टाटा मोटर्स पर साइबर हमले का बड़ा झटका: JLR का प्रोडक्शन 1 अक्टूबर तक बंद, £2 अरब का संभावित नुकसान
टाटा मोटर्स पर साइबर हमले का बड़ा झटका: JLR का प्रोडक्शन 1 अक्टूबर तक बंद, £2 अरब का संभावित नुकसान
टाटा मोटर्स की सहायक कंपनी जगुआर लैंड रोवर (JLR) पर साइबर हमले ने कंपनी को गहरी चोट पहुंचाई है। 2 सितंबर को हुए इस हमले के बाद JLR ने अपने वैश्विक प्लांट्स में उत्पादन रोक दिया था, जो अब 1 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है। इससे कंपनी को प्रति सप्ताह £50 मिलियन (करीब 540 करोड़ रुपये) का नुकसान हो रहा है, और कुल मिलाकर £2 अरब (लगभग 21,000 करोड़ रुपये) तक का आर्थिक झटका लग सकता है। यह राशि JLR के पूरे FY25 के लाभ (£1.8 अरब) से अधिक है।
JLR ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर बयान जारी कर कहा, “हमने सहकर्मियों, आपूर्तिकर्ताओं और पार्टनर्स को सूचित किया है कि साइबर घटना के बाद उत्पादन रोक को बुधवार, 1 अक्टूबर 2025 तक बढ़ा दिया गया है।” कंपनी के UK, स्लोवाकिया, भारत और चीन के प्लांट्स प्रभावित हैं, जहां 33,000 से ज्यादा कर्मचारी घर पर हैं। पहले उत्पादन 24 सितंबर को फिर से शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन जांच के कारण इसे बढ़ा दिया गया। JLR के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ फोरेंसिक जांच जारी है।
हैकर ग्रुप “स्कैटर्ड लैप्सस हंटर्स” ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है, जिससे IT नेटवर्क पूरी तरह ठप हो गया। कंपनी ने डेटा उल्लंघन का दायरा स्पष्ट नहीं किया, लेकिन कहा कि अगर किसी का डेटा प्रभावित हुआ तो उन्हें सूचित किया जाएगा। खराब खबर यह है कि JLR के पास साइबर इंश्योरेंस नहीं था—लॉकटन ब्रोकरेज के माध्यम से डील अंतिम रूप नहीं ले सकी—जिससे पूरा नुकसान कंपनी को ही वहन करना पड़ेगा।
इस घटना का असर टाटा मोटर्स के शेयरों पर साफ दिखा। 25 सितंबर को शेयर 4% गिरकर ₹664.9 पर बंद हुए, जबकि पिछले पांच दिनों में 6% की गिरावट आई। JLR टाटा मोटर्स की 72% राजस्व का स्रोत है, इसलिए यह झटका कंपनी के Q1 FY26 के लाभ (जो पहले ही 62% गिरकर ₹4,003 करोड़ रह गया था) को और प्रभावित करेगा। फाइनेंशियल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सप्लाई चेन बाधित होने से मरम्मत गैरेज और बिक्री भी प्रभावित हुई है। BBC के अनुसार, दैनिक नुकसान लाखों पाउंड में है।
टाटा मोटर्स ने कहा कि वे चरणबद्ध तरीके से ऑपरेशंस बहाल करने की योजना बना रहे हैं। लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि अमेरिकी टैरिफ और बढ़ती लागत के बीच यह हमला कंपनी के लिए “परफेक्ट स्टॉर्म” साबित हो रहा है। JLR के चेयरमैन ने कहा, “हम तेजी से जांच कर रहे हैं और सुरक्षित रीस्टार्ट सुनिश्चित करेंगे।” फिलहाल, त्योहारी मौसम में बिक्री प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को भी विलंब का सामना करना पड़ सकता है।
यह घटना ऑटोमोटिव सेक्टर में साइबर सुरक्षा की कमजोरियों को उजागर करती है। मार्क्स एंड स्पेंसर जैसी अन्य कंपनियां भी इसी तरह के हमलों का शिकार हो चुकी हैं। टाटा मोटर्स की रिकवरी पर नजरें टिकी हैं, लेकिन यह संकट कंपनी के भविष्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है।
