वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर बड़ा हादसा, लैंडस्लाइड में 5 की मौत, कई श्रद्धालु घायल
जम्मू: जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग पर अचानक भूस्खलन (लैंडस्लाइड) होने से हड़कंप मच गया। अर्धकुंवारी मंदिर के पास हुए इस हादसे में कई तीर्थयात्री मलबे में दब गए। प्रशासन के अनुसार, कम से कम 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 14 से अधिक घायल हैं। यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है, और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पूरे क्षेत्र के लिए रेड अलर्ट जारी किया है।
घटना दोपहर करीब 2 बजे अर्धकुंवारी-भवन मार्ग पर हुई, जहां भारी बारिश के कारण पहाड़ी ढलान से मलबा और पत्थर खिसक गए। सैकड़ों तीर्थयात्री उस समय मार्ग पर थे, जिनमें से कई मलबे की चपेट में आ गए। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने तुरंत यात्रा निलंबित कर दी और कटड़ा बेस कैंप से आगे जाने वाले सभी पंजीकरण रोक दिए। बोर्ड के सीईओ ने X पर पोस्ट कर कहा, “भूस्खलन के कारण यात्रा मार्ग अस्थायी रूप से बंद। सभी श्रद्धालुओं से अपील है कि कटड़ा में ही रुकें। बचाव टीमें मौके पर पहुंच गई हैं।” कटड़ा से भवन तक का 12 किलोमीटर का पैदल मार्ग कई जगहों पर क्षतिग्रस्त हो गया है, और हेलीकॉप्टर सर्विस भी प्रभावित हुई है।
जम्मू-कश्मीर पुलिस और सेना की संयुक्त टीमें, साथ ही NDRF और SDRF के जवान बचाव कार्य में जुटे हैं। डिप्टी कमिश्नर रीशी कुमार ने बताया कि मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए JCB और अन्य मशीनरी का इस्तेमाल किया जा रहा है। “कई लोग घायल हैं, जिन्हें कटड़ा अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्थिति गंभीर है, लेकिन हम पूरी कोशिश कर रहे हैं,” उन्होंने कहा। मृतकों में पंजाब और हिमाचल प्रदेश के तीर्थयात्री शामिल हैं। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया, “अचानक पहाड़ से पत्थर गिरने लगे। लोग चीखने लगे, और देखते ही देखते सब मलबे में दब गया।”
यह हादसा डोडा और कठुआ में हुए क्लाउडबर्स्ट के बाद आया है, जहां पहले ही 10 से अधिक मौतें हो चुकी हैं। IMD ने जम्मू, कटरा, डोडा और आसपास के जिलों के लिए अगले 48 घंटों तक भारी वर्षा और भूस्खलन की चेतावनी दी है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्र सरकार से तत्काल सहायता की मांग की और प्रभावित परिवारों को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि घोषित की। गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर अब्दुल्ला से बात की और सेना की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात करने के निर्देश दिए।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं को वैकल्पिक मार्गों से लौटने की सलाह दी है, लेकिन भारी बारिश के कारण कई सड़कें बंद हैं। कटड़ा में हजारों तीर्थयात्री फंसे हुए हैं, जिनके लिए लंगर और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण हिमालयी क्षेत्रों में ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं, और यात्रा मार्गों को मजबूत करने की जरूरत है। बचाव कार्य जारी है, और अगले अपडेट का इंतजार है।
