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यमन के सना में इजरायल की एयर स्ट्राइक, हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत, कई मंत्री भी मारे गए

यमन के सना में इजरायल की एयर स्ट्राइक, हूती प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत, कई मंत्री भी मारे गए

यमन की राजधानी सना पर इजरायल की हवाई हमले में हूती विद्रोहियों के प्रधानमंत्री अहमद अल-रहावी की मौत हो गई। हूती समूह ने शनिवार को आधिकारिक बयान जारी कर इसकी पुष्टि की, जिसमें कहा गया कि गुरुवार को हुए हमले में अल-रहावी के साथ कई अन्य मंत्री भी मारे गए। इजरायली सेना ने हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह “हूती आतंकी शासन के सैन्य लक्ष्य” पर सटीक हमला था। यह घटना मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव को और गहरा सकती है, खासकर गाजा युद्ध के बीच हूती विद्रोहियों के हमलों के जवाब में। हूती समूह ने इसे “शहीद” करार देते हुए कहा कि यह हमला उनके फिलिस्तीन समर्थन के खिलाफ साजिश है।

हूती बयान के अनुसार, अल-रहावी और अन्य नेता एक सरकारी वर्कशॉप में थे, जहां वे पिछले साल की गतिविधियों की समीक्षा कर रहे थे। हमला सना के एक अपार्टमेंट पर हुआ, जहां प्रधानमंत्री और उनके सहयोगी मौजूद थे। हूती स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हमले में कई अन्य मंत्री घायल भी हुए। इजरायली मीडिया चैनल 12 के अनुसार, इजरायली सेना का मानना है कि पूरे हूती कैबिनेट, जिसमें प्रधानमंत्री और 12 अन्य मंत्री शामिल थे, को निशाना बनाया गया। हालांकि, यह आकलन अभी प्रारंभिक है, और इजरायल ने पूरी तरह पुष्टि नहीं की। यमन के विपक्षी मीडिया अल-जुम्हुरिया और एडेन अल-घद ने भी अल-रहावी की मौत की पुष्टि की, जिसमें कहा गया कि उनके कई सहयोगी भी मारे गए।

अल-रहावी अगस्त 2024 से हूती-नियंत्रित सरकार के प्रधानमंत्री थे, जो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त नहीं है। वे अब्यान प्रांत के खानफर से थे और जनरल पीपुल्स कांग्रेस पार्टी के सदस्य थे। इससे पहले वे सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल में शामिल रहे। उनके पिता 1970 के दशक में हत्या के शिकार हुए थे, और अल-रहावी खुद कई हमलों का निशाना बने, जिसमें 2015 में अल-कायदा ने उनके घर को उड़ा दिया था। हूती समूह ने उनकी मौत पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अब पहले उप-प्रधानमंत्री मोहम्मद अहमद अहमद मुफ्ताह को कार्यवाहक प्रधानमंत्री नियुक्त किया गया है।

यह हमला हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों का जवाब माना जा रहा है। हूती, जो ईरान समर्थित हैं, ने गाजा युद्ध के समर्थन में इजरायल पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं, साथ ही रेड सी में पश्चिमी जहाजों को निशाना बनाया है। इजरायल ने कहा कि यह हमला हूती की “क्षेत्रीय स्थिरता को बिगाड़ने और नेविगेशन को बाधित करने” की कोशिशों के खिलाफ है। इजरायली रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने कहा, “हमने हूतियों को चेतावनी दी थी कि इजरायल के खिलाफ हाथ उठाने वाले का हाथ काट दिया जाएगा।” इससे पहले 24 अगस्त को सना पर इजरायली हमले में 10 लोग मारे गए और 90 से ज्यादा घायल हुए थे। मई में सना एयरपोर्ट को नष्ट कर दिया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने मई में हूतियों के साथ डील की थी, जिसमें जहाजों पर हमलों को रोकने के बदले हवाई हमले बंद करने का वादा था, लेकिन हूती ने इजरायल समर्थित लक्ष्यों पर हमले जारी रखे।

हूती विद्रोही, जो यमन के उत्तर-पश्चिमी हिस्से और रेड सी तट को नियंत्रित करते हैं, ने हमले को “युद्ध अपराध” करार दिया। उनके नेता अब्दुल मलिक अल-हूती ने कहा कि यह इजरायली “कमजोरी” दिखाता है, और वे अपने हमलों को जारी रखेंगे। संयुक्त राष्ट्र ने हाल ही में यमन में नागरिक मौतों पर चिंता जताई है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला हूती नेतृत्व को बड़ा झटका है, लेकिन समूह की सैन्य क्षमता को पूरी तरह प्रभावित नहीं करेगा। क्षेत्रीय तनाव बढ़ने से रेड सी व्यापार प्रभावित हो रहा है, और इजरायल ने कहा कि हूती लक्ष्यों पर हमले जारी रहेंगे।

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