टिम कुक और सैम ऑल्टमैन से क्यों भिड़े एलॉन मस्क: App Store विवाद में कोर्ट पहुंचा मामला
टिम कुक और सैम ऑल्टमैन से क्यों भिड़े एलॉन मस्क: App Store विवाद में कोर्ट पहुंचा मामला
नई दिल्ली: टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलॉन मस्क ने ऐप्पल के सीईओ टिम कुक और ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन के खिलाफ टेक्सास की फेडरल कोर्ट में एक सनसनीखेज मुकदमा दायर किया है। मस्क की कंपनी xAI ने ऐप्पल और ओपनएआई पर कथित तौर पर मिलीभगत कर उनकी कंपनियों X और xAI को दबाने का आरोप लगाया है। यह मुकदमा 25 अगस्त 2025 को दायर किया गया, जिसमें ऐप्पल के ऐप स्टोर में X और Grok जैसे ऐप्स को कथित तौर पर कम प्राथमिकता देने और अपडेट में देरी करने का दावा किया गया है।
मस्क का आरोप है कि ऐप्पल ने ओपनएआई के चैटजीपीटी को विशेष प्राथमिकता दी है, जिसे ऐप्पल ने अपनी सिरी और iOS सिस्टम में गहराई से इंटीग्रेट किया है। इससे iPhone यूजर्स के लिए चैटजीपीटी का उपयोग आसान हो गया, जबकि Grok जैसे अन्य चैटबॉट्स को समान कार्यक्षमता नहीं मिली। मुकदमे में कहा गया है कि यह “एंटी-कॉम्पिटिटिव साजिश” है, जो ऐप्पल के स्मार्टफोन मार्केट और ओपनएआई के चैटबॉट मार्केट में एकाधिकार को बढ़ावा देती है। मस्क का दावा है कि इससे उनकी कंपनी xAI को भारी नुकसान हुआ, क्योंकि Grok को ऐप स्टोर में टॉप रैंकिंग से बाहर रखा गया।
इसके अलावा, मस्क ने X पर 12 अगस्त को ऐप्पल पर निशाना साधते हुए कहा था कि ऐप स्टोर में X और Grok को ‘मस्ट हैव’ सेक्शन में जगह नहीं दी गई, जबकि चैटजीपीटी को प्राथमिकता दी गई। उन्होंने इसे “एंटीट्रस्ट उल्लंघन” बताया। जवाब में, सैम ऑल्टमैन ने X पर मस्क से पूछा कि क्या वह इस बात की शपथ लेंगे कि उन्होंने कभी ऐप रैंकिंग में बदलाव का निर्देश नहीं दिया।
यह विवाद मस्क और ऑल्टमैन के बीच पुरानी तल्खी का भी हिस्सा है। मस्क, जो 2015 में ओपनएआई के सह-संस्थापक थे, ने 2018 में कंपनी छोड़ दी थी। उन्होंने ओपनएआई पर गैर-लाभकारी मिशन से भटकने और माइक्रोसॉफ्ट के साथ साझेदारी कर लाभ केंद्रित बनने का आरोप लगाया है। मस्क ने इस साल की शुरुआत में सैन फ्रांसिस्को कोर्ट में ओपनएआई के खिलाफ एक और मुकदमा दायर किया था, जिसे बाद में वापस ले लिया गया।
मस्क के वकील अब इस “एंटी-कॉम्पिटिटिव व्यवहार” को रोकने और अरबों डॉलर के नुकसान की भरपाई की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, ओपनएआई ने इसे मस्क की “परेशान करने की आदत” करार दिया है। यह मामला AI और टेक इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा को लेकर गंभीर सवाल उठा रहा है।
