निक्की हत्याकांड: ग्रेटर नोएडा में पुलिस का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में पति जख्मी, सास गिरफ्तार- जानिए अब तक क्या हुआ
निक्की हत्याकांड: ग्रेटर नोएडा में पुलिस का बड़ा एक्शन, एनकाउंटर में पति जख्मी, सास गिरफ्तार- जानिए अब तक क्या हुआ
ग्रेटर नोएडा, 24 अगस्त 2025: उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में 28 वर्षीय निक्की भाटी की दहेज के लिए बेरहमी से हत्या के मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस जघन्य अपराध में निक्की को उसके पति विपिन भाटी और सास दया ने कथित तौर पर पीटने के बाद ज्वलनशील पदार्थ डालकर जिंदा जला दिया। पुलिस ने इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए विपिन को एनकाउंटर में घायल करने के बाद गिरफ्तार किया, जबकि सास दया को भी हिरासत में ले लिया गया है। इस मामले में अब तक की कार्रवाइयों और घटनाक्रम ने जनता में गुस्सा और सनसनी फैला दी है।
क्या है निक्की हत्याकांड?
निक्की भाटी और उनकी बड़ी बहन कंचन की शादी 10 दिसंबर 2016 को सिरसा गांव, ग्रेटर नोएडा में विपिन और उनके भाई रोहित भाटी के साथ हुई थी। कंचन के अनुसार, शादी के छह महीने बाद से ही ससुराल वाले दोनों बहनों को 36 लाख रुपये की दहेज मांग के लिए प्रताड़ित करने लगे। निक्की के पिता भिखारी सिंह पायला ने बताया कि उन्होंने शादी में स्कॉर्पियो SUV, रॉयल एनफील्ड बाइक, नकदी और सोना सहित सभी मांगें पूरी की थीं, फिर भी ससुराल वालों की लालच खत्म नहीं हुई।
21 अगस्त 2025 की रात, निक्की को उसके पति विपिन, सास दया, ससुर सत्यवीर और देवर रोहित ने कथित तौर पर बेरहमी से पीटा और ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा दी। इस भयावह घटना का गवाह निक्की का छह साल का बेटा भी बना, जिसने पुलिस को बताया, “पापा ने मम्मी पर कुछ डाला, थप्पड़ मारा और लाइटर से आग लगा दी।” कंचन ने इस घटना का वीडियो बनाया, जिसमें विपिन और दया निक्की को बालों से घसीटते और मारते दिख रहे हैं। एक अन्य वीडियो में निक्की जलती हुई सीढ़ियों से लंगड़ाते हुए नीचे आती दिखी। पड़ोसियों की मदद से उसे फोर्टिस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई।
पुलिस की कार्रवाई और एनकाउंटर
कंचन की शिकायत के आधार पर, कासना पुलिस स्टेशन में विपिन, दया, सत्यवीर और रोहित के खिलाफ हत्या, आपराधिक साजिश और दहेज उत्पीड़न के आरोप में FIR दर्ज की गई। 23 अगस्त को विपिन को गिरफ्तार किया गया। 24 अगस्त को पुलिस उसे उस ज्वलनशील पदार्थ की बोतल बरामद करने के लिए सिरसा चौक ले गई, जिसका इस्तेमाल निक्की को जलाने में किया गया था। इस दौरान विपिन ने एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल छीनकर भागने की कोशिश की और पुलिस पर गोली चलाने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने गोली चलाई, जिसमें विपिन के पैर में गोली लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां वह पुलिस निगरानी में है।
विपिन ने अस्पताल में मीडिया से बात करते हुए बेशर्मी से कहा, “मैंने कुछ नहीं किया। वह खुद मर गई। पति-पत्नी में झगड़ा आम बात है। मुझे कोई पछतावा नहीं है।” इस बयान ने जनता में और आक्रोश भड़का दिया। उसी दिन, पुलिस ने दूसरी बड़ी कार्रवाई करते हुए निक्की की सास दया को गिरफ्तार कर लिया। दया पर निक्की को जलाने में सहयोग करने का आरोप है। ससुर सत्यवीर और देवर रोहित अभी फरार हैं, और उनकी तलाश के लिए पुलिस ने दो टीमें गठित की हैं।
परिवार और जनता का गुस्सा
निक्की के पिता भिखारी सिंह पायला ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कहा, “वे हत्यारे हैं। उन्हें गोली मार देनी चाहिए और उनका घर बुलडोजर से ढहा देना चाहिए।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपिन का किसी अन्य महिला के साथ संबंध था, जिसके कारण वह निक्की को रास्ते से हटाना चाहता था। निक्की की मां संजू ने कहा, “मेरी बेटी को बहुत दर्द में मारा गया। हत्यारों को फांसी दी जाए।”
निक्की और कंचन एक मेकअप स्टूडियो चलाती थीं, लेकिन ससुराल वाले उनकी कमाई भी हड़प लेते थे। कंचन ने बताया कि उसे भी उसी रात 1:30 से 4:00 बजे तक पीटा गया और ससुराल वालों ने कहा, “एक का दहेज मिल गया, दूसरी का क्या? तुम मर जाओ, हम फिर शादी करेंगे।” कासना पुलिस स्टेशन के बाहर निक्की के परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया, जिसमें “निक्की को इंसाफ दो” के नारे गूंजे।
अब तक की जांच और अगले कदम
पुलिस ने ज्वलनशील पदार्थ की बोतलें बरामद कर ली हैं और पोस्टमॉर्टम के बाद निक्की के अंतिम संस्कार किए गए। विपिन को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। ग्रेटर नोएडा के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (ADCP) सुधीर कुमार ने कहा, “हमने सबूत बरामद किए हैं और बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।”
इस मामले ने दहेज प्रथा की क्रूरता को फिर से उजागर किया है। निक्की का छह साल का बेटा, जो अब अपनी मौसी कंचन की देखरेख में है, इस भयावह घटना का गवाह बना। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो और जनता के आक्रोश ने उत्तर प्रदेश सरकार पर दबाव बढ़ा दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले में कठोर कार्रवाई के लिए जनता की मांग तेज हो रही है।
