आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की BSP में वापसी, मायावती से मांगी माफी
आकाश आनंद के ससुर अशोक सिद्धार्थ की BSP में वापसी, मायावती से मांगी माफी
लखनऊ, 6 सितंबर 2025: बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी में वापस लेने का ऐलान किया है। शनिवार को अशोक सिद्धार्थ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा माफीनामा लिखकर मायावती से अपनी गलतियों के लिए माफी मांगी, जिसके कुछ घंटों बाद ही मायावती ने उनकी वापसी को हरी झंडी दे दी। यह घटनाक्रम आकाश आनंद की पार्टी में बढ़ती ताकत और बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारियों के बीच अहम माना जा रहा है।
क्या कहा अशोक सिद्धार्थ ने?
अशोक सिद्धार्थ ने X पर लिखा, “पार्टी में काम करते हुए जाने-अनजाने में और गलत लोगों के बहकावे में आकर मुझसे जो भी गलतियां हुईं, उसके लिए मैं आदरणीय बहनजी से हाथ जोड़कर माफी मांगता हूं। मैं उनके चरणों में नतमस्तक हूं।” उन्होंने यह भी वादा किया कि वह भविष्य में पार्टी अनुशासन का पालन करेंगे और रिश्तेदारी का कोई अनुचित फायदा नहीं उठाएंगे। सिद्धार्थ ने स्पष्ट किया कि वह महाराष्ट्र के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष संदीप ताजने या फिरोजाबाद के हेमंत प्रताप जैसे निष्कासित नेताओं की वापसी की सिफारिश नहीं करेंगे।
मायावती की प्रतिक्रिया
मायावती ने X पर जवाब देते हुए कहा, “अशोक सिद्धार्थ को कुछ महीने पहले पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए निष्कासित किया गया था। उन्होंने आज सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के आत्म-सम्मान और स्वाभिमान के मूवमेंट को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उनके पश्चाताप को देखते हुए, पार्टी और मूवमेंट के हित में उन्हें एक और मौका देना उचित समझा गया।” मायावती ने उम्मीद जताई कि सिद्धार्थ पूरे समर्पण के साथ पार्टी को मजबूत करेंगे।
पृष्ठभूमि और सियासी मायने
अशोक सिद्धार्थ को 12 फरवरी 2025 को पार्टी विरोधी गतिविधियों और गुटबाजी के आरोप में BSP से निष्कासित किया गया था। उस समय मायावती ने उन्हें आकाश आनंद के करियर को नुकसान पहुंचाने का जिम्मेदार ठहराया था। हाल ही में आकाश आनंद को 28 अगस्त को राष्ट्रीय संयोजक बनाया गया, जो पार्टी में मायावती के बाद दूसरा सबसे बड़ा पद है। उनकी बढ़ती ताकत के बाद सिद्धार्थ की वापसी को आकाश के प्रभाव का नतीजा माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह कदम BSP को उत्तर प्रदेश और बिहार में संगठनात्मक स्तर पर मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा है। सिद्धार्थ, जो पहले पार्टी की फंडिंग और संगठन के अहम काम देखते थे, अब दलित और पिछड़े वर्गों के बीच BSP का जनाधार बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मायावती ने 7 सितंबर को एक अहम बैठक बुलाई है, जिसमें सिद्धार्थ की नई जिम्मेदारियों पर चर्चा हो सकती है।
विवादों से भरा रहा है सफर
सिद्धार्थ की वापसी ने सियासी हलकों में चर्चा छेड़ दी है। इससे पहले, अप्रैल 2025 में आकाश आनंद ने भी मायावती से माफी मांगकर पार्टी में वापसी की थी। तब मायावती ने सिद्धार्थ को “माफ करने योग्य नहीं” बताया था, लेकिन अब उनका रुख नरम पड़ता दिख रहा है। यह घटनाक्रम BSP में आकाश आनंद के नेतृत्व को और मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
