उत्तराखंड

देहरादून: ‘I Love Mohammad’ विवाद पर CM धामी का सख्त रुख, बोले- ‘साजिश के तहत अशांति फैलाने की कोशिश, दंगाइयों को नहीं बख्शेंगे’

देहरादून: ‘I Love Mohammad’ विवाद पर CM धामी का सख्त रुख, बोले- ‘साजिश के तहत अशांति फैलाने की कोशिश, दंगाइयों को नहीं बख्शेंगे’

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में बीती रात (29 सितंबर 2025) पटेलनगर थाना क्षेत्र में ‘I Love Mohammad’ तख्तियों और बैनरों के साथ सैकड़ों लोगों के सड़कों पर उतरने से उपजा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सख्त बयान जारी किया है, इसे ‘जानबूझकर साजिश’ करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का ऐलान किया। साथ ही, पुलिस ने सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले आरोपी गुलशन को हिरासत में ले लिया है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।

क्या है पूरा मामला?

– हंगामे की शुरुआत: 29 सितंबर की रात को देहरादून के पटेलनगर थाना क्षेत्र में मुस्लिम समुदाय के सैकड़ों लोग ‘I Love Mohammad’ लिखी तख्तियां और बैनर लेकर सड़कों पर उतर आए। यह प्रदर्शन गुलशन नाम के एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया (संभवतः X) पर पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में था। देखते ही देखते ब्रह्मपुरी इलाके में भीड़ जमा हो गई, और नारेबाजी शुरू हो गई। हालात बेकाबू होने लगे, जिससे पूरे क्षेत्र में अफरातफरी मच गई।

– पुलिस की कार्रवाई: स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर भीड़ को तितर-बितर करने की कोशिश की। भीड़ के नहीं हटने पर हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा। पुलिस ने गुलशन को हिरासत में ले लिया, और उसके खिलाफ धार्मिक भावनाएं भड़काने का मामला दर्ज किया गया। फिलहाल, स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।

CM पुष्कर सिंह धामी का बयान

मुख्यमंत्री धामी ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए इसे ‘विकसित भारत’ के खिलाफ साजिश का हिस्सा बताया। उनके बयान के प्रमुख बिंदु:

– साजिश का आरोप: धामी ने कहा, “यह हमारे त्योहारों और धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान अशांति और गड़बड़ी पैदा करने की जानबूझकर साजिश है। इसके पीछे वे शक्तियां हैं जो भारत को मजबूत होते नहीं देख सकतीं। जो लोग PM मोदी के मार्गदर्शन में ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पचा नहीं पा रहे, वे ऐसी हरकतें कर रहे हैं।”

– तख्ती विवाद पर सवाल: CM ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा, “अगर आप किसी से प्यार करते हैं या सम्मान करते हैं, तो वह आपके व्यवहार में दिखना चाहिए। आपको उनके नाम की तख्ती लेकर सड़कों पर घूमने का अधिकार किसने दिया? उत्तराखंड की पवित्र धरती पर ऐसी अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”

– कड़ी कार्रवाई का ऐलान: धामी ने चेतावनी दी कि दंगाइयों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। “चाहे सरकारी संपत्ति हो या निजी, जो भी दंगा करेगा, उसे सख्त सजा मिलेगी। दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।”

– राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: विपक्षी कांग्रेस ने सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में नाकामी का आरोप लगाया, जबकि BJP कार्यकर्ताओं ने CM धामी के सख्त रुख की तारीफ की। स्थानीय नेताओं ने इस मुद्दे को धार्मिक तनाव से जोड़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने इसे व्यक्तिगत टिप्पणी से उपजा मामला बताया।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

– उत्तराखंड में बढ़ता तनाव: हाल के महीनों में उत्तराखंड में धार्मिक और सांप्रदायिक मुद्दों पर कई विवाद सामने आए हैं। धामी सरकार ने ‘लव जिहाद’, अवैध मजार निर्माण, और धर्मांतरण जैसे मुद्दों पर सख्त कानून लागू किए हैं, जिससे कुछ समुदायों में असंतोष है।

– सोशल मीडिया की भूमिका: गुलशन की टिप्पणी (जिसका स्क्रीनशॉट X पर वायरल हुआ) ने इस प्रदर्शन को हवा दी। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि क्या यह टिप्पणी सुनियोजित थी या व्यक्तिगत।

आगे क्या?

– पुलिस जांच: गुलशन के खिलाफ IPC की धारा 295A (धार्मिक भावनाएं आहत करने) और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज हो चुका है। पुलिस यह भी देख रही है कि प्रदर्शन के पीछे कोई संगठित समूह तो नहीं था।

– सुरक्षा बढ़ाई गई: देहरादून के संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। CM ने DGP को हालात पर नजर रखने और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

– सामाजिक सौहार्द की अपील: स्थानीय नेताओं और धार्मिक गुरुओं ने दोनों समुदायों से शांति बनाए रखने की अपील की है।

यह घटना उत्तराखंड जैसे शांतिप्रिय राज्य में सांप्रदायिक तनाव की संवेदनशीलता को दर्शाती है। अगर आपके पास इस मामले से जुड़ा कोई अतिरिक्त सवाल है, जैसे गुलशन की टिप्पणी का विवरण या प्रदर्शन का कोई वीडियो, तो शेयर करें, ताकि और गहराई से विश्लेषण किया जा सके!

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *