PM Modi पर अभद्र टिप्पणी को लेकर पटना में बवाल, BJP-Congress कार्यकर्ताओं का हंगामा
पटना: बिहार की राजनीति में गुरुवार को पटना के सदाकत आश्रम स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर जबरदस्त हंगामा मच गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी स्वर्गीय मां के खिलाफ दरभंगा में राहुल गांधी की ‘वोटर अधिकार यात्रा’ के दौरान की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तर पर धावा बोल दिया। सैकड़ों भाजपा समर्थक हाथों में झंडे और डंडे लेकर पहुंचे, जिससे दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर झड़प हो गई। लाठी-डंडे चले, पत्थरबाजी हुई और गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। कई कार्यकर्ता घायल बताए जा रहे हैं, जबकि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लाठीचार्ज कर स्थिति को नियंत्रित किया। यह घटना बिहार विधानसभा चुनावों से पहले सियासी तनाव को और भड़का रही है।
घटना की शुरुआत दरभंगा के सिमरी थाना क्षेत्र के बिठौली चौक से हुई, जहां बुधवार को राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की संयुक्त यात्रा के मंच पर एक व्यक्ति ने पीएम मोदी की मां के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा ने इसे कांग्रेस-राजद की साजिश करार दिया। पुलिस ने आरोपी रफीक उर्फ राजा को गुरुवार देर रात गिरफ्तार कर लिया, और सिमरी थाने में केस दर्ज किया गया। भाजपा नेता कृष्ण सिंह कल्लू ने राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई, जबकि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ट्वीट कर कांग्रेस की ‘नीच मानसिकता’ पर हमला बोला।
शुक्रवार सुबह भाजपा मंत्री नितिन नवीन और दीघा विधायक संजीव चौरसिया के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने कुर्जी अस्पताल से सदाकत आश्रम तक विरोध मार्च निकाला। दफ्तर पहुंचते ही भाजपा समर्थकों ने गेट तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, जिसका कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा गुंडों ने दफ्तर में घुसकर लाठियां बरसाईं, तीन कारों और एक ट्रक के शीशे तोड़े। पूर्व जिला अध्यक्ष परवेज अहमद और सेवादल नेता विपिन झा के सिर फट गए। भाजपा का कहना है कि उनका प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, लेकिन कांग्रेस ने अंदर से पत्थर चलाए। मंत्री नितिन नवीन ने कहा, “मां का अपमान बर्दाश्त नहीं होगा। बिहार का हर बेटा इसका बदला लेगा।”
कांग्रेस नेता डॉ. आशुतोष ने आरोप लगाया, “यह नीतीश सरकार की साजिश है। पुलिस भाजपा के साथ मिली हुई थी।” मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह अत्यंत अशोभनीय है। विपक्षी दलों ने भाजपा पर हिंसा का आरोप लगाया, जबकि भाजपा ने इसे ‘कांग्रेस का चरित्र’ बताया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह विवाद यात्रा को बदनाम करने की कोशिश है, जो 1 सितंबर को पटना में समाप्त हो रही है। पुलिस ने दोनों पक्षों पर केस दर्ज किए हैं, और सुरक्षा बढ़ा दी गई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गरमाता नजर आ रहा है।
