ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी: पंजाब के प्रभावित इलाकों में दौरा
ट्रैक्टर पर सवार होकर बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंचे राहुल गांधी: पंजाब के प्रभावित इलाकों में दौरा
अमृतसर/गुरदासपुर, 15 सितंबर 2025: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सोमवार को पंजाब के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अमृतसर जिले के अजनाला ब्लॉक के घोनेवाल गांव पहुंचे राहुल ट्रैक्टर पर सवार होकर पीड़ितों के बीच गए, जहां उन्होंने बाढ़ से तबाह हुए परिवारों से मुलाकात की और नुकसान का जायजा लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जहां राहुल को ट्रैक्टर चलाते हुए दिखाया गया है। पंजाब में 1988 के बाद सबसे भयानक बाढ़ ने 56 लोगों की जान ले ली है, जबकि हजारों हेक्टेयर फसलें बर्बाद हो चुकी हैं।
राहुल गांधी सबसे पहले अमृतसर एयरपोर्ट पर पहुंचे, जहां पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग, विधानसभा में विपक्ष के नेता परगट सिंह बाजवा, अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला और अन्य नेताओं ने उनका स्वागत किया। घोनेवाल गांव में वे प्रभावितों के बीच बैठे और उनकी परेशानियों को सुना। एक बुजुर्ग महिला ने बताया, “राहुल जी ने हमारी दर्द को समझा और कहा कि वे संसद में हमारी आवाज बनेंगे।” इसके बाद राहुल गुरुदासपुर जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने वाले थे। उन्होंने पहले गुरुद्वारा श्री समाध बाबा बुड्ढा जी साहिब में मत्था टेककर राज्य की सुख-शांति के लिए अरदास की।
यह बाढ़ हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर और स्थानीय भारी बारिश के कारण सूतlej, ब्यास और रावी नदियों के उफान से उत्पन्न हुई है। पंजाब सरकार ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं, लेकिन विपक्ष का आरोप है कि केंद्र सरकार पर्याप्त मदद नहीं दे रही। राहुल ने ट्वीट कर कहा, “पंजाब की बाढ़ से प्रभावित लोगों के साथ खड़ा हूं। केंद्र को तत्काल सहायता प्रदान करनी चाहिए।” कांग्रेस ने बाढ़ पीड़ितों के लिए विशेष पैकेज की मांग की है।
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, एल मुरुगन और बीएल वर्मा ने भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता की घोषणा की। राहुल का यह दौरा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह AAP सरकार पर दबाव बनाने का प्रयास माना जा रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी आपदाएं बढ़ रही हैं, और सरकारों को लंबी अवधि की योजना बनानी चाहिए। पंजाब में राहत शिविरों में हजारों लोग शरण ले चुके हैं, और प्रशासन ने सुरक्षा एवं सहायता सुनिश्चित करने के लिए विशेष टीम तैनात की है।
