अन्तर्राष्ट्रीय

संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू के संबोधन से पहले दर्जनों देशों के राजनयिकों का वॉकआउट, इजरायल पर बढ़ा दबाव

संयुक्त राष्ट्र में नेतन्याहू के संबोधन से पहले दर्जनों देशों के राजनयिकों का वॉकआउट, इजरायल पर बढ़ा दबाव

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 80वें सत्र में इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के संबोधन के ठीक पहले एक अभूतपूर्व विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। 50 से अधिक देशों के सैकड़ों राजनयिकों ने हॉल से बाहर निकलकर वॉकआउट कर दिया, जो गाजा में चल रहे युद्ध और इजरायल की क्षेत्रीय कार्रवाइयों के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

यह घटना गुरुवार (26 सितंबर) को न्यूयॉर्क में यूएन मुख्यालय में हुई, जब नेतन्याहू मंच पर चढ़ने ही वाले थे। वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार, 100 से अधिक राजनयिकों ने हॉल छोड़ दिया, जिससे सभागार में खाली सीटों का एक समुद्र नजर आया। यूएस प्रतिनिधिमंडल ने नेतन्याहू का स्वागत तालियों से किया, लेकिन अधिकांश श्रोता उनके अतिथि ही थे, जैसा कि पिछले साल भी हुआ था।

मिडिल ईस्ट आई की रिपोर्ट के मुताबिक, यह वॉकआउट गाजा में कथित नरसंहार और इजरायल के हमलों के खिलाफ था, जो पिछले साल के विरोध को दोहराता प्रतीत होता है।

नेतन्याहू ने अपने संबोधन में इजरायल की “जीतों” का जिक्र किया और कहा कि गाजा में “काम पूरा करना होगा”। उन्होंने हिजबुल्लाह पर हमलों का हवाला देते हुए कहा, “आप उन बीपरों को याद करते होंगे, हमने हिजबुल्लाह को पेज किया और विश्वास कीजिए, उन्होंने संदेश प्राप्त कर लिया।” उन्होंने पश्चिमी देशों की फिलिस्तीन को मान्यता देने की आलोचना की, इसे “पागलपन” बताते हुए कहा कि 7 अक्टूबर के हमले के बाद फिलिस्तीन को राज्य देना “9/11 के बाद न्यूयॉर्क के पास अल-कायदा को राज्य देना” जैसा होगा।

यह वॉकआउट इजरायल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय अलगाव को दर्शाता है। हाल ही में यूके, फ्रांस, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया समेत कई देशों ने फिलिस्तीन को स्वतंत्र राज्य के रूप में मान्यता दी है, जिससे यूएन के 193 सदस्य देशों में से 157 ने अब फिलिस्तीन को मान्यता दे दी है।

गाजा में इजरायली कार्रवाई में 60,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं, जबकि वेस्ट बैंक में हिंसा बढ़ रही है। अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) ने नेतन्याहू के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों का वारंट जारी किया है, और दक्षिण अफ्रीका द्वारा दायर जनसंहार के मामले पर आईसीजे विचार कर रहा है।

इजरायली विपक्षी नेता यैर लापिड ने एक्स पर लिखा कि नेतन्याहू ने “राजनयिक सुनामी को रोकने के बजाय इजरायल की स्थिति को और बिगाड़ दिया।” दूसरी ओर, नेतन्याहू शनिवार को व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे, जहां वेस्ट बैंक के विलय और क्षेत्रीय प्रतिशोध पर चर्चा संभावित है।

यह घटना मध्य पूर्व शांति प्रयासों के लिए एक नया झटका है, जहां युद्धविराम और बंधकों की रिहाई पर कोई प्रगति नहीं हो रही। यूएन महासभा में फिलिस्तीन समर्थक देशों की बैठकें जारी हैं, जहां इजरायल के खिलाफ कार्रवाई पर विचार हो रहा है।

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