बिहार: नालंदा में मंत्री श्रवण कुमार पर ग्रामीणों का हमला, सुरक्षाकर्मी हुआ घायल
नालंदा, 27 अगस्त 2025: बिहार के नालंदा जिले में ग्रामीणों और पुलिस के बीच हुई झड़प में राज्य के ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार पर हमले का प्रयास किया गया। मंगलवार दोपहर को बिहार शरीफ के निकट एक गांव में मंत्री के दौरे के दौरान सैकड़ों ग्रामीणों ने उन पर पथराव किया, जिसमें उनके सुरक्षाकर्मी घायल हो गए। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया, लेकिन घटना से इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। मंत्री श्रवण कुमार ने इसे राजनीतिक साजिश करार देते हुए कहा कि ग्रामीणों की शिकायतें सुनने गए थे, लेकिन विपक्ष के इशारे पर हमला कराया गया। पुलिस ने 15 से अधिक ग्रामीणों को हिरासत में ले लिया है, जबकि जांच जारी है।
घटना नालंदा जिले के एक दूरस्थ गांव में हुई, जहां मंत्री श्रवण कुमार सड़क निर्माण और बाढ़ राहत कार्यों का जायजा लेने पहुंचे थे। ग्रामीणों का आरोप था कि सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा और गांव में बाढ़ से तबाही मची हुई है, लेकिन अधिकारी नजरअंदाज कर रहे हैं। एक ग्रामीण ने बताया, “हमने मंत्री जी से बात करने की कोशिश की, लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने हमें धक्का दिया। गुस्से में पत्थर चल गए।” मंत्री के काफिले पर जैसे ही पथराव शुरू हुआ, सुरक्षाकर्मियों ने जवाबी कार्रवाई की। दो सुरक्षाकर्मी लोहे की रॉड से चोटिल हुए, जिन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया। मंत्री स्वयं बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके वाहन पर पत्थरों के निशान मिले।
पुलिस अधीक्षक (नालंदा) राजीव मिश्रा ने बताया कि मंत्रियों के दौरे के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सख्त थी, लेकिन भीड़ अनियंत्रित हो गई। “हमने लाठीचार्ज किया और अतिरिक्त फोर्स तैनात की। कोई जानलेवा हमला नहीं था, लेकिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्रवाई जरूरी थी।” जिप सदस्यों और स्थानीय नेताओं ने भी घटना की निंदा की। विपक्षी दल आरजेडी ने इसे ‘नीतीश सरकार की विफलता’ बताया, जबकि जेडीयू ने कहा कि यह कांग्रेस-आरजेडी का षड्यंत्र है। मंत्री श्रवण कुमार, जो नालंदा से ही विधायक हैं, ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा, “ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करेंगे, लेकिन हिंसा बर्दाश्त नहीं।” उन्होंने जिलाधिकारी को तत्काल राहत पैकेज देने का निर्देश दिया।
यह घटना बिहार में ग्रामीण असंतोष को उजागर करती है। हाल ही में बाढ़ और सूखे से प्रभावित नालंदा में सैकड़ों परिवार बेघर हो चुके हैं। ग्रामीण विकास विभाग के तहत चल रही योजनाओं में भ्रष्टाचार के आरोप भी लगे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसी घटनाएं राजनीतिक अस्थिरता को बढ़ावा देती हैं। बिहार सरकार ने शांति बहाल करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल भेजा है। फिलहाल, हिरासत में लिए गए ग्रामीणों से पूछताछ चल रही है, और मंत्री ने कल फिर गांव का दौरा करने का ऐलान किया। यह हमला बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है, खासकर आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए।
