राष्ट्रीय

जम्मू में रेलवे संकट: भूस्खलन और बाढ़ से ट्रैक बाधित, 1500 यात्री 24 घंटे से फंसे

जम्मू, 27 अगस्त 2025: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बाद अब जम्मू-कश्मीर में मानसून की मार ने कहर बरपा दिया है। भारी बारिश और भूस्खलन से रेलवे ट्रैक पर विशाल बोल्डर गिरने के कारण स्वराज एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12472) ट्रैक पर फंस गई है। जम्मू तवी रेलवे स्टेशन पर 1500 से अधिक यात्री 24 घंटे से फंसे हुए हैं, जिन्हें रात भर ट्रेन के अंदर ही गुजारना पड़ा। नॉर्दर्न रेलवे ने 22 ट्रेनें रद्द कर दी हैं, जबकि 27 ट्रेनें शॉर्ट टर्मिनेट की गई हैं। स्थानीय प्रशासन और रेलवे टीमें मलबा हटाने में जुटी हैं, लेकिन भारी बारिश के कारण राहत कार्य बाधित हो रहा है।

घटना का विवरण: बोल्डर गिरने से ट्रेन फंसी

मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे जम्मू और कटरा के बीच रेलवे ट्रैक पर भूस्खलन हुआ, जिसमें बड़े-बड़े बोल्डर गिर पड़े। स्वराज एक्सप्रेस, जो जम्मू तवी से कटरा जा रही थी, ट्रैक पर रुक गई। ट्रेन में सवार यात्रियों की संख्या 1500 से अधिक बताई जा रही है, जिनमें वैष्णो देवी दर्शन के लिए जा रहे तीर्थयात्री भी शामिल हैं। रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, “ट्रैक पर मलबा साफ करने का काम जारी है, लेकिन आसपास की सड़कें भी क्षतिग्रस्त होने से रेस्क्यू ऑपरेशन में देरी हो रही है।” यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के अंदर भोजन और पानी की व्यवस्था तो है, लेकिन असुविधा हो रही है। एक यात्री ने कहा, “हम बिहार से वैष्णो देवी जा रहे थे, लेकिन अब घर लौटना मुश्किल हो गया है।”

यह घटना वैष्णो देवी मंदिर मार्ग पर मंगलवार को हुई भयावह भूस्खलन से जुड़ी है, जिसमें 30 से अधिक लोग मारे गए और कई घायल हुए। भारी बारिश ने त्रिकुटा पहाड़ियों पर लैंडस्लाइड ट्रिगर कर दिया, जिससे यात्रा मार्ग अवरुद्ध हो गया। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा निलंबित कर दी है और यात्रियों से मौसम सुधरने तक दोबारा योजना बनाने की अपील की है।

रेल सेवाओं पर असर: 22 ट्रेनें रद्द, 27 शॉर्ट टर्मिनेट

नॉर्दर्न रेलवे ने भारी वर्षा और मिट्टी कटाव के कारण पठानकोट कैंट-कंडरोड़ी सेक्शन पर ट्रैफिक सस्पेंड कर दिया है। चक्की नदी में फ्लैश फ्लड से ट्रैक क्षतिग्रस्त हो गया। रद्द ट्रेनों में स्वराज एक्सप्रेस (12472), कटरा-नई दिल्ली जेएलओ (22478), जम्मू तवी-वाराणसी जेएलओ आदि शामिल हैं। 27 ट्रेनें फिरोजपुर, मंडा, चक राखवालन और पठानकोट पर शॉर्ट टर्मिनेट की गईं। रेलवे ने यात्रियों से रिवाइज्ड शेड्यूल चेक करने की सलाह दी है। जम्मू डिवीजन के पीआरओ ने कहा, “यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।”

जम्मू क्षेत्र में 24 घंटों में 250 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई, जो दशक का सबसे अधिक है। तवी, चेनाब, उझ और रवि नदियां खतरे के स्तर से ऊपर बह रही हैं, जिससे ब्रिज धुल गए और सड़कें बंद हो गईं। जम्मू-पठानकोट हाईवे पर ब्रिज गिरा, जबकि जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर शूटिंग स्टोन्स से यातायात ठप। स्कूल-कॉलेज बंद हैं और 10वीं-11वीं की परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं।

राहत कार्य: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और आर्मी अलर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैष्णो देवी लैंडस्लाइड के शिकारों को श्रद्धांजलि दी और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि वे स्थिति पर नजर रखे हुए हैं और जम्मू डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार से लगातार संपर्क में हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आर्मी, एयर फोर्स और जेके पुलिस संयुक्त रूप से रेस्क्यू कर रही हैं। जम्मू में 3500 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया है। रिलीफ कैंप में भोजन, पानी और दवाओं की व्यवस्था की गई है।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने स्थिति को “गंभीर” बताते हुए आपात बैठक बुलाई। उन्होंने कहा, “कम्युनिकेशन लगभग नॉन-एग्जिस्टेंट है। जियो पर थोड़ा डेटा चल रहा है, लेकिन वाई-फाई और ऐप्स काम नहीं कर रहे।” उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बात की, जिन्होंने पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। जम्मू एयरपोर्ट बंद होने से सीएम जम्मू नहीं पहुंच सके।

विपक्ष ने सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया है। कांग्रेस ने तत्काल राहत की मांग की। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक भारी बारिश, क्लाउडबर्स्ट और फ्लैश फ्लड की चेतावनी दी है। जम्मू प्रशासन ने निवासियों को नदियों और भूस्खलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा। यह विपत्ति न केवल यात्रियों को प्रभावित कर रही है, बल्कि अर्थव्यवस्था और पर्यटन को भी झटका दे रही है। रेलवे ने स्पेशल ट्रेनें चलाने की योजना बनाई है, लेकिन बहाली में समय लगेगा।

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