बाराबंकी में ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में उतरी सपा, पुलिस ने जबरन बसों में ठूसा
बाराबंकी में ABVP छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में उतरी सपा, पुलिस ने जबरन बसों में ठूसा
बाराबंकी, 3 सितंबर 2025: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के छात्रों पर पुलिस द्वारा की गई लाठीचार्ज की घटना ने राजनीतिक हलचल मचा दी है। इस घटना के विरोध में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए, जिसके जवाब में पुलिस ने उन्हें जबरन बसों में ठूंस दिया। यह घटना स्थानीय कॉलेज में छात्रों के एक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान हुई, जहां पुलिस की बर्बरता ने पूरे राज्य में बहस छेड़ दी है।
घटना बुधवार दोपहर को बाराबंकी के एक प्रमुख कॉलेज परिसर में घटी। ABVP के छात्र फीस वृद्धि और कॉलेज प्रशासन की मनमानी के खिलाफ धरना दे रहे थे। सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शन को शांतिपूर्ण रखने के बावजूद पुलिस ने अचानक लाठीचार्ज शुरू कर दिया, जिसमें कई छात्र घायल हो गए। ABVP के जिलाध्यक्ष ने बताया, “हमारा प्रदर्शन वैध था, लेकिन पुलिस ने बिना चेतावनी के हमला किया। कई छात्रों को सिर में चोटें आई हैं।” इस घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे गुस्सा भड़क गया।
सपा ने तुरंत इसकी निंदा की और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। सपा के जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता बाराबंकी पुलिस स्टेशन के बाहर जमा हो गए, मांग करते हुए कि दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो। सपा नेता ने कहा, “यह योगी सरकार का तानाशाही रवैया है। छात्रों पर लाठीचार्ज असहनीय है। हम बीजेपी सरकार के खिलाफ आंदोलन तेज करेंगे।” प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी की और पुलिस पर ब्रutal फोर्स का आरोप लगाया। लेकिन पुलिस ने स्थिति को काबू करने के नाम पर कार्यकर्ताओं को घेर लिया और जबरन सरकारी बसों में बिठा दिया। कई कार्यकर्ताओं को घसीटते हुए बसों में ठूसा गया, जिसकी क्लिप्स ने विपक्ष को और आग लगा दी।
पुलिस ने सफाई देते हुए कहा कि प्रदर्शन हिंसक हो रहा था, इसलिए कार्रवाई जरूरी थी। एसएसपी बाराबंकी ने बताया, “कुछ असामाजिक तत्वों ने पथराव किया, इसलिए लाठीचार्ज किया गया। सपा कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।” लेकिन विपक्ष ने इसे दमनकारी बताया। अखिलेश यादव ने ट्वीट कर कहा, “बाराबंकी में छात्रों पर अत्याचार बर्दाश्त नहीं। सपा हर जिले में विरोध करेगी।” ABVP ने भी बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए, जबकि बीजेपी ने इसे सपा का राजनीतिक ड्रामा कहा।
यह घटना उत्तर प्रदेश में बढ़ते छात्र आंदोलनों को दर्शाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह 2027 चुनावों से पहले विपक्ष को मजबूत कर सकता है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार इस पर कोई ठोस कदम उठाएगी? घटना की जांच चल रही है, लेकिन गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा।
