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ThumbPay लॉन्च: अंगूठे से UPI पेमेंट, अब फोन-कार्ड की जरूरत नहीं!

ThumbPay लॉन्च: अंगूठे से UPI पेमेंट, अब फोन-कार्ड की जरूरत नहीं!

भारत की डिजिटल पेमेंट क्रांति को नया आयाम देते हुए आईओटी डीपटेक स्टार्टअप प्रॉक्सी (Proxgy) ने ‘ThumbPay’ नामक बायोमेट्रिक पेमेंट डिवाइस लॉन्च कर दिया है। यह छोटा-सा डिवाइस आधार और यूपीआई को जोड़कर महज अंगूठा लगाने मात्र से पेमेंट की सुविधा देता है। न फोन, न कार्ड, न क्यूआर कोड—बस एक इशारा, और ट्रांजेक्शन हो गया! यह इनोवेशन खासतौर पर ग्रामीण इलाकों और छोटे व्यापारियों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जहां स्मार्टफोन की पहुंच सीमित है।

ThumbPay कैसे काम करता है?

ThumbPay एक किफायती हार्डवेयर डिवाइस है, जो आधार एनेबल्ड पेमेंट सिस्टम (AEPS) से यूजर की पहचान करता है और यूपीआई के जरिए तुरंत बैंक अकाउंट से पैसे डेबिट कर देता है। प्रक्रिया बेहद सरल है:

ग्राहक डिवाइस पर अपना अंगूठा रखता है।

– प्रमाणित फिंगरप्रिंट स्कैनर पहचान की पुष्टि करता है (फ्रॉड डिटेक्शन के साथ)।

– कैमरा वेरिफिकेशन और यूवी स्टरलाइजेशन से हाइजीन बरती जाती है।

– यूपीआई साउंडबॉक्स साउंड अलर्ट देता है, और पेमेंट पूरा!

यह डिवाइस 4G, वाई-फाई या LoRaWAN कनेक्टिविटी पर चलता है, जो कम सिग्नल वाले इलाकों में भी काम करता है। बैटरी पावर्ड होने से बिजली कटौती में भी बाधा नहीं आती। व्यापारी किसी भी बैंक के ग्राहक से पेमेंट ले सकते हैं, बिना ऐप या स्मार्टफोन की जरूरत के।

कीमत और उपलब्धता: हर जेब के लिए

– कीमत: 2,000 रुपये से कम—छोटे दुकानदारों के लिए बिल्कुल किफायती।

– फीचर्स: कीपैड, डिस्प्ले, एनएफसी/क्यूआर सपोर्ट, और मल्टीपल डिवाइस को रिप्लेस करने की क्षमता।

– अभी UIDAI (आधार) और NPCI (यूपीआई) से अप्रूवल का इंतजार है। अप्रूवल मिलते ही प्रमुख बैंकों और फिनटेक कंपनियों के साथ फेज्ड रोलआउट शुरू होगा।

प्रॉक्सी के फाउंडर और सीईओ पुलकित अहूजा ने कहा, “भारत ने पिछले दशक में आधार और यूपीआई का मजबूत आधार बनाया; ThumbPay इनका क्रिएटिव सिंथेसिस है। यह डिजीट्रा की तरह एयर ट्रैवल को बदल सकता है—जहां आपका अंगूठा ही आपका वॉलेट बन जाता है।” कंपनी ने 2020 में स्थापित होकर 5 मिलियन डॉलर से ज्यादा फंडिंग जुटाई है और 70 से अधिक पेटेंट्स हैं।

प्रभाव: वित्तीय समावेशन की नई ऊंचाई

ThumbPay भारत के 64 करोड़ से ज्यादा यूपीआई यूजर्स को और सशक्त बनाएगा, खासकर उन 30-40% आबादी के लिए जो स्मार्टफोन नहीं इस्तेमाल करती। यह ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन को मजबूत करता है, जहां घरेलू इनोवेशन वैश्विक स्तर पर प्रभाव डाल सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे कैशलेस इकोनॉमी को बूस्ट मिलेगा, और ग्रामीण बाजारों में डिजिटल पेमेंट 50% तक बढ़ सकता है।

सोशल मीडिया पर ThumbPay को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यूजर्स इसे “फ्यूचर ऑफ पेमेंट्स” बता रहे हैं, जबकि कुछ प्राइवेसी कंसर्न्स पर सवाल उठा रहे हैं। प्रॉक्सी ने डेटा सिक्योरिटी पर जोर देते हुए कहा कि कोई अतिरिक्त डेटा कलेक्ट नहीं किया जाता।

यह लॉन्च भारत की फिनटेक जर्नी में एक और मील का पत्थर है। क्या आपका अंगूठा तैयार है वॉलेट बनने को?

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