राजनीति

‘CM फडणवीस से ऐसी उम्मीद नहीं थी’, मराठा आरक्षण के फैसले से मंत्री भुजबल नाराज, बोले- कोर्ट जाऊंगा

‘CM फडणवीस से ऐसी उम्मीद नहीं थी’, मराठा आरक्षण के फैसले से मंत्री भुजबल नाराज, बोले- कोर्ट जाऊंगा

महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। राज्य के मंत्री छगन भुजबल ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के हालिया फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी उम्मीद नहीं थी। भुजबल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मैं कोर्ट जाऊंगा और इस फैसले को चुनौती दूंगा।” यह बयान मराठा समुदाय को 10% आरक्षण देने के राज्य सरकार के प्रस्ताव के बाद आया है, जो अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कोटे को प्रभावित कर सकता है। भुजबल, जो OBC समुदाय के प्रमुख नेता हैं, ने इसे OBC अधिकारों पर हमला बताया।

घटना मंगलवार को विधानसभा में हुई, जहां फडणवीस सरकार ने मराठा आरक्षण बिल पेश किया। भुजबल, जो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री हैं, ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “CM फडणवीस से ऐसी उम्मीद नहीं थी। हमने हमेशा उनका समर्थन किया, लेकिन यह फैसला OBC समुदाय के साथ धोखा है। मराठा आरक्षण के नाम पर OBC का कोटा काटना गलत है। मैं व्यक्तिगत रूप से कोर्ट का रुख करूंगा।” उन्होंने याद दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट ने पहले 50% आरक्षण सीमा तय की है, और यह बिल संवैधानिक हो सकता है या नहीं। भुजबल ने मराठा नेता जारंगे पाटिल के आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा कि OBC को कुर्बान नहीं बनाया जा सकता।

यह विवाद महाराष्ट्र में आरक्षण की राजनीति को और गर्म कर रहा है। 2023 में भी मराठा आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने नया बिल लाने की कोशिश की। OBC संगठनों ने भुजबल के बयान का स्वागत किया और कहा कि वे भी आंदोलन करेंगे। NCP (अजित पवार गुट) में भुजबल की नाराजगी से पार्टी में दरार की आशंका जताई जा रही है। अजित पवार ने कहा, “हम सब मिलकर फैसला लेंगे, लेकिन OBC हित सुरक्षित रहेंगे।” वहीं, बीजेपी ने भुजबल को पार्टी लाइन पर चलने की सलाह दी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मुद्दा 2027 के विधानसभा चुनावों को प्रभावित कर सकता है। मराठा और OBC वोटर महाराष्ट्र की सियासत में निर्णायक हैं। भुजबल की चेतावनी से सरकार पर दबाव बढ़ गया है। क्या यह कोर्ट केस बड़ा ट्विस्ट लाएगा? राज्य में आरक्षण बहस तेज हो चुकी है।

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