राजनीति

बिहार चुनाव 2025: भाजपा ने EC से की दो चरणों में मतदान की मांग, 16-सूत्री सुझाव सौंपे

बिहार चुनाव 2025: भाजपा ने EC से की दो चरणों में मतदान की मांग, 16-सूत्री सुझाव सौंपे

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर चुनाव आयोग (EC) की टीम ने शनिवार को पटना में प्रमुख राजनीतिक दलों के साथ बैठक की, जिसमें भाजपा ने दो चरणों में मतदान कराने की प्रमुख मांग रखी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल के नेतृत्व में पार्टी ने EC के समक्ष 16-सूत्री मांगों और सुझावों का एक विस्तृत दस्तावेज सौंपा। बैठक में EC ने चुनाव तारीखों की घोषणा पर संकेत दिया कि यह एक हफ्ते के अंदर हो सकती है। भाजपा ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया की सराहना की, लेकिन धार्मिक स्थलों पर मतदान केंद्रों को हटाने जैसी मांगें भी उठाईं।

बैठक का विवरण

– स्थान और भागीदारी: बैठक पटना के ताज होटल में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में हुई। इसमें भाजपा, जेडीयू, आरजेडी, कांग्रेस, सीपीआई(एम) जैसे प्रमुख दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। हालांकि, विकासशील इंसान पार्टी (VIP), राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (HAM) को आमंत्रित नहीं किया गया, जिस पर विपक्ष ने आपत्ति जताई।

– भाजपा की प्रमुख मांगें:

– दो चरणों में चुनाव: भाजपा ने एक या दो चरणों में मतदान कराने की मांग की, ताकि मतदाताओं को असुविधा न हो और उम्मीदवारों का खर्च कम हो। प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने कहा, “ज्यादा चरणों से चुनावी खर्च बढ़ता है और विकास कार्य रुक जाते हैं।”

– घोषणा के 28 दिन बाद मतदान: चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के 28 दिन बाद ही मतदान शुरू करने का सुझाव, जिससे पार्टियां बेहतर तैयारी कर सकें।

– धार्मिक स्थलों पर बूथ हटाएं: कई विधानसभा क्षेत्रों में मतदान केंद्र मस्जिद या मंदिर जैसे धार्मिक स्थलों में हैं, इन्हें हटाने की मांग।

– सुरक्षा पर जोर: अति पिछड़ा समाज वाले संवेदनशील गांवों में पैरामिलिट्री फोर्स की तैनाती।

– अन्य सुझाव: बुर्का पहनने वाली महिलाओं की पहचान सुनिश्चित करने के लिए ID चेक, मतदाता सूची की पारदर्शिता बढ़ाने के उपाय।

– EC का रुख: EC ने सभी सुझावों को नोट किया और कहा कि चुनाव तारीखों का ऐलान जल्द होगा। बिहार विधानसभा का कार्यकाल 22 नवंबर 2025 को समाप्त हो रहा है, इसलिए चुनाव नवंबर में ही संभावित हैं। EC ने छठ पूजा (अक्टूबर-नवंबर) के बाद मतदान कराने पर विचार जताया, ताकि मतदाता भागीदारी बढ़े।

अन्य दलों की मांगें

– जेडीयू: एक ही चरण में चुनाव कराने की मांग की, ताकि जल्दी नतीजे आएं।

– आरजेडी और कांग्रेस: SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए, कहा कि वोटर लिस्ट में अनियमितताएं हैं। कांग्रेस ने छठ के बाद कम चरणों में चुनाव की मांग दोहराई।

– कुल मांगें: बैठक में सभी दलों ने कम चरणों, सुरक्षा और पारदर्शिता पर जोर दिया। EC ने SIR को सफल बताया, जिसमें 7.42 करोड़ मतदाता दर्ज हैं।

राजनीतिक प्रभाव

यह बैठक बिहार चुनाव की तैयारियों का अंतिम चरण है। भाजपा की दो-चरण मांग को चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि 2020 में 5 चरणों में चुनाव हुए थे। विपक्ष इसे “भाजपा का फायदा” बताकर हमला बोल सकता है। EC के ऐलान से सियासी सरगर्मी तेज हो जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *