ऑस्ट्रेलिया ने ईरान से तोड़े राजनयिक संबंध, ईरानी राजदूत को किया निष्कासित: PM अल्बानीज़ ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने का ऐलान किया
ऑस्ट्रेलिया ने ईरान से तोड़े राजनयिक संबंध, ईरानी राजदूत को किया निष्कासित: PM अल्बानीज़ ने IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने का ऐलान किया
कैनबरा: ऑस्ट्रेलिया ने ईरान के साथ राजनयिक संबंध खत्म करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। मंगलवार, 26 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री एंथनी अल्बानीज़ ने ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) को आतंकी संगठन घोषित करने की घोषणा की। इसके साथ ही, ईरानी राजदूत अहमद सादेगी को निष्कासित कर दिया गया और ऑस्ट्रेलिया ने तेहरान में अपने दूतावास की गतिविधियों को निलंबित कर वहां से अपने राजनयिकों को तीसरे देश में स्थानांतरित कर दिया। यह कदम ऑस्ट्रेलियाई खुफिया एजेंसी ASIO की उस जांच के बाद उठाया गया, जिसमें पाया गया कि ईरान ने ऑस्ट्रेलिया में कम से कम दो यहूदी-विरोधी हमलों को अंजाम दिया।
हमलों का विवरण और ASIO की खोज:
प्रधानमंत्री अल्बानीज़ ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन (ASIO) ने पुख्ता सबूतों के आधार पर पाया कि ईरान सरकार ने सिडनी में अक्टूबर 2024 को लुईस कॉन्टिनेंटल किचन और मेलबर्न में दिसंबर 2024 को अदास इस्राइल सिनागॉग पर आगजनी के हमलों को अंजाम दिया। ASIO के निदेशक-जनरल माइक बर्गेस ने कहा कि IRGC ने “कट-आउट्स” (तृतीय पक्षों) के जटिल नेटवर्क के जरिए इन हमलों को अंजाम दिया, जिसमें अपराधी तत्व शामिल थे, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई अपराधी गिरोहों की संलिप्तता नहीं थी। अल्बानीज़ ने इन हमलों को “ऑस्ट्रेलियाई धरती पर विदेशी राष्ट्र द्वारा असाधारण और खतरनाक आक्रामकता” करार देते हुए कहा कि यह सामाजिक एकता को कमजोर करने और अशांति फैलाने की कोशिश थी।
IRGC को आतंकी संगठन घोषित करने का फैसला:
अल्बानीज़ ने ऐलान किया कि ऑस्ट्रेलिया संसद में कानून बनाकर IRGC को आतंकी संगठन घोषित करेगा। IRGC, जो ईरान की सशस्त्र सेनाओं का सबसे शक्तिशाली हिस्सा है, पर लंबे समय से विदेशों में हमले करने का आरोप लगता रहा है। इसकी कुद्स फोर्स को पश्चिमी देशों ने स्थानीय उग्रवादियों और अपराधियों के जरिए हमले करने का जिम्मेदार ठहराया है। ऑस्ट्रेलियाई यहूदी समुदाय ने इस फैसले का स्वागत किया है, लेकिन साथ ही एक विदेशी ताकत द्वारा हमले की साजिश पर “आक्रोश” जताया।
राजनयिक संबंधों पर असर:
विदेश मंत्री पेनी वॉन्ग ने कहा कि यह ऑस्ट्रेलिया द्वारा द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पहली बार किसी राजदूत को निष्कासित करने का मामला है। हालांकि, कुछ राजनयिक चैनल खुले रखे जाएंगे ताकि ऑस्ट्रेलिया के हितों की रक्षा हो सके। वॉन्ग ने ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को ईरान की यात्रा न करने और वहां मौजूद लोगों को तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी। ऑस्ट्रेलिया ने यह भी सुनिश्चित किया कि तेहरान में उसके राजनयिकों की सुरक्षा के लिए उन्हें पहले ही तीसरे देश में स्थानांतरित कर दिया गया।
पृष्ठभूमि और क्षेत्रीय तनाव:
यह कदम इजराइल-हमास युद्ध शुरू होने के बाद से सिडनी और मेलबर्न में यहूदी-विरोधी घटनाओं में वृद्धि के बीच आया है। 7 अक्टूबर 2023 के बाद से ऑस्ट्रेलिया में यहूदी समुदाय पर हमले बढ़े हैं। हाल ही में, अल्बानीज़ द्वारा सितंबर 2025 में संयुक्त राष्ट्र महासभा में फिलिस्तीन राज्य को मान्यता देने की घोषणा के बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें “कमजोर राजनेता” कहकर तीखी आलोचना की थी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम ऑस्ट्रेलिया की यहूदी समुदाय के प्रति मजबूत रुख दिखाने की कोशिश का हिस्सा हो सकता है।
ईरान की प्रतिक्रिया:
ईरान सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। ASIO का कहना है कि वह अन्य यहूदी-विरोधी हमलों में IRGC की संभावित संलिप्तता की जांच कर रही है, लेकिन सभी हमलों में ईरान का हाथ होने का दावा नहीं किया गया।
ऑस्ट्रेलिया का यह कदम वैश्विक मंच पर मजबूत संदेश देता है कि वह अपनी धरती पर विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेगा। यह कदम क्षेत्रीय तनाव और वैश्विक कूटनीति पर भी असर डाल सकता है।
