यौन शोषण का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद गिरफ्तार: आगरा से दिल्ली पुलिस ने दबोचा
यौन शोषण का आरोपी स्वामी चैतन्यानंद गिरफ्तार: आगरा से दिल्ली पुलिस ने दबोचा
दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च (SRISIIM) के पूर्व चांसलर स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ डॉ. पार्थसारथी को यौन शोषण के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। 62 वर्षीय यह स्वघोषित संत, जो गेरुआ वस्त्र धारण कर आध्यात्मिक गुरु बनने का दावा करता था, 27 सितंबर की रात करीब 3:30 बजे उत्तर प्रदेश के आगरा से दिल्ली पुलिस ने दबोच लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी फरार होने के बाद आगरा में छिपा हुआ था, जहां से उसे हिरासत में लेकर दिल्ली लाया गया। अब वसंत कुंज नॉर्थ पुलिस स्टेशन में पूछताछ चल रही है।
गिरफ्तारी की पूरी कहानी: आगरा में छिपा था ‘भगवा पाखंडी’
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चैतन्यानंद की लोकेशन ट्रैक करने के लिए इंटेलिजेंस इनपुट्स का सहारा लिया। सूत्रों के अनुसार, आरोपी दिल्ली से भागने के बाद आगरा के एक प्राइवेट गेस्टहाउस में छिपा हुआ था, जहां वह फर्जी नाम से रह रहा था। रात के अंधेरे में पुलिस टीम ने सर्जिकल ऑपरेशन चलाया और बिना किसी विरोध के उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां रिमांड की मांग की जाएगी। पुलिस ने उसकी लाल रंग की वॉल्वो कार (फर्जी नंबर प्लेट वाली) पहले ही जब्त कर ली थी।
यौन शोषण का काला अध्याय: 17 छात्राओं की चीखें दबीं रहीं
यह मामला 4 अगस्त को तब सामने आया जब संस्थान के प्रशासक पी.ए. मुरली ने वसंत कुंज थाने में शिकायत दर्ज कराई। 32 से अधिक छात्राओं से पूछताछ में 17 ने यौन उत्पीड़न की पुष्टि की। आरोपी मुख्य रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) की छात्राओं को निशाना बनाता था। आरोप है कि वह करियर बर्बाद करने और छात्रवृत्ति छीन लेने की धमकी देकर रात के समय अपने क्वार्टर में बुलाता, छेड़छाड़ करता और शारीरिक संबंध बनाने के लिए मजबूर करता। छात्राओं ने अश्लील मैसेज, जबरन छूने और वर्चुअल मीटिंग्स में उत्पीड़न के वीडियो सबूत दिए।
पुलिस ने IPC की धारा 354 (महिला का अपमानजनक तरीके से छेड़छाड़), 506 (आपराधिक धमकी) और POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। दोषी पाए जाने पर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। जांच में सामने आया कि आरोपी ने संस्थान में वफादारों का नेटवर्क बनाया था—10 कर्मचारी (वार्डन, शिक्षक) भी रडार पर हैं। 50 छात्राओं के चैट डिलीट हो चुके हैं और CCTV फुटेज गायब हैं, जो साजिश की ओर इशारा करते हैं।
चैतन्यानंद का काला इतिहास: शिकागो से संन्यास तक का सफर
शिकागो यूनिवर्सिटी के बूथ स्कूल से MBA करने वाले पार्थसारथी ने खुद को ‘स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती’ बनाया। फर्राटेदार अंग्रेजी, लग्जरी कारें (मर्सिडीज, वॉल्वो) और मैनेजमेंट गुरु बनकर वह प्रवचन देता। लेकिन 2009 में भी यौन शोषण का केस दर्ज हुआ था। हाल के वर्षों में करोड़ों के फाइनेंशियल घोटाले, फर्जी डिग्री और संस्थान की संपत्ति हड़पने के आरोप लगे। एक पूर्व छात्र ने बताया, “वह गरीब लड़कियों की कमजोरी का फायदा उठाता, सोचता कि वे चुप रहेंगी।”
क्या होगा आगे? पुलिस की चेतावनी
दिल्ली पुलिस ने अन्य संभावित पीड़िताओं से आगे आने की अपील की है। DCP साउथ वेस्ट ने कहा, “हम सभी सबूत इकट्ठा कर रहे हैं। आरोपी के बैंक अकाउंट्स और संपत्तियों पर नजर है।” यह केस #MeToo मूवमेंट की याद दिलाता है, जहां आध्यात्मिक आड़ में अपराध छिपाए जाते हैं।
पीड़ित छात्राओं को न्याय मिले, यही उम्मीद। इस मामले पर आपकी क्या राय है? कमेंट्स में शेयर करें।
