कानूनी कार्रवाई: चूंकि आरोपी नाबालिग हैं, उन्हें जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा। पुलिस ने हत्या, साजिश और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। इमाम इब्राहिम की हैदराबाद वापसी पर पूछताछ होगी।
इलाके में सनसनी, ग्रामीण सदमे में
गांगनौली गांव की इस मस्जिद में रोजाना 50-60 बच्चे कुरान सीखने आते थे। अब माहौल गमगीन है। ग्रामीणों का कहना है कि इमाम परिवार बहुत सौम्य था; इसराना खुद बच्चों को पढ़ाती थीं। घटना के बाद गांव में सन्नाटा पसर गया है। स्थानीय मुस्लिम समुदाय ने शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि अफवाहें न फैलें। डीआईजी ने कहा, “यह एक पारिवारिक-सामुदायिक विवाद से उपजा मामला है, जो सुलझ चुका है।” लेकिन सवाल उठ रहे हैं: मदरसों में अनुशासन की सख्ती कहीं हिंसा को जन्म न दे।
यह घटना उत्तर प्रदेश में धार्मिक स्थलों पर बढ़ती असुरक्षा को उजागर करती है।
