सिख पगड़ी में नजर आए अखिलेश यादव, नेपाल हिंसा का जिक्र कर केंद्र सरकार को घेरा
सिख पगड़ी में नजर आए अखिलेश यादव, नेपाल हिंसा का जिक्र कर केंद्र सरकार को घेरा
लखनऊ: समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को सिख पगड़ी पहनकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसमें उन्होंने नेपाल में चल रही हिंसा का जिक्र करते हुए केंद्र सरकार को घेरा। सिख समुदाय द्वारा सम्मानित कर पगड़ी पहनाने के बाद अखिलेश ने कहा कि अगर वोट चोरी की प्रथा नहीं रुकी तो भारत में भी नेपाल जैसी सड़क प्रदर्शन हो सकते हैं। यह बयान नेपाल के जेन-जेड आंदोलन के बीच आया, जहां भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ हिंसा में 34 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। अखिलेश ने उत्तर प्रदेश सरकार पर भी भ्रष्टाचार, अपराध और स्वास्थ्य सेवाओं की खराब स्थिति को लेकर तीखा प्रहार किया, और कहा कि सपा सरकार बनने वाली है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस सपा मुख्यालय में आयोजित की गई, जहां सिख समाज के प्रतिनिधियों ने अखिलेश को मंच पर पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। सरदार लुक में नजर आए अखिलेश ने कहा, “सिख समुदाय ने हिम्मत और मेहनत से अपनी पहचान बनाई है, जबकि भाजपा नेता खोखले हैं। नेपाल में गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई से जनता सड़कों पर उतर गई है। वहां सोशल मीडिया बैन के खिलाफ आंदोलन हिंसक हो गया, और प्रधानमंत्री को इस्तीफा देना पड़ा। भारत में भी वोट चोरी, डिजिटल गिरफ्तारियां और भ्रष्टाचार बढ़ रहा है। अगर चुनाव आयोग ने वोट चोरी रोकी नहीं तो यहां भी नेपाल जैसी स्थिति बन सकती है।” उन्होंने कर्नाटक के महादेवपुरा में 1,00,250 वोट चोरी के ‘सबूत’ पेश करते हुए कहा कि भाजपा और ईसीआई मिलकर चुनाव चुरा रहे हैं।
अखिलेश ने उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा, “मुख्यमंत्री आवास के बाहर लोग जहर खाकर मर रहे हैं। पंचायती राज में 60 प्रतिशत कमीशन चल रहा है। अस्पतालों में दवाइयां नहीं, अपराध बढ़ रहा है।” उन्होंने किसानों के आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिवारों का जिक्र किया और कहा कि सपा सत्ता में आने पर न्याय देगी। नेपाल के संदर्भ में उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के दौर में कई नैरेटिव बनते हैं, लेकिन केंद्र सरकार को सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति बनाए रखनी चाहिए। यह बयान बिहार की ‘वोटर अधीकार यात्रा’ के बाद आया, जहां उन्होंने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ का नारा दिया था।
भाजपा ने अखिलेश के बयान पर पलटवार किया। प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा, “अखिलेश नेपाल की हिंसा को भारत से जोड़कर भ्रम फैला रहे हैं। भाजपा विकास कर रही है, जबकि सपा केवल आरोप लगाती है।” ईसीआई ने अखिलेश को नोटिस जारी कर सबूत मांगे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान आगामी उपचुनावों से पहले विपक्ष की रणनीति है, जो लोकतंत्र की रक्षा का दावा कर रही है।
