हाईकोर्ट के बाद ताज पैलेस होटल को बम की धमकी वाला आया ईमेल
नई दिल्ली: दिल्ली के प्रतिष्ठित ताज पैलेस होटल को शनिवार सुबह एक धमकी भरे ईमेल से हिलाकर रख दिया। ईमेल में दावा किया गया कि “11 बम रखे हैं” और होटल को उड़ा दिया जाएगा। यह धमकी दिल्ली हाईकोर्ट को मिले हालिया बम थ्रेट ईमेल से समान स्रोत से आई लग रही है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर आ गई हैं। दिल्ली पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है, और बम डिस्पोजल स्क्वायड (BDDS) तथा डॉग स्क्वायड ने होटल परिसर की छानबीन की। प्रारंभिक जांच में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली, लेकिन ईमेल का ट्रेसिंग जारी है। यह घटना दिल्ली-एनसीआर में बढ़ती होक्स बम थ्रेट्स की कड़ी का हिस्सा है, जहां हाईकोर्ट्स को भी इसी तरह के ईमेल मिले थे।
ईमेल होटल के आधिकारिक आईडी पर सुबह करीब 8:30 बजे प्राप्त हुआ। इसमें लिखा था, “11 बम प्लांटेड हैं, होटल को उड़ा देंगे।” ईमेल का विषय “होली फ्राइडे ब्लास्ट्स” था, जो पाकिस्तान और तमिलनाडु के कथित गठजोड़ का जिक्र करता था। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, “ईमेल हाईकोर्ट वाले ईमेल से समानता रखता है। साइबर सेल आईपी एड्रेस और डोमेन ट्रेस कर रही है। यह विदेशी सर्वर से आया लगता है।” होटल प्रबंधन ने तुरंत सिक्योरिटी चेक कराया, और मेहमानों को सुरक्षित रखा गया। ताज पैलेस के प्रवक्ता ने कहा, “सरकारी अधिकारियों ने इसे होक्स घोषित किया है। हमारी प्राथमिकता मेहमानों और कर्मचारियों की सुरक्षा है।”
यह थ्रेट दिल्ली हाईकोर्ट को शुक्रवार सुबह मिले ईमेल से जुड़ा माना जा रहा है, जहां “3 बम प्लांटेड” का दावा किया गया था। हाईकोर्ट को ईमेल सुबह 8:40 बजे मिला था, जिसमें जज चैंबर में दोपहर 2 बजे तक विस्फोट की धमकी दी गई थी। इसी तरह बॉम्बे हाईकोर्ट को भी समान ईमेल मिला, जिसके बाद दोनों कोर्ट खाली कराए गए थे। पुलिस को शक है कि एक ही रिपीट ऑफेंडर के पीछे है, जो जुलाई से ईमेल भेज रहा है। बॉम्बे पुलिस ने बताया कि ईमेल आउटलुक से भेजे गए, और आरडीएक्स का जिक्र था। एक ईमेल में “कॉमरेड पिनारी विजयन” का हस्ताक्षर था, जो केरल सीएम का संदर्भ लगता है।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि ये थ्रेट्स होक्स हैं, लेकिन गंभीरता से ली जा रही हैं। साइबर क्राइम टीम्स ट्रेसिंग कर रही हैं, और संदिग्ध को पकड़ने के लिए इंटरनेशनल एजेंसियों से सहयोग मांगा गया है। गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी चिंता जताई कि न्यायिक व्यवस्था को बाधित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं। विशेषज्ञों का मानना है कि ये थ्रेट्स रूसी या यूक्रेनी डोमेन से आ रहे हैं, जो होक्स कैंपेन का हिस्सा हैं।
