उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज: पांच खाली कुर्सियों के लिए विधायकों में बेचैनी, इन नामों की चर्चा
उत्तराखंड में मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज: पांच खाली कुर्सियों के लिए विधायकों में बेचैनी, इन नामों की चर्चा
देहरादून: उत्तराखंड की सियासत में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अगुवाई वाली सरकार जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार करने की तैयारी में है। 25 अगस्त 2025 को मुख्यमंत्री धामी और BJP प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने इसकी पुष्टि की, जिसके बाद विधायकों में मंत्रिपद की कुर्सी पाने की बेचैनी बढ़ गई है। धामी मंत्रिमंडल में वर्तमान में पांच पद खाली हैं, जिनमें चार लंबे समय से रिक्त हैं, और एक पद पूर्व संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद खाली हुआ।
BJP सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री धामी के हाल के दिल्ली दौरे में केंद्रीय नेतृत्व के साथ मंत्रिमंडल विस्तार पर अहम चर्चा हुई। शीर्ष नेतृत्व की हरी झंडी के बाद अगले कुछ दिनों में इसकी घोषणा हो सकती है। रविवार को धामी ने कई विधायकों से मुलाकात की, जिनमें गंगोलीहाट के फकीर राम टम्टा, रुद्रप्रयाग के भरत सिंह चौधरी, गंगोत्री के सुरेश चौहान, जागेश्वर के मोहन सिंह माहरा और दायित्वधारी कैलाश पंत व रजनी रावत शामिल थे।
किन विधायकों के नाम चर्चा में?
सियासी गलियारों में मंत्रिपद के लिए कई नाम उछल रहे हैं। इनमें पूर्व कैबिनेट मंत्रियों मदन कौशिक (हरिद्वार), खजानदास (राजपुर रोड), बंशीधर भगत (कालाढुंगी), बिशन सिंह चुफाल (डॉन), और अरविंद पांडेय (गदरपुर) का नाम प्रमुख है। इसके अलावा वरिष्ठ विधायकों में विनोद चमोली, मुन्ना सिंह चौहान, आदेश चौहान, प्रदीप बत्रा, सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, दिलीप सिंह रावत, भरत सिंह चौधरी, अनिल नौटियाल और पहली बार विधायक बने शिव अरोड़ा के नाम भी चर्चा में हैं।
क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों का ध्यान:
पार्टी सूत्रों का कहना है कि मंत्रिमंडल विस्तार में क्षेत्रीय और जातीय संतुलन को प्राथमिकता दी जाएगी। उत्तरकाशी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, चमोली और रुद्रप्रयाग जैसे जिलों से अभी कोई मंत्री नहीं है, जिसके चलते इन क्षेत्रों के विधायकों की संभावना बढ़ गई है।
क्यों हो रही देरी?
2022 में सरकार गठन के बाद से ही तीन मंत्रिपद खाली थे। 2023 में कैबिनेट मंत्री चंदन रामदास के निधन और हाल में प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे से खाली पदों की संख्या पांच हो गई। सूत्रों के अनुसार, 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए BJP संगठन और सरकार दोनों एकजुटता दिखाने की कोशिश में हैं।
BJP प्रदेश प्रवक्ता नवीन ठाकुर ने कहा, “मंत्रिमंडल विस्तार जल्द होगा, और यह संगठन व सरकार के लिए मजबूती का कदम होगा।” इस बीच, विपक्षी कांग्रेस ने इसे BJP की अंदरूनी कलह का नतीजा बताया और कहा कि विधायकों की बेचैनी सरकार की अस्थिरता को दर्शाती है।
