उत्तराखंड में फिर से भारी बारिश का अलर्ट, इन जिलों में कल बंद रहेंगे सभी स्कूल
देहरादून, 24 अगस्त 2025: उत्तराखंड में मानसून का कहर एक बार फिर जोर पकड़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD), देहरादून ने 25 अगस्त 2025 के लिए चमोली और उत्तरकाशी जिले सहित राज्य के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी के मुताबिक, चमोली में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और भूस्खलन की संभावना भी जताई गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए चमोली और उत्तरकाशी में 25 अगस्त को कक्षा 1 से 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय और निजी स्कूलों के साथ-साथ आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया है।
जिला मजिस्ट्रेट और आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, चमोली के आदेश के अनुसार, यह निर्णय संभावित भूस्खलन, सड़क अवरोध, जलभराव और तेज जल प्रवाह जैसे जोखिमों को देखते हुए लिया गया है। प्रशासन ने मुख्य शिक्षा अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी को आदेशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पुलिस अधीक्षक, उप जिलाधिकारी और आपदा प्रबंधन अधिकारियों को भी सूचित कर दिया गया है ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 24 घंटों में चमोली के कुछ क्षेत्रों में भारी बारिश के साथ तूफान और बिजली गिरने की आशंका है। इसके अलावा, राज्य के अन्य जिलों जैसे बागेश्वर, पिथौरागढ़, नैनीताल, रुद्रप्रयाग और पौड़ी में भी भारी बारिश का अनुमान है, हालांकि अभी तक इन जिलों से स्कूल बंदी के आदेश की पुष्टि नहीं हुई है।
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि वे नदियों, नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें और अनावश्यक यात्रा से बचें। जिला प्रशासन ने कहा, “छोटी सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।” आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ को सक्रिय कर दिया गया है, और जेसीबी मशीनें भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में तैनात की गई हैं।
इससे पहले, अगस्त में उत्तराखंड के कई जिलों जैसे पौड़ी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, हरिद्वार और उधमसिंह नगर में भारी बारिश के कारण स्कूल बंद किए गए थे। हाल की बारिश और भूस्खलन से उत्तरकाशी के धराली, स्यानाचट्टी और पौड़ी में भारी नुकसान हुआ है, जिसने प्रशासन को और सतर्क कर दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए हैं।
उत्तराखंड में बारिश से जनजीवन पहले ही प्रभावित है, और यह नया अलर्ट अगस्त के आखिरी सप्ताह को और चुनौतीपूर्ण बना सकता है। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग के अपडेट्स पर नजर रखने और आपदा नियंत्रण कक्ष से संपर्क करने की सलाह दी है।
