राजनीति

बिहार चुनाव 2025: NDA में सीट शेयरिंग का ऐलान, बीजेपी-जेडीयू को 101-101 सीटें, चिराग पासवान ने कहा- ‘सौहार्दपूर्ण’ फैसला

बिहार चुनाव 2025: NDA में सीट शेयरिंग का ऐलान, बीजेपी-जेडीयू को 101-101 सीटें, चिराग पासवान ने कहा- ‘सौहार्दपूर्ण’ फैसला

पटना। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की रणभेरी बज चुकी है, और रविवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला अंतिम रूप दे दिया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ऐलान किया कि बीजेपी और जनता दल (यूनाइटेड) दोनों को बराबर 101-101 सीटें मिलेंगी। वहीं, चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29, उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को 6 और जीतन राम मांझी की हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) को 6 सीटें आवंटित की गई हैं। कुल 243 सीटों में से NDA के सभी घटकों के बीच बंटवारा पूर्ण हो गया है। चिराग पासवान ने इसे ‘सौहार्दपूर्ण’ बताते हुए कहा कि यह फैसला गठबंधन की एकजुटता को मजबूत करेगा। यह ऐलान चुनाव आयोग द्वारा दो चरणों (6 और 11 नवंबर) में मतदान की घोषणा के ठीक दो हफ्ते पहले आया है, जिससे NDA को मजबूत संदेश देने की कोशिश की गई है।

सीट बंटवारे का पूरा फॉर्मूला: बराबरी का संदेश

NDA की इस सीट शेयरिंग में बीजेपी और जेडीयू को बराबर हिस्सा देकर ‘नो बिग ब्रदर’ की नीति अपनाई गई है। 2020 के चुनाव में जेडीयू को 115 सीटें मिली थीं, जबकि बीजेपी को 110, लेकिन 2024 लोकसभा चुनावों में बराबरी (17-16) के फॉर्मूले ने इस बार विधानसभा में भी संतुलन बनाया। धर्मेंद्र प्रधान ने कहा, “हमने सौहार्दपूर्ण वातावरण में वितरण पूरा किया। बीजेपी-101, जेडीयू-101, LJP(RV)-29, RLM-6, HAM-6। बिहार तैयार है, NDA सरकार फिर बनेगी।” चिराग पासवान ने X पर पोस्ट कर कहा, “NDA परिवार ने सहमति से फैसला लिया। यह गठबंधन की मजबूती का प्रतीक है। हम जीत के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

छोटे सहयोगियों के लिए यह फॉर्मूला सकारात्मक रहा। LJP को 2020 की तुलना में दोगुनी से अधिक (पहले 14) सीटें मिलीं, जो पासवान की लोकसभा में 5 सीटों वाली जीत का इनाम है। RLM और HAM को 6-6 सीटें देकर कुशवाहा और मांझी के वोट बैंक (कुशवाहा और महादलित) को साधा गया। हालांकि, कुछ सीटों पर अंतिम फैसला नामांकन से पहले होगा, खासकर जहां ओवरलैपिंग दावे हैं। NDA के पास वर्तमान में 128 विधायक हैं, और यह फॉर्मूला बहुमत (122) पार करने का लक्ष्य रखता है।

पृष्ठभूमि: लंबी खींची गई बातचीत, चिराग की जीत

सीट शेयरिंग की बातचीत जून से चल रही थी। जून में स्रोतों ने बताया कि जेडीयू को 102-103 और बीजेपी को 101-102 सीटें मिल सकती हैं। अक्टूबर में अमित शाह के दिल्ली आवास पर हुई बैठक में अंतिम मुहर लगी, जिसमें नीतीश कुमार, तरुण चुघ, सम्राट चौधरी और विनोद तावड़े शामिल हुए। चिराग पासवान ने 25-28 सीटों की मांग की थी, जो 29 पर सेटल हो गई। HAM ने 7 मांगी थी, लेकिन 6 पर सहमत हुए। RLM को 4-5 की बजाय 6 मिलीं। यदि छोटे सहयोगी असंतुष्ट होते, तो उन्हें राज्यसभा या विधान परिषद की सीटें ऑफर की जातीं। यह फॉर्मूला जाति सर्वे (10% EWS, OBC 63%) को ध्यान में रखकर बनाया गया, जहां जेडीयू को EBC (18%) और बीजेपी को ऊपरी जातियों पर फोकस है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया: ‘NDA का अंतिम सांस’

महागठबंधन ने NDA के ऐलान पर तंज कसा। तेजस्वी यादव ने कहा, “101-101 का फॉर्मूला नीतीश की मजबूरी है। जनता ने 2020 में इन्हें सबक सिखाया, अब बिहार बदलाव चाहता है।” RJD ने दावा किया कि उनकी सीट शेयरिंग (RJD-144, कांग्रेस-15, वाम-10) मजबूत है। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा, “NDA का बंटवारा जातिवादी है, जबकि INDIA गठबंधन समावेशी।” जन सुराज के प्रशांत किशोर ने कहा, “NDA का फॉर्मूला पुराना है, बिहार नई राजनीति चाहता है।” विपक्ष ने NDA पर ‘नीतीश को कमजोर करने’ का आरोप लगाया।

चुनावी परिदृश्य: दो चरणों में जंग, NDA का दावा

चुनाव 6 नवंबर (121 सीटें, मध्य बिहार) और 11 नवंबर (122 सीटें, सीमावर्ती क्षेत्र) को होंगे, नतीजे 14 नवंबर को। 7.4 करोड़ वोटर, जिसमें पहली बार 15 लाख युवा और अधिक महिलाएं शामिल। NDA का लक्ष्य 2020 की तरह 125+ सीटें। पीएम मोदी 20 रैलियां करेंगे, योगी आदित्यनाथ 20 से अधिक। नीतीश कुमार EBC पर फोकस करेंगे। महागठबंधन RJD के नेतृत्व में OBC-SC पर दांव लगाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सीट बंटवारा NDA को एकजुट रखेगा, लेकिन चिराग की बढ़ती ताकत नीतीश के लिए चुनौती। जाति सर्वे और पंचायत चुनाव NDA के पक्ष में हैं।

यह ऐलान बिहार की सियासत को नई ऊर्जा दे रहा है। NDA का दावा है कि एकजुटता से बहुमत आएगा, जबकि विपक्ष ‘बदलाव’ का नारा बुलंद कर रहा। नामांकन 20 अक्टूबर से शुरू, बिहार की सियासत रोमांचक मोड़ ले चुकी है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *