अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नया नाम होगा अहिल्यानगर, केंद्र ने दी मंजूरी
मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लेते हुए अहमदनगर रेलवे स्टेशन का नाम बदल दिया है। अब यह स्टेशन ‘अहिल्यानगर रेलवे स्टेशन’ के नाम से जाना जाएगा। यह बदलाव केंद्रीय गृह मंत्रालय की मंजूरी के बाद हुआ है। नाम बदलने का यह निर्णय पुन्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर की 300वीं जयंती वर्ष के मौके पर लिया गया है, जो मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध रानी थीं। अहिल्यादेवी को लोकमाता के रूप में पूजा जाता है, जिन्होंने न्याय, विकास और जनकल्याण के लिए यादगार काम किए थे।
महाराष्ट्र सरकार ने 11 सितंबर 2025 को आधिकारिक अधिसूचना जारी की। इससे पहले, अहमदनगर जिले का नाम भी अहिल्यानगर कर दिया गया था। उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने इसकी मांग लंबे समय से उठाई थी। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर प्रस्ताव भेजा था। पवार ने कहा, “यह लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हो गई है। अहिल्यादेवी होलकर की जयंती वर्ष में यह बदलाव विशेष महत्व रखता है।” मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी इस प्रयास में सहयोग किया। स्थानीय संगठनों और नागरिकों ने भी स्टेशन का नाम बदलने की मांग की थी, ताकि शहर और जिले के नाम के साथ तालमेल बिठाया जा सके।
इंडियन रेलवे ने पुष्टि की है कि स्टेशन कोड (ANG) में कोई बदलाव नहीं होगा। लेकिन साइनबोर्ड, डिजिटल सिस्टम, मानचित्र और पब्लिक अनाउंसमेंट में नया नाम अपनाया जाएगा। बदलाव धीरे-धीरे लागू होगा, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। यह फैसला महाराष्ट्र में नाम बदलने की प्रवृत्ति को दर्शाता है, जहां ऐतिहासिक व्यक्तित्वों को सम्मान देने के लिए कई जगहों के नाम बदले जा चुके हैं। उदाहरण के तौर पर, औरंगाबाद रेलवे स्टेशन को छत्रपति संभाजीनगर नाम देने की प्रक्रिया चल रही है।
इस नाम परिवर्तन से स्थानीय लोगों में खुशी की लहर है। कई संगठन इसे सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने का कदम बता रहे हैं। हालांकि, कुछ लोग कह रहे हैं कि बार-बार नाम बदलने से प्रशासनिक जटिलताएं बढ़ सकती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम अहिल्यादेवी होलकर की विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने में मदद करेगा। रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे नया नाम अपनाएं और यात्रा के दौरान कोई भ्रम न हो। यह बदलाव न केवल अहिल्यानगर जिले के लिए, बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए गौरव का विषय है।
