पीएम नरेंद्र मोदी का 75वां जन्मदिन: जानें उनके जीवन की अनकही बातें
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी आज 75 वर्ष के हो गए। 17 सितंबर 1950 को गुजरात के वडनगर नामक छोटे से कस्बे में जन्मे मोदी जी का जीवन संघर्ष, समर्पण और असाधारण उपलब्धियों की मिसाल है। भाजपा ने उनके जन्मदिन को ‘सेवा पखवाड़ा’ के रूप में मनाने का ऐलान किया है, जो 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक चलेगा। देशभर में रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और विकास योजनाओं का शुभारंभ हो रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के पीएम बेंजामिन नेतन्याहू और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जैसे विश्व नेता ने शुभकामनाएं दी हैं। भाजपा कार्यकर्ताओं ने अहमदाबाद में फूलों से भारत का नक्शा बनाया और गरबा किया, जबकि राजस्थान में हवा महल पर स्वच्छता ड्राइव चली।
PM मोदी का जन्म एक साधारण परिवार में हुआ। उनके पिता दामोदरदास मुलचंद मोदी वडनगर रेलवे स्टेशन के पास चाय की दुकान चलाते थे, और मां हीराबेन गृहिणी थीं। बचपन से ही मोदी जी मेहनती थे। आठ-नौ साल की उम्र में वे अपने पिता के साथ चाय बेचने में मदद करते थे। एक रोचक बात यह है कि मात्र नौ वर्ष की आयु में उन्होंने तापी नदी के बाढ़ प्रभावितों की सहायता के लिए दोस्तों के साथ भोजन स्टॉल शुरू किया और कमाई से राहत कार्य में दान दिया। स्कूल के दोस्त उन्हें याद करते हैं कि वे किताबें पढ़ने के शौकीन थे और स्थानीय लाइब्रेरी में घंटों बिताते थे। वे तैराकी और बहस में भी रुचि रखते थे। मोदी जी की शिक्षा गुजराती माध्यम से हुई; उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में बीए और गुजरात विश्वविद्यालय से एमए किया।
17 वर्ष की उम्र में एक बड़ा फैसला लिया। मोदी जी घर छोड़कर भारत भ्रमण पर निकल गए। वे हिमालय की यात्रा पर गए, जहां उन्होंने ध्यान और आध्यात्मिक खोज की। 1971 में वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े और पूर्णकालिक प्रचारक बने। गुजरात में वे भूमिगत कार्यकर्ता के रूप में सक्रिय रहे। 1987 में वे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए। एक दिलचस्प तथ्य यह है कि 1980-90 के दशक में वे चुनाव प्रबंधन में माहिर हो गए, जिसने भाजपा को मजबूत बनाया। 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री बने, जहां उन्होंने 13 वर्ष तक सेवा की। गुजरात मॉडल ऑफ डेवलपमेंट ने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दी। 2014 में वे भारत के 14वें प्रधानमंत्री बने और अब तीसरी बार पद पर हैं।
पीएम मोदी का व्यक्तिगत जीवन भी अनोखा है। 1968 में अंजलिबाई से विवाह हुआ, लेकिन वे जल्दी ही अलग हो गए। उनके कोई संतान नहीं है। वे योग, ध्यान और सादा जीवन के प्रतीक हैं। एक रोचक किस्सा: बचपन में वे रेलवे स्टेशन पर चाय बेचते हुए यात्रियों से बातें करते थे, जो उनकी संवाद शैली की नींव बनी। राजनीति में प्रवेश से पहले वे रेलवे स्टेशन पर ही सोते थे। वैश्विक पटल पर मोदी जी की छवि मजबूत है। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजिटल इंडिया’, ‘स्वच्छ भारत अभियान’ जैसी योजनाएं शुरू कीं। 2022 में उनके जन्मदिन पर नामीबिया से चीते भारत लाए गए, जो वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक था। विपक्षी दलों ने भी शुभकामनाएं दीं, हालांकि भाजपा के 75 वर्ष की अनौपचारिक सेवानिवृत्ति नीति पर बहस छिड़ गई है।
पीएम मोदी की सैलरी मात्र 1.66 लाख रुपये मासिक है, और उनके पास कोई संपत्ति नहीं है। 2022-23 में उनकी आय 23.56 लाख रही। उनके जीवन से प्रेरणा मिलती है कि साधारण शुरुआत से भी असाधारण ऊंचाइयां हासिल की जा सकती हैं। आज देश ‘स्वस्थ नारी सशक्त परिवार’ अभियान का शुभारंभ कर रहा है। विशेषज्ञ कहते हैं कि मोदी जी का नेतृत्व भारत को वैश्विक शक्ति बना रहा है। उनके 75वें जन्मदिन पर राष्ट्र एकजुट होकर सेवा का संकल्प ले रहा है।
