राष्ट्रीय

पाकिस्तान के नूर खान एयरबेस पर मरम्मत का काम चालू, सैटेलाइट तस्वीरों से खुलासा, ऑपरेशन सिंदूर में मची थी तबाही

भारत के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के चार महीने बाद भी पाकिस्तान अपनी क्षतिग्रस्त एयरबेस की मरम्मत पूरी नहीं कर पाया है, जो इस सैन्य अभियान की सफलता का प्रमाण है। मई 2025 में शुरू हुए इस ऑपरेशन ने पाकिस्तानी वायुसेना को गहरा आघात पहुंचाया था, जिसमें कई प्रमुख एयरबेस पर रनवे, हैंगर और रडार सिस्टम को भारी नुकसान हुआ। सैटेलाइट इमेजरी से पता चलता है कि नूर खान, सरगोधा, भोलारी, जैकोबाबाद और सुक्कुर जैसे बेस पर मरम्मत कार्य धीमी गति से चल रहा है या रुका हुआ है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नुकसान पाकिस्तान की सैन्य क्षमता को पांच साल पीछे धकेल देगा।

ऑपरेशन सिंदूर 7 मई 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू हुआ था, जिसमें 26 नागरिक मारे गए थे। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी कैंपों पर सटीक हमले किए, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद के ठिकाने शामिल थे। पाकिस्तान की जवाबी कार्रवाई में ड्रोन और मिसाइल हमलों के बाद भारत ने 10 मई को 11 पाकिस्तानी एयरबेस पर जवाबी स्ट्राइक कीं। राफेल, सु-30 एमकेआई और मिराज से ब्रह्मोस, स्कैल्प और रामजेस मिसाइलें दागी गईं, जिससे पाकिस्तानी एयर डिफेंस निष्क्रिय हो गया। सैटेलाइट इमेज से पुष्टि हुई कि भोलारी में Saab 2000 AWACS विमान नष्ट हो गया, सरगोधा में रनवे पर 15 फीट के क्रेटर बने, और जैकोबाबाद में F-16 हैंगर ध्वस्त हो गया। कुल 20% पाकिस्तानी वायुसेना इंफ्रास्ट्रक्चर नष्ट हुआ, जिसमें 9 विमान और 10 से अधिक ड्रोन शामिल थे।

चार महीने बाद, 4 सितंबर 2025 को जारी सैटेलाइट इमेज (मैक्सर टेक्नोलॉजीज) से साफ है कि मरम्मत में देरी हो रही है। नूर खान एयरबेस पर ब्रह्मोस हमले से क्षतिग्रस्त ड्रोन कमांड सेंटर की मरम्मत शुरू हुई, लेकिन नई दीवारें बन रही हैं और पूर्ण संचालन बहाल नहीं हुआ। सरगोधा के मुशाफ बेस पर रनवे के क्रेटर अभी भी मरम्मताधीन हैं, जिससे उड़ानें प्रभावित हैं। भोलारी और सुक्कुर में हैंगर की छतें क्षतिग्रस्त हैं, और पाकिस्तान ने टेंडर जारी किए हैं लेकिन कार्य धीमा है। विशेषज्ञों के अनुसार, पाकिस्तान की आर्थिक तंगी और तकनीकी कमी के कारण मरम्मत में देरी हो रही है। भारतीय रक्षा सूत्रों ने कहा, “यह ऑपरेशन ने पाकिस्तान को ‘अंधा, सुन्न और लकवाग्रस्त’ कर दिया।”

इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य श्रेष्ठता साबित की। वायुसेना प्रमुख ने कहा कि S-400 सिस्टम ने पाकिस्तानी हमलों को विफल किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे ‘नई सामान्य स्थिति’ बताया, जहां भारत सीमा पार आतंकवाद का कड़ा जवाब देगा। अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने भी भारत की सफलता की सराहना की, जबकि पाकिस्तान ने नुकसान को कम करके आंकने की कोशिश की। यह घटना भारत-पाक तनाव को नई ऊंचाई देती है, और आने वाले समय में पाकिस्तान की सैन्य पुनर्निर्माण क्षमता पर सवाल उठते रहेंगे।

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