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बरेली बवाल में मौलाना तौकीर रजा गिरफ्तार, सीतापुर जेल भेजने की तैयारी

उत्तर प्रदेश के बरेली में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर विवाद को लेकर भड़की हिंसा के मामले में इत्तेहाद-ए-मिल्लत कौंसिल (IMC) प्रमुख मौलाना तौकीर रजा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार सुबह करीब 5 बजे उनका मेडिकल कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां जज ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। सुरक्षा कारणों से मौलाना को बरेली की जेल में न रखकर सीतापुर जेल शिफ्ट कर दिया गया है। अब तक 10 FIR दर्ज हो चुकी हैं, जिनमें से 7 में तौकीर रजा का नाम शामिल है। पुलिस ने 8 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जबकि 39 को हिरासत में लिया गया है।

गिरफ्तारी का पूरा घटनाक्रम: हाउस अरेस्ट से जेल तक, 7 FIR में नाम

मौलाना तौकीर रजा को शुक्रवार रात फाइक एनक्लेव स्थित उनके आवास पर हाउस अरेस्ट किया गया था। पुलिस ने पूछताछ के दौरान उनके और उनके करीबियों के मोबाइल फोन जब्त कर जांच शुरू की। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया, “हिंसा की साजिश 7 दिनों से रची जा रही थी। मौलाना के बुलावे पर ही सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए, जिससे पथराव, फायरिंग और तोड़फोड़ हुई।” गिरफ्तारी के बाद कोर्ट ने 14 दिनों की रिमांड दी, और सुरक्षा को देखते हुए उन्हें सीतापुर जेल भेजा गया।

पुलिस ने उपद्रव में इस्तेमाल चाकू, तमंचे, ब्लेड और पेट्रोल बम बरामद किए हैं। 2000 से ज्यादा अज्ञात लोगों पर भी FIR दर्ज है। शहर में इंटरनेट सेवाएं रविवार तक बंद हैं, और 4700 जवान तैनात हैं।

बरेली बवाल का बैकग्राउंड: पोस्टर विवाद से हिंसा, 22 पुलिसकर्मी घायल

शुक्रवार दोपहर इस्लामिया इंटर कॉलेज मैदान, आला हजरत दरगाह और मौलाना के घर के बाहर सैकड़ों लोग इकट्ठा हुए। बिना अनुमति के धरना शुरू होते ही श्यामगंज, कोहाड़ापीर, बिहारीपुर और बारादरी में पथराव शुरू हो गया। दुकानों के शीशे तोड़े गए, वाहनों में आग लगाई गई, और पुलिस पर फायरिंग की गई। लाठीचार्ज और आंसू गैस से स्थिति काबू में आई, लेकिन 22 पुलिसकर्मी घायल हो गए। डीएम अविनाश सिंह ने कहा, “अफवाहों से बचें, शांति बनाए रखें।” X पर एक पोस्ट में लिखा गया, “बरेली हिंसा: तौकीर रजा समेत 8 गिरफ्तार, 39 हिरासत में। IMC प्रमुख की साजिश फेल!”

सीएम योगी का सख्त बयान: ‘मौलाना भूल गया किसका शासन है’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक में कहा, “मौलाना भूल गया था कि राज्य में सत्ता किसकी है। हमने ऐसा सबक सिखाया है कि पीढ़ियां दंगे करना भूल जाएंगी। उपद्रवियों को कुचल देंगे।” उन्होंने बुलडोजर एक्शन और संपत्ति जब्ती के निर्देश दिए।

मौलाना तौकीर रजा का विवादित इतिहास: 2010 दंगों से जुड़े

आला हजरत खानदान से ताल्लुक रखने वाले तौकीर रजा बरेलवी सुन्नी समुदाय के प्रमुख नेता हैं। 2010 के बरेली दंगों, CAA विरोध, हल्द्वानी हिंसा और ‘मुस्लिम सड़क पर उतरेंगे तो संभालना मुश्किल’ जैसे बयानों से विवादों में रहे। 19 सितंबर को उन्होंने प्रदर्शन का ऐलान किया, लेकिन प्रशासन ने अनुमति रद्द कर दी। फिर भी वीडियो जारी कर ‘फर्जी’ बताकर कार्यक्रम जारी रखा।

200 CCTV की जांच, बुलडोजर की तैयारी

पुलिस 200 CCTV फुटेज की जांच कर रही है। व्यापारियों ने एसएसपी से मिलकर सख्त कार्रवाई की मांग की। विपक्षी नेता मुनव्वर राणा की बेटी सुमैया ने लखनऊ में प्रदर्शन की चेतावनी दी है। स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन हाई अलर्ट बरकरार। यह घटना धार्मिक संवेदनशीलता पर सवाल खड़ी कर रही है।

(रिपोर्ट: unnatbharatlive.com न्यूज डेस्क | स्रोत: विभिन्न मीडिया और X रिपोर्ट्स)

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