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संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाक पर तीखा प्रहार: ‘टूटे रनवे, जले हैंगर को जीत बताएं शहबाज, हम तो यही कहेंगे’

संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाक पर तीखा प्रहार: ‘टूटे रनवे, जले हैंगर को जीत बताएं शहबाज, हम तो यही कहेंगे’

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के भाषण पर भारत ने जोरदार जवाब दिया। शरीफ ने मई 2025 के सैन्य संघर्ष को पाकिस्तान की ‘जीत’ बताते हुए पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तारीफ की और ‘हिंदुत्व अतिवाद’ को वैश्विक शांति के लिए खतरा करार दिया। लेकिन भारत की प्रथम सचिव पेटल गहलोत ने इसे ‘बेतुकी नौटंकी’ बताते हुए पाक को आईना दिखाया। उन्होंने कहा, “अगर पाकिस्तान के लिए टूटे हुए रनवे और जले हुए हैंगर जीत का प्रतीक हैं, तो उन्हें इसे ही अपनी जीत बताने दीजिए। लेकिन सच्चाई यही है कि भारतीय सेनाओं ने मई 10 को पाकिस्तानी एयरबेस को तबाह कर दिया था, जिसके बाद ही पाकिस्तान को झुकना पड़ा।”

शहबाज का भाषण: कश्मीर पर जहर उगलना, ट्रंप को नोबेल की सिफारिश

शुक्रवार को UNGA में शरीफ ने भारत पर हमला बोला। उन्होंने कश्मीर मुद्दे को उठाते हुए कहा कि भारत ‘हिंदुत्व की आड़ में’ अल्पसंख्यकों का दमन कर रहा है और यह वैश्विक खतरा है। शरीफ ने मई के संघर्ष में पाकिस्तान की ‘सफलता’ का दावा किया, जिसमें उन्होंने ट्रंप की ‘मध्यस्थता’ का श्रेय देते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार की सिफारिश तक कर दी। साथ ही, उन्होंने पाकिस्तान पर लगने वाले आतंकवाद प्रायोजित करने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उनका देश ‘सभी रूपों में आतंकवाद’ की निंदा करता है। लेकिन शरीफ ने स्वीकार किया कि बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) और तहरीक-ए-तालिबान जैसे समूह पाकिस्तान को निशाना बना रहे हैं, जिन्हें उन्होंने ‘विदेशी समर्थित’ बताया।

शरीफ ने यह भी कहा कि “भारत से युद्ध के दौरान चीन ने हमारी मदद की”, जिससे भारत में सवाल उठे कि क्या पाकिस्तान की पीठ थपथपाने वाले सहयोगियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। X (पूर्व ट्विटर) पर यूजर्स ने इसे ‘पाकिस्तान की हार का इकबाल’ बताया, जहां एक पोस्ट में लिखा गया, “शहबाज शरीफ ने UN में ही कबूल लिया कि चीन ने भारत के खिलाफ उनकी मदद की। भारत का विदेश मंत्रालय क्या कर रहा है?”

भारत का जवाब: पाक को आतंकवाद का पाठ पढ़ाया, ‘सैन्य शासन’ पर चुटकी

भारत की ओर से राइट टू रिप्लाई में पेटल गहलोत ने शरीफ के दावों को ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का प्रधानमंत्री, जो एक सैन्य शासन के अधीन है, आतंकवाद, नशीले पदार्थों की तस्करी और सीमा-पार अपराधों के लिए वैश्विक स्तर पर बदनाम है, दुनिया की सबसे बड़ी लोकतंत्र को निशाना बनाने की हिम्मत दिखा रहा है।” गहलोत ने मई के ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए बताया कि भारत ने पाकिस्तान के नूर खान, मुशाफ, भोलारी और शाहबाज एयरबेस पर ब्रह्मोस मिसाइलों से हमला किया था, जिससे पाकिस्तानी रनवे तबाह हो गए और हैंगर जल गए। शहबाज शरीफ ने खुद मई में कबूल किया था कि 10 मई को रात 2:30 बजे आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने उन्हें सूचित किया कि भारतीय बैलिस्टिक मिसाइलों ने नूर खान एयरबेस को निशाना बनाया।

गहलोत ने पाकिस्तान के क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म पर सीधा हमला बोला: “पाकिस्तान ने हमेशा आतंकवाद को हथियार बनाया है। उनके एयरबेस तबाह होने के बाद ही उन्होंने संयुक्त राष्ट्र में शांति की बात की।” उन्होंने बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर हमलों का भी जिक्र किया, जहां BLA ने जिम्मेदारी ली और पाक को ‘चीन के निवेश’ के खिलाफ चेतावनी दी। X पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें ANI पत्रकार ने शरीफ से पूछा, “क्रॉस-बॉर्डर टेररिज्म कब बंद करेंगे?” शरीफ ने जवाब दिया, “हम इसे हरा रहे हैं”, तो पत्रकार ने कहा, “नहीं, भारत आपको हरा रहा है।”

मई 2025 का संघर्ष, जहां पाकिस्तान ‘हार’ को ‘जीत’ बता रहा

यह विवाद मई 2025 के सैन्य टकराव से जुड़ा है। एक आतंकी हमले के बाद भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया, जिसमें 15 ब्रह्मोस मिसाइलों से पाकिस्तानी एयरबेस तबाह कर दिए गए। सैटेलाइट इमेजरी से साबित हुआ कि नूर खान (रावलपिंडी के पास, जहां न्यूक्लियर हथियार हैं) सहित कई बेस क्षतिग्रस्त हो गए। पाकिस्तान घबरा गया और अमेरिका ने हस्तक्षेप कर युद्धविराम कराया। शरीफ ने बाद में कबूल किया कि हमले इतने करीब थे कि पाकिस्तान ने न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी की बैठक बुलाई। लेकिन UN में उन्होंने इसे ‘ट्रंप की जीत’ बता दिया।

X पर रिएक्शन: यूजर्स ने भारत की डिप्लोमेसी की तारीफ की। एक पोस्ट में कहा गया, “भारत की युवा डिप्लोमैट ने पाक को दुनिया के सामने बेनकाब कर दिया। शहबाज की नौटंकी फेल!”

आगे की राह: भारत की कूटनीति मजबूत, पाक का अलगाव गहरा

भारत ने साफ कहा कि कश्मीर आंतरिक मामला है और पाकिस्तान आतंकवाद बंद करे। यह जवाब न सिर्फ पाक को धो डाला, बल्कि वैश्विक मंच पर भारत की मजबूत छवि को मजबूत किया। बलूचिस्तान में तनाव बढ़ रहा है, जहां 2025 में 200 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी मारे गए। क्या पाकिस्तान अपनी ‘जीत’ की कहानी जारी रखेगा? समय बताएगा।

(रिपोर्ट: unnatbharatlive.com | स्रोत: विभिन्न मीडिया और X रिपोर्ट्स)

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