उत्तराखंड की राजनीति में उमेश कुमार का नया ‘लेटर बम’: हाकम सिंह और त्रिवेंद्र रावत के बीच कथित संबंधों पर सवाल
देहरादून, 27 अगस्त 2025: उत्तराखंड की राजनीति एक बार फिर गरमा गई है। खानपुर से निर्दलीय विधायक उमेश कुमार ने एक पुराने सरकारी पत्र का खुलासा करते हुए तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और कथित नकल माफिया हाकम सिंह के बीच संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। विधायक कुमार ने दावा किया है कि 2018 में त्रिवेंद्र सरकार के दौरान हाकम सिंह की मां के इलाज के लिए विशेष हेलीकॉप्टर की व्यवस्था की गई थी, जो सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का उदाहरण है।
उमेश कुमार का पत्र: हेलीकॉप्टर व्यवस्था का रहस्य
विधायक उमेश कुमार ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लिखे एक पत्र में इस घटना का जिक्र किया है। पत्र के अनुसार, 2018 में हाकम सिंह की मां के लिए राज्य सरकार ने स्पेशल हेलीकॉप्टर भेजा था। कुमार ने सवाल उठाया कि एक साधारण महिला के लिए राज्य के सीमित संसाधनों का ऐसा उपयोग क्यों किया गया? उन्होंने कहा, “क्या इसके पीछे कोई राजनीतिक या व्यक्तिगत संबंध थे? हाकम सिंह, जो UKSSSC पेपर लीक घोटाले के मुख्य आरोपी के रूप में जाना जाता है, को सत्ता के संरक्षण में पनपने का मौका क्यों मिला?”
उमेश कुमार ने पत्र को सार्वजनिक करते हुए कहा कि जनता को यह जानने का हक है कि हाकम सिंह और त्रिवेंद्र रावत के बीच ऐसा क्या रिश्ता था, जिससे सरकारी मशीनरी का इस तरह दुरुपयोग हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि नकल माफिया को राजनीतिक संरक्षण मिलने से राज्य के युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ गया।
हाकम सिंह और UKSSSC घोटाला
हाकम सिंह उत्तराखंड में नकल माफिया के प्रमुख नामों में से एक हैं। UKSSSC (उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग) पेपर लीक घोटाले में उनका नाम प्रमुखता से जुड़ा है, जिसमें कई परीक्षाओं के पेपर लीक होने के कारण राज्य में बड़े पैमाने पर आंदोलन हुए थे। इस घोटाले ने तत्कालीन त्रिवेंद्र सरकार की छवि को भी प्रभावित किया था। उमेश कुमार ने दावा किया कि हाकम सिंह को सत्ता के उच्च स्तर पर संरक्षण मिला, जिसका प्रमाण यह हेलीकॉप्टर घटना है।
त्रिवेंद्र रावत का पक्ष: अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की ओर से अभी तक इस पत्र पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। त्रिवेंद्र 2017 से 2021 तक उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे और वर्तमान में वे हरिद्वार से सांसद हैं। वे RSS से जुड़े होने के कारण हमेशा विवादों से घिरे रहे हैं, लेकिन इस तरह के व्यक्तिगत आरोपों पर वे अक्सर चुप्पी साध लेते हैं। हाल ही में, अगस्त 2024 में उमेश कुमार के एक अन्य बयान (सरकार गिराने के कथित सौदे पर) पर त्रिवेंद्र ने कहा था कि ऐसे बयान जनता में अविश्वास पैदा करते हैं और जांच होनी चाहिए।
उमेश कुमार की राजनीतिक पृष्ठभूमि
उमेश कुमार एक पूर्व पत्रकार हैं, जो स्टिंग ऑपरेशनों के लिए प्रसिद्ध हैं। 2016 में उन्होंने हरीश रावत सरकार के खिलाफ स्टिंग किया था, जिससे राजनीतिक भूचाल आ गया था। 2022 के विधानसभा चुनाव में वे खानपुर से निर्दलीय जीते। वे अक्सर विवादों में रहते हैं, खासकर पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन के साथ उनकी दुश्मनी के कारण। जनवरी 2025 में चैंपियन पर फायरिंग का आरोप लगा, और फरवरी 2025 में मामला शांत हुआ। जून 2024 में भी उन्होंने त्रिवेंद्र के कथित करीबी ‘गुप्ता बंधुओं’ पर आरोप लगाए थे।
राजनीतिक प्रभाव
यह पत्र उत्तराखंड की मौजूदा पुष्कर सिंह धामी सरकार के लिए भी चुनौती बन सकता है, क्योंकि यह पुरानी सरकारों के घोटालों को फिर से उजागर कर रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने इसे हाथोंहाथ लिया है और राज्य सरकार से जांच की मांग की है। BJP के अंदर भी यह चर्चा का विषय बन गया है। उमेश कुमार ने कहा, “मैं केवल सच्चाई सामने ला रहा हूं, ताकि भविष्य में ऐसे दुरुपयोग न हों।”
उमेश कुमार ने पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत को लिखा लेटर

