पहाड़ों पर ठंड की दस्तक: कश्मीर से हिमाचल-उत्तराखंड तक सीजन की पहली बर्फबारी, IMD ने जारी किया अलर्ट
पहाड़ों पर ठंड की दस्तक: कश्मीर से हिमाचल-उत्तराखंड तक सीजन की पहली बर्फबारी, IMD ने जारी किया अलर्ट
उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में सर्दी ने जल्दी दस्तक दे दी है। कश्मीर के गुलमर्ग, सोनमर्ग और गुरेज घाटी में सीजन की पहली बर्फबारी ने सफेद चादर बिछा दी, तो हिमाचल प्रदेश के रोहतांग दर्रा और उत्तराखंड के ऊंचे इलाकों में भी हल्की बर्फ गिरने की शुरुआत हो गई। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के प्रभाव से 2 अक्टूबर से शुरू हुई यह बर्फबारी 5-7 अक्टूबर तक जारी रहेगी, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई है। IMD ने लैंडस्लाइड, भूस्खलन और यातायात बाधा की चेतावनी जारी की है, जबकि पर्यटकों के लिए यह स्वर्णिम मौका बन गया है।
कश्मीर घाटी में 2 अक्टूबर को गुलमर्ग में 2-3 इंच बर्फ गिरी, जो स्की रिसॉर्ट को सजाने लगी। गुरेज के रजदान पास पर मध्यम बर्फबारी हुई, जबकि सोनमर्ग और पीर पंजाल रेंज में हल्की हिमपात दर्ज किया गया। श्रीनगर का न्यूनतम तापमान 8 डिग्री सेल्सियस गिर गया, जबकि गुलमर्ग में -1 डिग्री तक पहुंचा। IMD के अनुसार, 5-7 अक्टूबर के बीच अनंतनाग-पहलगाम, कुलगाम, सिन्थान पास, शूपियां, सोनमर्ग-जोजिला, बांदीपोरा-रजदान पास, गुलमर्ग और कुपवाड़ा-साधना पास में भारी बर्फबारी संभव है। जम्मू डिवीजन में भारी बारिश की चेतावनी है।
हिमाचल प्रदेश के रोहतांग पास में भी 5 अक्टूबर को पहली बर्फबारी हुई, जिससे मंडी-मनाली हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। शिमला, किन्नौर और लाहुल-स्पीति के ऊंचे क्षेत्रों में हल्की बर्फ गिरी, जबकि निचले इलाकों में बारिश ने ठंड बढ़ा दी। तापमान में 4-6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। IMD ने 6-8 अक्टूबर के बीच मध्यम से भारी बारिश और अलग-थलग बर्फबारी की भविष्यवाणी की है।
उत्तराखंड के चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जिलों में भी 5 अक्टूबर को ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी शुरू हो गई। केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब मार्ग पर बर्फ जमा होने से तीर्थयात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई। देहरादून का तापमान 15 डिग्री तक गिर गया। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण 6-8 अक्टूबर तक मध्यम बारिश और ऊंचाई पर बर्फबारी जारी रहेगी।
बर्फबारी के प्रभाव और अलर्ट
– पर्यटन पर असर: गुलमर्ग और रोहतांग में स्कीइंग सीजन की शुरुआत हो गई। पर्यटक बढ़ रहे हैं, लेकिन IMD ने जोजिला, सिन्थान और रोहतांग पास पर यात्रा से बचने की सलाह दी।
– खतरे: भूस्खलन, नदियों में जलस्तर बढ़ने और सड़क अवरुद्ध होने का खतरा। किसानों को खेतों में काम न करने की चेतावनी।
– तापमान पूर्वानुमान: कश्मीर में 5-8°C, हिमाचल-उत्तराखंड में 10-12°C तक गिरावट।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह वेस्टर्न डिस्टर्बेंस असामान्य रूप से जल्दी आया है, जो जलवायु परिवर्तन का संकेत देता है। पर्यटक और यात्री अलर्ट पर रहें।
