बलूचिस्तान के मांड क्षेत्र में IED विस्फोट से पाकिस्तानी सेना के 5 जवानों की मौत: BLA ने ली जिम्मेदारी
बलूचिस्तान के मांड क्षेत्र में IED विस्फोट से पाकिस्तानी सेना के 5 जवानों की मौत: BLA ने ली जिम्मेदारी
पाकिस्तान के अशांत बलूचिस्तान प्रांत के मांड क्षेत्र में सोमवार को पाकिस्तानी सेना के वाहन पर हुए एक शक्तिशाली आईईडी (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) विस्फोट में कम से कम 5 जवान मारे गए। घटना के तुरंत बाद बालोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने हमले की जिम्मेदारी ले ली है, जो प्रांत में अलगाववादी आंदोलन चला रही है। पाकिस्तानी सेना ने इसे “भारतीय प्रॉक्सी” का हमला बताते हुए भारत पर आरोप लगाया है, जिससे दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है। यह घटना बलूचिस्तान में बढ़ते आतंकवादी हमलों की कड़ी का हिस्सा है, जहां इस साल अब तक 200 से अधिक सुरक्षा कर्मी मारे जा चुके हैं।
स्थानीय मीडिया और आधिकारिक स्रोतों के अनुसार, विस्फोट मांड जिले के एक सुदूर इलाके में हुआ, जहां पाकिस्तानी सेना का एक कन्वॉय रूट पर था। आईईडी रिमोट-कंट्रोल्ड था, जो सड़क के किनारे छिपा हुआ था। विस्फोट इतना जोरदार था कि वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, और मौके पर ही 5 जवान शहीद हो गए। BLA ने अपने बयान में दावा किया कि उनके लड़ाकों ने हमला किया और अतिरिक्त 3 सैनिकों को घायल भी किया, जिनमें एक मेजर रैंक का अधिकारी शामिल है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने पुष्टि की कि घटना मांड के पास हुई, और अब क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चल रहा है। “यह हमला सुरक्षा बलों के वाहन को निशाना बनाकर किया गया, और हम दोषियों को बख्शेंगे नहीं,” सेना ने कहा।
बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादियों का गढ़ रहा है, जहां स्थानीय बालोच समुदाय केंद्र सरकार पर संसाधनों के शोषण का आरोप लगाता है। BLA जैसी संगठन चाइना-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) परियोजनाओं और विदेशी निवेश को निशाना बनाते हैं। इस साल मार्च में भी इसी तरह के हमले हुए थे, जिसमें जेफर एक्सप्रेस ट्रेन का अपहरण और नोश्की में कन्वॉय पर हमला शामिल था। मई में माच-काची जिले में 7-8 सैनिकों की मौत हुई थी। पाकिस्तान ने इन हमलों के लिए भारत की खुफिया एजेंसी RAW को जिम्मेदार ठहराया, जबकि भारत ने इन आरोपों को खारिज किया। विशेषज्ञों का मानना है कि यह हमला क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा देगा, खासकर अफगानिस्तान सीमा के पास।
पाकिस्तानी सरकार ने हमले की कड़ी निंदा की और शहीदों के परिवारों को 10 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की। बलूचिस्तान सरकार ने जांच के आदेश दिए हैं, लेकिन BLA ने चेतावनी दी कि वे ऐसे हमले जारी रखेंगे जब तक प्रांत को स्वतंत्रता न मिले। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, यह घटना दक्षिण एशिया में शांति प्रयासों को चुनौती दे रही है। बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, और पड़ोसी इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया। यह हमला पाकिस्तान की आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों को उजागर करता है, जहां इस्लामाबाद को सैन्य बजट बढ़ाने की योजना भी बनानी पड़ रही है।
